UPCM ने विधान सभा में अनुपूरक बजट प्रस्तुत होने के बाद पत्रकारों को सम्बोधित किया

उत्तर प्रदेश (19 दिसम्बर, 2018)।
UPCM NEWS, उत्तर प्रदेश विधानसभा के समक्ष आज वर्ष 2018-19 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया गया। द्वितीय अनुपूरक मांग का आकार 8,054.49 करोड़ रुपये है, जिसमें राजस्व लेखा 3,409.35 करोड़ रुपये और पूंजी लेखा 4,645.14 करोड़ रुपये है। केन्द्र से प्राप्त होने वाली धनराशि 5,018.52 करोड़ रुपये है। शुद्ध व्यय भार की धनराशि 3035.97 करोड़ रुपये है।

द्वितीय अनुपूरक मांग 2018-19 में पंचायती राज विभाग के अन्तर्गत स्वच्छ भारत अभियान हेतु 3,000 करोड़ रुपए की मांग की गई है। ऊर्जा विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 3894 करोड़ रुपए की अनुपूरक मांग प्रस्तावित है। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना हेतु 2935.13 करोड़ रुपये, आई.पी.डी.एस. योजना हेतु 700 करोड़ रुपये और यू.पी.पी.सी.एल. को उदय योजना के अन्तर्गत क्षतिपूर्ति अनुदान हेतु 258.88 करोड़ रुपये की मांग की गई है।

नगर विकास विभाग के अन्तर्गत कुम्भ मेले हेतु 100 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग का प्रस्ताव है। ज्ञातव्य है कि कुम्भ मेले के आयोजन हेतु मूल बजट में 1500 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई थी। साथ ही, प्रथम अनुपूरक के माध्यम से 800 करोड़ रुपए का प्राविधान किया गया था। इस प्रकार कुम्भ मेला-2019 के लिए पूर्व में कुल 2300 करोड़ रुपए की बजट व्यवस्था की जा चुकी है।

नागरिक उड्डयन विभाग के अन्तर्गत जेवर में एयरपोर्ट की स्थापना हेतु 300 करोड़ रुपये तथा अयोध्या में एयरपोर्ट की स्थापना हेतु 200 करोड़ रुपये की मांग की गई है। ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा अयोध्या में एयरपोर्ट के निर्माण का निर्णय लिया गया है। इसकी अनुमानित लागत 641 करोड़ रुपए है। द्वितीय अनुपूरक मांग के माध्यम से अयोध्या में एयरपोर्ट के निर्माण के प्रारम्भिक कार्यों के लिए बजट का प्रस्ताव किया गया है। जेवर एयरपोर्ट की स्थापना हेतु भूमि क्रय के लिए आवश्यक 2500 करोड़ रुपए के सापेक्ष 2200 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। अवशेष की व्यवस्था के लिए अनुपूरक मांग प्रस्तावित की गई है।

पुलिस (गृह) विभाग के अन्तर्गत ग्राम प्रहरी को बढ़ी हुई दर पर मानदेय भुगतान हेतु 48 करोड़ रुपये और नए अग्नि शमन केन्द्र की स्थापना हेतु 05 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। कार्मिक विभाग के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा करायी जाने वाली परीक्षाओं हेतु 40 करोड़ रुपये की मांग की गई है।

राज्य सरकार द्वारा लखनऊ में माननीय अटल बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसके निर्माण के लिए चिकित्सा (चिकित्सा, शिक्षा एवं प्रशिक्षण) विभाग के अन्तर्गत 10 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग का प्रस्ताव है। साथ ही, केन्द्र सहायतित योजना फेज-1 जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज की स्थापना योजना के अंतर्गत फिरोजाबाद, बस्ती, अयोध्या, बहराइच और शाहजहांपुर में मेडिकल काॅलेजों के संचालन व्यय हेतु 0.01-0.01 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग की गई है। आबकारी विभाग के अन्तर्गत विभागीय कम्प्यूटराइजेशन के लिए कम्प्यूटर हार्डवेयर/साॅफ्टवेयर क्रय हेतु 01 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है।

लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत केन्द्रीय सड़क निधि (चालू कार्य) हेतु 200 करोड़ रुपये, ग्रामीण सेतुओं के निर्माण (चालू कार्य) हेतु 50 करोड़ रुपये, रेलवे उपरिगामी सेतु (चालू कार्य) हेतु 45 करोड़ रुपये और नावों के पुल नौका घाट हेतु 05 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। ज्ञातव्य है कि केन्द्रीय मार्ग निधि योजना के चालू कार्यों हेतु 2000 करोड़ रुपए की व्यवस्था मूल बजट में की गई थी। द्वितीय अनुपूरक के माध्यम से इण्टर स्टेट कनेक्टिविटी के कार्यों को पूर्ण किए जाने हेतु धनराशि की मांग प्रस्तावित की गई है। लोक निर्माण विभाग (राज्य सम्पत्ति निदेशालय) के अन्तर्गत राज्य सम्पत्ति विभाग के विभिन्न भवनों हेतु विद्युत देयों के भुगतान के लिए 22 करोड़ रुपये की भी मांग की गई है।

महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अन्तर्गत आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों के मानदेय हेतु 25 करोड़ रुपये की मांग की गई है। इसके अलावा न्याय विभाग के अन्तर्गत माननीय उच्च न्यायालय हेतु विभिन्न मदों में व्यवस्था (भारित) हेतु 4.40 करोड़ रुपये, पर्यावरण विभाग के अन्तर्गत माननीय एन.जी.टी. द्वारा विभिन्न वादों में पूर्व न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में गठित अनुश्रवण समितियों को लाॅजिस्टिक सपोर्ट एवं रेन्युमरेशन की व्यवस्था (उत्तर प्रदेश आकस्मिकता निधि से लिए गए अग्रिम की प्रतिपूर्ति) हेतु 05 करोड़ रुपये और परिवहन विभाग के अन्तर्गत मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्युनल की स्थापना हेतु 0.01 करोड़ रुपये की मांग की गई है।

वन विभाग के अन्तर्गत पौधशाला प्रबन्धन योजना (उत्तर प्रदेश आकस्मिकता निधि से लिए गए अग्रिम की प्रतिपूर्ति) हेतु 70 करोड़ रुपये तथा सामाजिक वानिकी (जिला योजना) योजनान्तर्गत नया अग्रिम मृदा कार्य हेतु (उत्तर प्रदेश आकस्मिकता निधि से लिए गए अग्रिम की प्रतिपूर्ति) हेतु 30 करोड़ रुपये की मांग की गई है। वित्त विभाग (ऋण सेवा तथा अन्य व्यय) के अन्तर्गत लाँग टर्म इरीगेशन फण्ड से लिए गए ऋण के ब्याज के भुगतान (भारित) हेतु 0.01 करोड़ रुपये तथा लाँग टर्म इरीगेशन फण्ड से लिए गए ऋण के पुनर्भुगतान (भारित) हेतु 0.01 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है।

ज्ञातव्य है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए राज्य सरकार द्वारा 04 लाख 28 हजार 384 करोड़ 52 लाख रुपए का बजट प्रस्तुत किया गया था। माह अगस्त, 2018 में 34 हजार 833 करोड़ 24 लाख रुपए का प्रथम अनुपूरक अनुदान पारित कराया गया था। इस प्रकार मूल बजट तथा प्रथम अनुपूरक अनुदान के माध्यम से कुल मिलाकर 04 लाख 63 हजार 217 करोड़ 76 हजार रुपए का प्राविधान किया गया है। प्रदेश के विकास हेतु कतिपय योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु पुनः विधान सभा में 08 हजार 54 करोड़ 49 लाख रुपए का द्वितीय अनुपूरक अनुदान प्रस्तुत किया गया है।

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