UPCM मंत्रिमंडल के गन्ना मंत्री के मार्गदर्शन में चीनी मिलों के शीघ्र संचालन हेतु कार्य योजना बनायी गयी

उत्तर प्रदेश।
UPCM के निर्देशानुसार इस वर्ष गन्ना विभाग द्वारा गन्ना किसानों की सुविधा के दृष्टिगत चीनी मिलों का समय से संचालन कराने के निर्देश दिये गये थे, जिससे गन्ना किसान अपने गन्ने की समय से आपूर्ति चीनी मिलों को सुनिश्चित कर रबी फसलों विशेषकर गेहूँ की बुवाई हेतु अपना खेत खाली कर सकें और समय से गेहूँ और अन्य जरूरत की रबी फसलों की बुवाई कर अधिकतम उत्पादन प्राप्त कर सकें।

गन्ना मंत्री सुरेश राणा के मार्गदर्शन में चीनी मिलों के शीघ्र संचालन हेतु कार्य योजना बनायी गयी जिसके फलस्वरूप प्रदेश में पेराई सत्र 2018-19 में संचालन हेतु प्रस्तावित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 4 परिक्षेत्रों सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद व बरेली की 73 चीनी मिलों के द्वारा ब्वालयर फायरिंग/पूजन की तिथि, इन्डेन्ट जारी करने, संचालन हेतु मूहूर्त एवं मिल संचालन की तिथि की सूचना विभाग को उपलब्ध करा दी है।

प्रदेश में सर्वप्रथम मेरठ परिक्षेत्र की मोदीनगर शुगर मिल द्वारा कृषकों को तौल हेतु 25 अक्टूबर, का इण्डेन्ट जारी करते हुये किसानों को इण्डेन्ट के अनुसार पर्चियां उपलब्ध करा दी गई है और 27 अक्टूबर, 2018 से पेराई कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा।

गन्ना आयुक्त संजय भूसरेड्डी ने बताया कि सहारनपुर परिक्षेत्र की अधिकतर चीनी मिलों द्वारा ब्वायलर फायरिंग कर दी गयी है और 30 अक्टूबर, 2018 तक इन्डेन्ट जारी करते हुये दीपावली के पूर्व मिल संचालन कर दिया जायेगा। मेरठ परिक्षेत्र की भी अधिकतर चीनी मिलों द्वारा 01 अक्टूबर, 2018 से ब्वायलर फायरिंग करते हुये अक्टूबर माह के अन्तिम सप्ताह में इन्डेन्ट जारी करते हुए नवम्बर माह के प्रथम सप्ताह तक मिल संचालन कर दिया जायेगा।

मुरादाबाद परिक्षेत्र की अधिकतर चीनी मिलों द्वारा भी अक्टूबर,2018 के द्वितीय सप्ताह से ब्वायलर फायरिंग प्रारम्भ कर दी गई है व 30 अक्टूबर, 2018 तक प्रथम इन्डेन्ट जारी करने की तिथि प्रदान की गई है और माह अक्टूबर, 2018 के अन्तिम सप्ताह से मूहूर्त पूजन की तिथियों के साथ दीपावली के आस-पास मिल चलाना सुनिश्चित किया जायेगा।

बरेली परिक्षेत्र की अधिकतर चीनी मिलों द्वारा 10 अक्टूबर, 2018 से ब्वायलर पूजन शुरू कर दिया गया है और 26 अक्टूबर, 2018 से इन्डेन्ट जारी करना शुरू कर दिया जायेगा एवं नवम्बर में दीपावली पर्व के आस-पास पेराई कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा।

चीनी मिलें शीघ्र संचालित होने से गन्ना किसानों के पेड़ी गन्ने की समय से आपूर्ति होने के फलस्वरूप आगामी रबी फसलों की बुवाई हेतु खेत खाली हो सकेंगे और किसान अपनी इच्छानुसार विशेषकर गेहूँ फसल की समय से बुआई कर पायेंगे। रबी फसलों की समय से बुवाई होने से उनका उत्पादन भी अच्छा होने की संभावना जो गन्ना किसानों की आमदनी दोगुना करने में सहायक सिद्ध होगा।

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