UPCM ने ‘108’ एम्बुलेंस सेवा और ‘आयुष्मान भारत’ योजना के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने निर्देश दिए हैं कि ‘108’ एम्बुलेंस सेवा की गुणवत्ता में सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित एम्बुलेंस सेवाओं को जनोपयोगी बनाया जाए, ताकि लोगों को कोई असुविधा न हो। एम्बुलेंस के रिस्पाॅन्स टाइम में कमी की जाए और आवश्यकतानुसार इनकी संख्या को बढ़ाया जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि ‘108’ एम्बुलेंस सेवा से सम्बन्धित सभी समस्याओं का शीघ्रता से निस्तारण करते हुए इसे 15 दिसम्बर, 2018 तक चुस्त-दुरुस्त कर दिया जाए।
UPCM ने यह निर्देश अपने सरकारी आवास पर ‘108’ एम्बुलेंस सेवा और ‘आयुष्मान भारत’ प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना पर दिए गए प्रस्तुतिकरण के अवलोकन के उपरान्त दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए कटिबद्ध है और इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
UPCM ने आयुष्मान भारत योजना के सम्बन्ध में कहा कि इसके दायरे में SGPGI, KGMU और अन्य सरकारी अस्पतालों को लाया जाए। उन्होंने इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को शीघ्र कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें इसका लाभ मिले और वे अपना इलाज करा सकें। यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीबों की सहायता के लिए लागू की गई है। यह गरीबों के लिए वरदान साबित होगी।
UPCM ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्पतालों में दवाओं और डाॅक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी गरीब इलाज के लिए इधर-उधर न भटके। उन्होंने कहा कि लोगों के इलाज के प्रति लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी दण्डित होंगे।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








