UPCM ने ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के कार्यों की समीक्षा की
लखनऊ (12 जून, 2019)। UPCM ने लोक भवन में ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया और उनके कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विद्युत आपूर्ति में लाइन लाॅसेज़ को कम करने के निर्देश देते हुए कहा कि खराब ट्रांसफाॅर्मरों की मरम्मत शीघ्रता से की जाए और आवश्यकता पड़ने पर इनको तुरन्त बदला जाए।
UPCM ने लो वोल्टेज और वोल्टेज फ्लक्चुएशन की समस्या का समाधान करते हुए उपभोक्ताओं को गुणवत्तापरक विद्युत आपूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को सही बिल दिया जाए और इसकी वसूली समयबद्धता के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के आवासों पर विद्युत मीटरों को स्थापित करने के कार्य में तेजी लायी जाए और इनसे समय से सही बिल देते हुए इसकी वसूली की जाए।
UPCM ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश के प्रस्ताव आए हैं। ऐसे में उद्योगों को काफी मात्रा में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। अतः भविष्य में विद्युत की मांग में बढ़ोत्तरी का आकलन करते हुए इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने UPCM के समक्ष उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन काॅरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीटीसीएल), उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL), उत्तर प्रदेश पावर काॅरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के प्रस्तुतिकरण किए। उन्होंने UPPTCL की उपलब्धियों एवं कार्य योजना पर प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि मई, 2019 तक ग्रिड कैपेसिटी के निर्धारित लक्ष्य 23,500 मेगावाॅट के विरुद्ध 24,000 मेगावाॅट क्षमता प्राप्त हुई। इसी तरह मई, 2019 में आयात क्षमता के निर्धारित लक्ष्य 11,500 मेगावाॅट के विरुद्ध 12,850 मेगावाॅट का लक्ष्य हासिल किया गया। उन्होंने वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 में उपकेन्द्रों के निर्माण के सम्बन्ध में भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने वर्ष 2019-20 में स्वीकृत/प्रारम्भ किए जाने वाले उपकेन्द्रों के विषय में भी UPCM को अवगत कराया। उन्होंने वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 की कार्य योजना के विषय में भी अवगत कराया।
प्रमुख सचिव ऊर्जा ने यूपीआरवीयूएनएल की उपलब्धियों एवं कार्य योजना पर प्रस्तुतिकरण देते हुए मुख्यमंत्री जी को वित्तीय वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 की उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने वर्ष 2019-20 की कार्य योजना के सम्बन्ध में UPCM को अवगत कराया कि इस अवधि के लिए विद्युत उत्पादन का लक्ष्य 32,208 मिलियन यूनिट निर्धारित किया गया है। विद्युत उत्पादन लागत का लक्ष्य 03 रुपए 05 पैसे प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में कुल 07 इकाइयों की ओवरहाॅलिंग भी प्रस्तावित है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए विद्युत उत्पादन का लक्ष्य 33,580 मिलियन यूनिट निर्धारित किया गया है। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2021-22 में नये पर्यावरण सम्बन्धी मानकों के अनुपालन में यूपीआरवीयूएनएल द्वारा प्रस्तावित कार्यों की स्थिति के विषय में भी UPCM को जानकारी दी। उन्होंने आगामी वर्षों की नवीन परियोजनाओं की कार्य योजनाओं के विषय में भी UPCM को अवगत कराया।
आलोक कुमार ने यूपीपीसीएल के कार्य-कलापों के विषय में UPCM को बताया कि प्रदेश में मार्च, 2017 के बाद से विद्युत आपूर्ति में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि मार्च, 2017 में जहां ग्रामीण क्षेत्र में लगभग साढ़े पन्द्रह घण्टे विद्युत आपूर्ति हो रही थी, वहीं मार्च, 2018 में यह बढ़कर साढ़े सत्रह घण्टे हो गई। जबकि मई, 2019 में यह बढ़कर 20 घण्टे 08 मिनट हो गई। इसी प्रकार तहसील क्षेत्र में मार्च, 2017 में यह आपूर्ति साढ़े सत्रह घण्टे ही थी, वहीं मार्च, 2018 में यह आपूर्ति बढ़कर 19 घण्टे 49 मिनट हो गई। इसी प्रकार मई, 2019 में यह आपूर्ति बढ़कर 22 घण्टे 43 मिनट हो गई। इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में मार्च, 2017 में विद्युत आपूर्ति 21 घण्टे 37 मिनट हो रही थी, वहीं मार्च, 2018 में यह आपूर्ति बढ़कर लगभग 23 घण्टे हो गई। मई, 2019 से यह आपूर्ति बढ़कर 23 घण्टे 15 मिनट हो गई।
प्रमुख सचिव ऊर्जा ने UPCM को हर घर बिजली योजना के तहत मजरों के विद्युतीकरण, निर्गत संयोजनों की संख्या और विद्युतीकरण हेतु भारत सरकार से प्राप्त धनराशि के विषय में भी विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने विद्युत आपूर्ति प्रणाली के सुधार पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। वितरण परिवर्तकों की क्षमता वृद्धि और लो वोल्टेज की समस्या समाधान हेतु कैपिसिटर बैंक की स्थापना के विषय में भी UPCM को जानकारी दी गई। उन्होंने उपभोक्ता सेवाओं को सुधारने के लिए किए गए प्रयासों से भी UPCM को अवगत कराया।
प्रमुख सचिव ऊर्जा ने यूपीपीसीएल द्वारा लाइन हानियों को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के विषय में बताया कि विगत 02 वर्षों में 25 लाख अनमीटर्ड संयोजन पर मीटर लगाए गए हैं। साथ ही, स्वतंत्र कृषि पोषकों का निर्माण किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 में A.T.N.C. हानियां 2016-17 के सापेक्ष 32.80 प्रतिशत से घटकर 27.67 प्रतिशत हुई हैं, जबकि 2018-19 में यह घटकर 24.64 प्रतिशत पर आ गई हैं। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में लगभग 02 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, ताकि लाइन लाॅसेज़ को कम किया जा सके। इसके अलावा, खुले तारों के स्थान पर अब ए.बी. केबिल लगाए जा रहे हैं।
प्रमुख सचिव ऊर्जा ने यूपीपीसीएल के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सुविधा के लिए लागू किए गए ONLINE पोर्टल के विषय में भी UPCM को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मियों की उपस्थिति एवं उनके भुगतान की माॅनीटरिंग अब ONLINE पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। उन्होंने यूपीपीसीएल के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पावर काॅरपोरेशन को कैशगैप को सीमित करना होगा। उन्होंने बिजली चोरी को रोकने के लिए की जा रही कार्यवाही के विषय में भी मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया।
प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने अतिरिक्त उर्जा स्रोत विभाग के कार्य-कलापों के विषय में अवगत कराते हुए बताया कि विभाग द्वारा सामुदायिक उपयोगार्थ, लाभार्थीपरक योजनाओं, ग्रिड संयोजित विद्युत परियोजनाओं, रिन्यूएबल पर्चेज़ ऑब्लिगेशन, ऊर्जा संरक्षण, जैव ऊर्जा उद्यम प्रोत्साहन कार्यक्रम जैसे उत्तदायित्वों का निर्वाह किया जाता है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्र, सोलर हाईमास्ट संयंत्र, सोलर पावर प्लाण्ट ऑफग्रिड और सोलर आर.ओ. वाॅटर प्लाण्ट का संचालन सामुदायिक उपयोगार्थ किया जाता है। उन्होंने विभाग की उपलब्धियों और आगामी 02 वर्षों में लागू की जाने वाली मुख्य परियोजनाओं के विषय में भी जानकारी दी।
बैठक में ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री बृजेश पाठक, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
“भाषिणी” ने यूपी-जापान निवेश सम्मेलन में तोड़ी भाषा की दीवार, योगी सरकार के ग्लोबल इन्वेस्टमेंट विजन को मिला एआई का साथ
3 days ago
मुख्यमंत्री ने रक्षाबन्धन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों को निःशुल्क बस यात्रा का उपहार दिया
3 days ago
मुख्यमंत्री भारत और जापान के विद्यार्थियों के साथ संवाद के विशेष कार्यक्रम ’ए डायलॉग विद द फ्यूचर’ में सम्मिलित हुए
7 days ago
सीएम योगी और केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने नई दिल्ली में जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर का स्वागत किया
3 weeks ago
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह-2026’ को सम्बोधित किया
3 weeks ago
डबल इंजन सरकार विगत 09 वर्षों से प्रदेश के प्रत्येक तबके के कल्याण हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही : मुख्यमंत्री
3 weeks ago
समाजवादी पार्टी और काँग्रेस द्वारा उ0प्र0 के परसेप्शन को खराब करने की कुत्सित चेष्टा की जा रही : सीएम योगी
3 weeks ago
विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी ने दिवंगत विधायक आलमबदी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
3 weeks ago
विधानसभा मानसून सत्र: CM Yogi बोले 9 वर्षों में यूपी बना बीमारू राज्य से ब्रेक-थ्रू इकोनॉमी स्टेट
3 weeks ago
यूपी विधानसभा सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, अध्यक्ष सतीश महाना ने की सहयोग की अपील
4 weeks ago
15 अगस्त से पहले मुख्यमंत्री की बड़ी समीक्षा बैठक, ‘हर घर तिरंगा’ अभियान पर विशेष जोर
4 weeks ago
गाजीपुर को ₹692 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, CM योगी ने किया लोकार्पण-शिलान्यास
4 weeks ago
जनता दर्शन ! परेशान कतई न हों, हर उचित समस्या का निष्पक्षता से कराएंगे समाधानः सीएम योगी
July 25, 2026
कांवड़ यात्रा में हर श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
July 25, 2026
मत करें चिंता, सबकी समस्या पर होगी प्रभावी कार्रवाई : सीएम योगी
July 23, 2026
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में 495 करोड़ रु0 की लागत से हो रहे गोड़धोइया नाले के पुनरूद्धार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया
July 23, 2026
मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर में विकास कार्यों एवं जलजमाव व बाढ़ से बचाव की तैयारियों की समीक्षा की
July 22, 2026
मुख्यमंत्री ने बहराइच में महसी एवं नानपारा विधानसभा क्षेत्रों की 352 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 70 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
July 22, 2026
मुख्यमंत्री ने श्रावस्ती में श्रावस्ती एवं भिनगा विधान सभा क्षेत्रों की 396 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 83 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
July 21, 2026
यूपी बॉटम थ्री से टॉप थ्री अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा : मुख्यमंत्री योगी