UPCM NEWS, उप-राष्ट्रपति ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय परिसर में नवनिर्मिंत एनेक्सी भवन का लोकार्पण किया

उत्तर प्रदेश (इलाहाबाद)।
UPCM NEWS, उप-राष्ट्रपति एम. वैंकैया नायडू ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में नवनिर्मित एनेक्सी भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया।

इस अवसर पर इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन हाॅल में आयोजित कार्यक्रम का उप-राष्ट्रपति ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उप-राष्ट्रपति ने कहा कि प्रयाग की पवित्र एवं पावन भूमि पर आकर एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के नवनिर्मित एनेक्सी भवन का लोकार्पण करते हुए उन्हें बहुत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के गौरवशाली इतिहास की सराहना करते हुए कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के गौरव को बढ़ाने में कई महान विभूतियों का महान योगदान रहा है।

उप-राष्ट्रपति ने इस अवसर पर महामना पं. मदन मोहन मालवीय, पं. जवाहर लाल नेहरू, कैलाश नाथ काटजू, गोपाल स्वरूप पाठक, तेज बहादुर सप्र्रू, आर.एस. पाठक, कन्हैया लाल मिश्र, बी.एन. खरे सहित अन्य महान विभूतियों के योगदान की चर्चा की। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि त्वरित, सहज एवं सस्ता न्याय दिलाने में आधारभूत सुविधाओं एवं संसाधनों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में उच्च न्यायालय में नवनिर्मित एनेक्सी भवन के निर्माण से न्याय प्रक्रिया में और तेजी आयेंगी। उन्होंने कहा कि रूल आॅफ लाॅ भारतीय संविधान की आत्मा है। लोगों को सरल, सस्ता एवं शीघ्र न्याय मिले यही न्याय की संकल्पना है। उन्होंने लोगों को अधिक सुविधापूर्ण एवं सरलता से न्याय मिले इसके लिए ग्राम न्यायालय की स्थापना की दिशा में भी प्रसास किये जाने पर बल दिया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि न्यायालयों एवं सरकारी कार्यों में मातृभाषा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विचारो एवं भावों को व्यक्त करने में मातृभाषा सबसे सशक्त माध्यम के रूप में होती है। उन्होंने न्यायालयों में रिक्त पदों को भरने की आवश्यकता पर बल दिया।

उप-राष्ट्रपति ने मुकदमों के त्वरित निस्तारण एवं लम्बित मुकदमों के निस्तारण में लोक अदालतों, ग्राम अदालतों एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट को महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में प्रयोग में लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने साईबर अपराध के बारे में भी चर्चा की। उप राष्ट्रपति ने कहा कि न्यायपालिका का हमारे लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने में अहम भूमिका है। उन्होंने आज के दौर में न्यायपालिका में सूचना तकनीकि को आधुनिक संसाधन के रूप में प्रयोग में लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे पारदर्शी एवं त्वरित न्याय दिलाने में मदद मिल सकती है। आयोजित कार्यक्रम में उप-राष्ट्रपति ने न्यूज लेटर वैलूम टू एवं न्यायालय से प्रकाशित स्मारिका टू का विमोचन किया।

इस अवसर पर राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि उच्च न्यायालय में नवनिर्मित एनेक्सी भवन से लोगों को सहज एवं त्वरित न्याय मिलने में और सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोगो को त्वरित न्याय मिले इसके लिए संसाधनों का होना आवश्यक है। राज्यपाल ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के गौरवशाली इतिहास के बारे में भी अपने विचार व्यक्त किये।

UPCM ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि न्याय के मंदिर में और प्रयागराज की धरती पर उप राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए मुझे असीम प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों के अन्दर ही दुनिया के सबसे सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मेले के रूप में कुम्भ का आयोजन होने जा रहा है। जिसके लिए तैयारियां त्वरित गति से हो रही है।

UPCM ने कहा कि रूल आॅफ लाॅ कल्याणकारी राज्य का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था एवं न्यायिक व्यवस्था में आम जन को न्याय सुगमता एवं सहजता से मिल सके, इस दिशा में सरकार आवश्यक कदम उठाते हुए न्यायालयों में संसाधनों एवं सुविधाओं को उपलब्ध कराने में निरन्तर प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में तेजी से कार्य किये जा रहे है, यह एक शुभ संदेश है। उन्होंने कहा कि गरीबा, वंचितों, शोषितों एवं अन्तिम पायदान पर खड़े हुए व्यक्तियों को सहज, सरल एवं सस्ता न्याय मिले, इसके लिए हम सबकों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अधीनस्थ न्यायालयों में सरकार के द्वारा आवश्यक संसाधनों एवं सुविधाओं को उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। UPCM ने कहा कि उच्च न्यायालय में नवनिर्मित भवन से लोगो को और तेजी से न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि न्यायग्राम की स्थापना को मूर्त रूप प्रदान करने में सरकार के द्वारा निरंतर प्रसास किया जा रहे है।

इस अवसर पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति डी.बी. भोसले ने अपने सम्बोधन में कहा कि नवनिर्मित भवन का निर्माण रिकाॅर्ड समय में हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे लोगो को न्याय मिलने में और तेजी आयेंगी। उन्होंने इस भवन के निर्माण में सरकार के द्वारा दिये सक्रिय सहयोग की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि न्याय प्रक्रिया को सहज, सरल एवं दु्रतगामी बनाने के लिए संसाधनों का होना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस नवनिर्मित भवन में कोर्ट रूम के अलावा 20 हजार वर्ग फीट का एक हाॅल भी बना हुआ है जो पूर्णतः वातानुकूलित है। जिसका उपयोग रिकार्ड रूम के रूप में किया जायेगा। इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति विनीत सरन, पंजाब एवं हरियाण उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर UP_Dy_CM केशव प्रसाद मौर्य, विधि मंत्री बृजेश पाठक, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह सहित अन्य न्यायमूर्तिगण के अलावा काफी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।








