UPCM ने प्रदेश के 8 आकांक्षात्मक जनपदों की प्रगति की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में नीति आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश में आकांक्षात्मक जनपदों के रूप में चिन्ह्ति 08 जनपदों की प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए इनके प्रभारी मंत्रियों व नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भावना के अनुरूप प्रारम्भ की गई। इस विशिष्ट पहल पर विकास कार्यक्रमों एवं योजनाओं के माध्यम से इन जनपदों के विकास के लिए त्वरित गति के साथ प्रभावी ढंग से कार्य किया जाए, ताकि इसके परिणाम शीघ्र परिलक्षित हों। ज्ञातव्य है कि प्रदेश के बहराइच, बलरामपुर, चन्दौली, चित्रकूट, फतेहपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और सोनभद्र जनपद इस योजना में शामिल किए गए हैं।

UPCM ने कहा कि इन जनपदों के विकास के लिए 06 सूचकांक निर्धारित किए गए हैं, जिनमें स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और आधारभूत अवसंरचना शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन जनपदों के रूपान्तरण के लिए सभी निर्धारित मापदण्डों के तहत प्रभावी कार्यवाही त्वरित गति से की जाए, ताकि इनमें सकारात्मक बदलाव दिखाई दे।

UPCM प्रदेश के 8 आकांक्षात्मक जनपदों की प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए
UPCM प्रदेश के 8 आकांक्षात्मक जनपदों की प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए

UPCM ने इन जनपदों के नोडल अधिकारियों को अपने-अपने जनपद का प्रत्येक माह के दूसरे सप्ताह में दौरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दौरे की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और प्रभारी मंत्री को भी भेजी जाए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर कराए जा रहे कार्यों के विषय में जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने इन 08 जनपदों के प्रभारी मंत्रियों को भी जनपदों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव और नोडल अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा सके और उनके आवश्यकतानुसार तेजी लायी जा सके। उन्होंने मुख्य सचिव को अपने स्तर पर भी इन रिपोर्टों की गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए।

UPCM ने 08 आकांक्षात्मक जनपदों के लिए निर्धारित स्वास्थ्य एवं पोषण सूचकांक के सन्दर्भ में कहा कि इन सभी जिलों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों पर शीघ्र तैनाती की जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि तैनात किए गए अधिकारी और कर्मचारी अपनी-अपनी तैनाती स्थल पर योगदान अवश्य दें। उन्होंने ऐसा न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

UPCM ने कहा कि जिला चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाए। मातृ एवं शिशु कल्याण और पोषण से सम्बन्धित सभी कार्यक्रमों व योजनाओं कार्यान्वयन की गहन समीक्षा की जाए। उन्होंने रविवार को जिला चिकित्सालयों में ओ.पी.डी. चलाने और स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए।

UPCM ने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि सभी जिला चिकित्सालयों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, साफ चादरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, ‘108’ एम्बुलेन्स सेवा की गुणवत्ता में सुधार किया जाए। सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में स्ट्रेचर की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चिकित्सालयों में डायलिसिस की व्यवस्था में सुधार करने के साथ-साथ लोगों को अच्छी और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बीमारियों और उससे होने वाली जनहानि के सम्बन्ध में मीडिया को तथ्यपरक सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जिला चिकित्सालयों में नोडल अधिकारी नामित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने CHC और PHC में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति को लगातार माॅनीटर करने के भी निदेश दिए।

UPCM प्रदेश के 8 आकांक्षात्मक जनपदों की प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए
UPCM प्रदेश के 8 आकांक्षात्मक जनपदों की प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए

UPCM ने प्रदेश के आकांक्षात्मक जनपदों में शिक्षा की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की तैनाती की जाए, ताकि इन जनपदों के विद्यालयों में शिक्षकों की कोई कमी न रहे और शिक्षण कार्य सुचारु रूप से हो सके। उन्होंने कहा कि समय-समय पर शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों को पाठ्य-पुस्तक, यूनीफार्म का वितरण तत्काल सुनिश्चित किया जाए और स्कूलों में अवस्थापना की कमियों को दूर किया जाए। स्कूलों में बालिका शौचालय, पेयजल एवं विद्युतीकरण आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षण कार्य का लगातार अनुश्रवण किया जाए।

UPCM ने इन जनपदों के लिए निर्धारित कृषि एवं जल संसाधन सूचकांक के सम्बन्ध में कहा कि कृषि के माध्यम से लोगों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्हें उन्नतशील कृषि के विषय में भी जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपदों में कृषि विभाग में रिक्त पदों पर प्राथमिकता पर तैनाती की जाए। इसके अलावा, किसानों को अन्य योजनाओं का भी लाभ दिलवाया जाए। उन्होंने इन जनपदों में मौजूद जल संसाधनों का बेहतर प्रबन्धन करने के साथ-साथ अन्य कदम उठाने के भी निर्देश दिए।

UPCM ने इन जनपदों में लोगों को वित्तीय समावेशन का लाभ देने के सम्बन्ध में कहा कि जिला स्तर पर बैंकर्स कमेटी की नियमित बैठक की जाए और बैंकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए। बैंकों के सहयोग से बीमा योजनाओं एवं मुद्रा लोन योजना का लाभ लोगों को दिया जाए।

UPCM ने कहा कि कौशल विकास के तहत स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप सर्वेक्षण कर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का चिन्हांकन कर युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएं। जनपदों के उद्योगों से भी सम्पर्क कर उनकी आवश्यकता के अनुरूप उनके सहयोग से प्रशिक्षण की कार्य योजना बनायी जाए। कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, रोजगार मेले आयोजित किए जाएं और इनमें स्थानीय उद्योगों का सकारात्मक सहयोग लिया जाए।

UPCM ने कहा कि इन जनपदों में आधारभूत अवसंरचना प्रत्येक गांव एवं मजरों का विद्युतीकरण किया जाए और सभी को विद्युत कनेक्शन भी सुलभ कराया जाए। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण में तेजी लाते हुए उनकी जियो टैगिंग सुनिश्चित की जाए। जरूरतमन्द परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराए जाएं और ग्रामों में सम्पर्क मार्गों की सुदृढ़ व्यवस्था कराने के साथ-साथ सड़कों की मरम्मत की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में इन 08 आकांक्षात्मक जनपदों के प्रभारी मंत्रिगण, मुख्य सचिव, आकांक्षात्मक जनपदों के नोडल अधिकारी एवं शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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