UPCM ने विभिन्न जनपदों के विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में गोरखपुर, महराजगंज, गोण्डा, बलरामपुर, लखीमपुर खीरी जनपदों के नवसृजित 34 राजस्व ग्रामों (वनटांगिया ग्रामों) के विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद एक लम्बे समय तक ये गांव और यहां पर रहने वाली जनसंख्या को विकास का लाभ नहीं मिला। वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है कि इन सभी गांवों का विकास कर, वहां के निवासियों का जीवन स्तर ऊपर उठाया जाए।
UPCM ने प्रदेश के नवसृजित राजस्व ग्रामों (वनटांगिया ग्रामों) के समयबद्ध विकास के साथ-साथ उन्हें सभी शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों से तेजी के साथ संतृप्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नवसृजित राजस्व ग्रामों में विकास कार्यों के लिए ग्राम्य विकास विभाग को नोडल विभाग बनाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन गांवों को अभी तक राजस्व ग्राम घोषित नहीं किया गया है और वे इसकी पात्रता की श्रेणी में आते हैं, उन्हें शीघ्रता के साथ राजस्व ग्राम घोषित किया जाए।
UPCM ने इन राजस्व ग्रामों में पक्के आवास उपलब्ध कराए जाने, प्रत्येक गांव में कम से कम एक महिला समूह के गठन किए जाने, सम्पर्क मार्गों के निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा व पोषण की समुचित व्यवस्था के जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनटांगिया ग्रामों में वृद्धावस्था, दिव्यांगजन, निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों को पारदर्शिता के साथ लाभान्वित किया जाए। जो लाभार्थी इन योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, उन्हें शामिल करते हुए इन पेंशन योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।

UPCM ने इन ग्रामों में विद्युतीकरण की समीक्षा करते हुए कहा कि सौभाग्य योजना के तहत विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। सोलर लाइटों की स्थापना की जाए और जहां पर सोलर लाइट की स्थापना सम्भव नहीं है, उस क्षेत्र को ग्रिड से जोड़ते हुए विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वनटांगिया ग्रामों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि इण्डिया मार्का-2 हैण्डपम्पों की स्थापना क्षेत्र की आवश्यकतानुसार करायी जाए। इसके लिए जनप्रतिनिधियों से सम्पर्क कर योजना बनायी जाए। उन्होंने कहा कि पाइप पेयजल योजना से जो क्षेत्र आच्छादित नहीं हैं, उन क्षेत्रों में मानक के अनुसार हैण्डपम्पों की स्थापना की जाए।
UPCM ने निर्देश दिए कि नवसृजित राजस्व ग्रामों में बच्चों की शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उन्हें मिड-डे-मील, निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, यूनीफार्म आदि उपलब्ध कराया जाए। जहां पर बच्चों की संख्या कम है, उन्हें नजदीकी विद्यालय में भेजे जाने की व्यवस्था की जाए।
UPCM ने सम्पर्क मार्गों के निर्माण एवं सोलिंग कार्य कराए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों के अभाव में विकास बाधित होता है, इसलिए सम्पर्क मार्गों एवं खड़ंजा सड़कों का निर्माण प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र राशन कार्ड से वंचित न रहे। सभी पात्रों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। इस सम्बन्ध में लाभार्थियों के चिन्हाकन और सत्यापन में जो भी कमियां आ रही हैं, उन्हें दूर किया जाए। वनटांगिया ग्रामों में स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाएं मुहैया करायी जाएं और आंगनबाड़ी केन्द्रों व मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना आवश्यकतानुसार की जाए।
UPCM ने कहा कि जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आशा योजना और टीकाकरण के क्रियान्वयन और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत लाभान्वित को तेजी से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि वनटांगिया ग्रामों में आवास एवं शौचालय निर्माण की गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि आवास निर्माण के लिए उपलब्ध धन को लाभार्थी उसी मद में खर्च करे।
UPCM ने मनरेगा जाॅब कार्ड व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पात्रों को लाभान्वित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि अलग-अलग समूह गठित कर उनसे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार सृजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पत्तल-दोना, मिट्टी के बर्तन, डेरी, बकरी पालन, सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन आदि से लोगों को जोड़ते हुए रोजगार सृजित किए जाएं।
UPCM ने मुसहर और अन्य जनजातियों के सम्बन्ध में सर्वे किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन जातियों की अधिक जनसंख्या वाले गांवों को भी राजस्व ग्राम घोषित किए जाने की कार्यवाही की जाए। बैठक के दौरान सचिव एवं राहत आयुक्त संजय कुमार ने UPCM को वनटांगिया ग्रामों में किए जा रहे कार्यों के सम्बन्ध में विस्तार के जानकारी दी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डाॅ. प्रभात कुमार, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज राजेन्द्र तिवारी, प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार, प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चन्द्रा, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रशान्त त्रिवेदी, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद निवेदिता शुक्ला वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








