UPCM योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर मण्डल की कानून व्यवस्था की समीक्षा की

सहारनपुर (29 जून 2019)।
UPCM योेगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर मण्डल की कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक सर्किट हाउस के सभागार में की। उन्होने इस मौके पर कहा कि अपराध के आंकडे डाउन फाॅल की तरफ होने चाहिए। साथ ही पूरी समाप्ति की ओर होने चाहिए।

उन्होने कहा कि मण्डल में सन् 2018 की तुलना में अभी भी अपराध और हत्याओं के मामले मे कमी नही आयी है। उन्होने इन मामलों को न्यूनतम स्तर पर लाने के निर्देश दिये। उन्होने यह भी कहा कि अपहरण व वाहन चोरी के मामलों मे भी जितना सुधार दिखना चाहिए वह नही दिख रहा है। उन्होने कहा कि अपराध कम तो हुए है लेकिन पूरी तरह से समाप्त नही हुए है। अपहरण से जुडी समस्याओं पर भी आंकडों को न्यूनतम स्तर नही ला पाए है। जबकि सरकार ने समयबद्ध कार्यक्रम पहले ही तय कर लिया था। कुछ चीजें ऐसी होती है, जिसको लेकर हम लोगो को हमेशा सचेत रहना पडता है। हमें फ्रन्ट फुुट पर रखकर इस लडाई को लडनी होगी।

मुख्यंत्री ने प्रयागराज के कुम्भ में की गयी बेहतरीन कानून व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि पहली बार इतनी भारी संख्या में लोग आये। कुम्भ में बेहतरीन टैक्नोलोजी का उपयोग करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराया गया। प्रयागराज में कुम्भ के दौरान प्रोफेसनल पुलिस को बढावा दिया। पुलिस ने प्रोफेशनल तरीके से वहा पर कार्य किया। जिसके चलते दुनिया के सबसे बडे आयोजन को हम सकुशल सम्पन्न कराने में सफल हुए। हमारे लिये प्रत्येक जनपद कुम्भ है। अपराध की प्रवत्ति पर तात्कालिक नही दीर्घकालिक रोक लगायी जाये। महिला संबंधी अपराध, नाबालिक बालिका के साथ दुष्क्रम करके उसकी हत्या करने एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति से जुडे हुए अपराध पर समय पर फौरन प्रभावी कार्यवाही की जाये। छोटी सी लापरवाही हम सबको बैकफुट पर लाने में मजबूर कर देती है। उन्होने कहा कि यह चैतावनी है, हम सबके लिए। छोटी सी लापरवाही शासन को कटघरे में खडा कर देता है। मीडिया ट्रायल बने, उसके पहले ही हमे सारी स्थिति स्पष्ट कर देनी चाहिए। उन्होने कहा कि जिला अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की सामुहिक जिम्मेदारी बनती है कि कहंी पर भी कोई घटना घटित न होने पाए। अगर छुटपुट घटनाएं घटित भी होती है तो पुलिस एक्टिव रोल में रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया ब्रीफिंग अवश्य होनी चाहिए। मीडिया के समक्ष स्पष्ट रूप से अपनी बात रखनी चाहिए। कई बार घटना को तोड मरोड कर रख दिया जाता है। ऐसी स्थिति में अपर पुलिस महा निदेशक, आई.जी., कमिश्नर, जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीडिया के समक्ष अपनी बात रखें। समय पर अपनी बात नही कहने पर व सतर्क नही रहने पर ही सोशल मीडिया द्वारा भी जोर शोर से अनर्गल प्रचार-प्रसार किया जाता है। उन्होने कहा कि मीडिया ब्रीफिंग बहुत जरूरी है। यह भी कहा कि हम जितने अच्छे काम करेंगे, इसके बावजूद भी विरोधी सक्रिय रहेंगे और आपको कटघरे में खडा करेंगे। उन्होने ताजा उदाहरण देते हुए कहा कि आज-कल विरोधी पश्चिम में पलायन का मुद्दा बना रहे है। मीडिया में यह बात आ रही है कि उ.प्र. में लोग पलायन कर रहे है। जबकि हर व्यक्ति सुरक्षित महसूस कर रहा है। यह भी कहा कि प्रशासन की सामुहिक जिम्मेदारी बनती है कि किसी का पलायन न हो। उन्होने साफ तौर पर कहा है कि उदण्डता, अव्यवस्था, अराजकता किसी भी दशा में स्वीकार नही होगी। सभी को सुरक्षा देना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होने चैतावनी देते हुए कहा कि किसी भी साजिश को बेनकाब करना होगा। आपके अच्छे कामों को विरोधी फर्जी न्यूज के मामले से भरना चाहते है।

मुख्यमंत्री ने पुलिस के आला अफसरों को नसीहत देेते हुए कहा कि हर थाना क्षेत्र में इस बात का सर्वे किया जाये कि कौन सी आबादी कम हुयी है। यह रिपोर्ट हर एक थाना क्षेत्र से आनी चाहिए। हमारे पास इंटलीजेंस के माध्यम काफी है फिर भी नही कर पा रहे है। उन्होने कहा कि थानों का गांव से भी सम्पर्क रहना चाहिए। जनप्रतिनिधि एवं विधायकगण जनता से सीधे टच में रहते है, उनकी शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए मेरिट के आधार पर निस्तारण करायें। इससे गांव से सम्पर्क में रहने पर क्या-क्या समस्याऐं है सारी चीजें सामने आ जायेंगी।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को हर थाने की समीक्षा हर सप्ताह करने के निर्देश दिये। अपराध की प्रवत्ति की जानकारी रखें व थाने में क्या हो रहा है इसकी भी जांच करें। जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर संवाद बनाऐं। एक घण्टे कम से कम जनता को दें। उनकी समस्याअेां का निस्तारण करें। थाने स्तर की साप्ताहिक बैठक भी हर एक जनपद के अन्दर पुलिस कप्तान जरूर करें। चार्ज शीट समय पर दाखिल करें। उन्होने कहा कि समाज के लिए खतरा व चुनौती बनने वाले जनपद स्तरीय अपराधियों की सूची बनाकर मा0 जिला जज के यंहा होने वाली मानीटरिंग कमैटी के माध्यम से फास्ट ट्रैक मे निराकरण करायें। विगत एक वर्ष के अन्दर घटित हुयी घटनाओं को चिन्हित करते हुए फास्ट ट्रैक के माध्यम से निराकरण करायें। अपराधी को समय पर सजा नही होगी तो उसके अन्दर भय नही होगा। अपराध के आंकडे न्यूनतम स्तर पर दिखने चाहिए। उन्होने कहा कि 23 करेाड आबादी के सामने हम 23 करोड पुलिस नही भरती कर सकते। पुलिस की अगर धमक नही है तो यह उम्मीद करना बेमानी है कि कानून व्यवस्था आपके हाथ में है। यूनिफार्म के भय के लिए बेहतर कार्य पद्धति परिलक्षित होनी चाहिए। उन्होने कहा कि हर थाना क्षेत्र में टाॅप टेन की सूची बनाकर कार्यवाही की जाये।

उन्होने फुट पैट्रोलिंग में तेजी लाने व पैदल चलते हुए लोगो से मिलने पर भी जोर दिया है। फुट पैट्रोलिंग के माध्यम से आम जनता में विश्वास पैदा किया जाये। साथ ही कहा कि फुट पैट्रोलिंग के लिए हमे रूटीन कार्यक्रम बनाना होगा। उन्होने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि यू.पी. 100 उपलब्ध है तो यह अपराध क्यों हो रहे है? उन्होने बाइकर्स गिरोह के खिलाफ ठोस कार्यवाही करने के निर्देश दिये है । साथ ही रैण्डम चैकिंग करते हुए फ्रन्ट फुट पर आ कर के अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि अवैध बूचडखाने चलेंगे तो आप गो तस्करी को रोक नही पायेंगे। उन्होने कहा कि गो तस्करी न होने पाये।

उन्होने एन्टी भू-माफिया, अवैध खनन, अवैध शराब और मादक द्रव्यों पर कठोरता से अंकुश लगाने के निर्देश दिये है। साथ ही भ्रष्ट और अपराधियों से सांठ गंाठ करने वाले पुलिस को चिन्हित करते हुए ठोस कार्यवाही करने की बात कही है। उन्होने अवैध खनन के मामले में मण्डल में किसी बडे माफिया के खिलाफ क्या-क्या कार्यवाही हुयी मण्डल के तीनों जिलाधिकारियों से जानकारी हासिल की। साथ ही कहा कि अवैध खनन करने वाले खनन माफिया की सम्पत्ति को जब्त करें। ओवर लोडिंग रोकें। पास्को धारा का उपयोग करते हुए कार्यवाही की जाये। उन्होने कहा कि अवैध शराबों की जांच जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टीम बनाकर करें। ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करें जंहा से आ रही हो। मुनाफा कमाने के चक्कर में जो लोग जनता के साथ खिलवाड कर रहे है उन पर प्रभावी अंकुश लगायेें। प्रत्येक थाना क्षेत्र में टाप टेन की सूची तेैयार करें। अपराधी को समय पर सजा मिले।

उन्होने ट्रैफिक की सुदृढ व्यवस्था बनाने की बात कही है। नकाब लगाने वाले जितने भी बाइकर्स हों उनको चिन्हित करते हुए शक्ति से निपटा जाये। वाहन के ग्लास में काला शीशा पाये जाने पर कार्यवाही करें। जंहा पर सडक के माध्यम से बडी घटनायें हो रही है ऐसे ब्लेक स्पाट को चिन्हित करें। फेरी नीति के तहत जिन दुकानदारों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है उनको व्यवस्थित ढंग से पुनर्वास करें। आने वाले समय में इन व्यापारियों को पेंशन स्कीम से भी जोडा जा सकता है। एन्टी भूमाफियाओं के खिलाफ सामुहिक प्रयास होने चाहिए। एक जुलाई से स्कूल खुलेंगे। एन्टी रोमियो स्क्वायड के माध्यम से छात्रों को छेडखानी करने वाले को चिन्हित करते हुए कार्यवाही की जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला जागरूकता से संबंधित हैण्ड बिल तैयार करके उसे प्रत्येक स्कूल, कालेज में वितरित करायें। छात्रों व बच्चियों को 1090 वीमेन पावर लाईन के बारे में बतलायें। उन्होने कहा कि कंही से भी यह शिकायत नही आनी चाहिए कि कोई बालिका असुरक्षा के चलते स्कूल नही आ रही है। उन्होने कहा कि अपर पुलिस महा निदेशक भी पुलिस लाईन का औचक निरीक्षण करें। यह भी कहा कि ऐसे अधिकारी जो पैसे का लेन देन कर रहें हो उनको चिन्हित करते हुए शासन को रिपोर्ट पे्रषित की जाये। भ्रष्ट पुलिस कर्मियो को चिन्हित करते हुए समय से पहले घर भेजने की तैयारी की जाये। अपराध और अपराधियों दोनेा के प्रति इच्छा शक्ति के साथ काम करने के लिए तैयार रहें। कानून राज की स्थापना प्रभावी पुलिसिंग के माध्यम से ही सम्भव है। आने वाले कांवड यात्रा जिला प्रशासन और पुलिस दोनेा मिलकर सफलता पूर्वक सम्पन्न करायें। अराजकता और गुण्डागर्दी बरदास्त नही की जायेगी। अतिक्रमण हटायें, साथ ही पटरी व्यवसायियों को पहले से ही पुनर्वास करायें।

इस मौके पर उन्होने तीनो जनपदों की कानून व्यवस्था की बारी-बारी से जानकारी ली।

इस मौके पर भारत सरकार के पशुपालन राज्य मंत्री संजीव कुमार बालियान, राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, गन्ना विकास एवं चीनी मिलें राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धरम सिंह सैनी, पंचायतीराज राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भूपेन्द्र सिंह चौधरी, देवबन्द से विधायक देवेन्द्र निम, विधायक कुंवर बृजेश सिंह, सदस्य विधान परिषद विरेन्द्र सिंह आदि के अलावा मण्डलायुक्त संजय कुमार, प्रशान्त कुमार अपर पुलिस महा निदेशक, तीनों जिलाधिकारी मौजूद रहे।

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