UPCM ने साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लाण्ट स्थापित करने की इच्छुक कम्पनियों के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने लोक भवन में प्रदेश में साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लाण्ट स्थापित करने की इच्छुक कम्पनियों की परियोजनाओं के सम्बन्ध में किए गए प्रस्तुतिकरण के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किये। उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट-2018 के सफल आयोजन के बाद से निजी निवेशक प्रदेश में निवेश के लिए लगातार आकर्षित हो रहे हैं। निवेशकों के लिए राज्य सरकार सुविधाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन से ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को सहायता मिलेगी। साथ ही, साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लाण्टों की स्थापना से ऊर्जा भी उपलब्ध हो सकेगी।

UPCM ने कहा है कि राज्य सरकार नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के लिए प्रतिबद्ध है। इस सम्बन्ध में नीति प्रख्यापित की जा चुकी है। राज्य सरकार की साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट पाॅलिसी के तहत PPP माॅडल पर कार्य करने की इच्छुक कम्पनियों को प्रदेश में प्लाण्ट स्थापित किए जाने के लिए सुविधाएं मुहैया करायी जाएंगी।
UPCM ने इस अवसर पर साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लाण्ट स्थापित करने की इच्छुक कम्पनियों के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया। इस प्रस्तुतिकरण में 5 कम्पनियों ने भाग लिया। ये कम्पनियां थीं- जी.सी., आई.एल. एण्ड एफ.एस., ए.जी. डाॅटर्स, ए.आर. चैलेंजेज़ और इनोवेटिव इण्डस्ट्रियल चैलेंजेज़। इन कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने अपनी परियोजनाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

UPCM ने इन परियोजनाओं की व्यावहारिकता और संभाव्यता के सम्बन्ध में सम्यक विचारोपरान्त आवश्यक कार्यवाही किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आर.के. सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कम्पनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








