UPCM ने ‘UP ट्रैफिक पुलिस वेबसाइट’ और ‘UP ट्रैफिक पुलिस एप’ का शुभारम्भ किया

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने लखनऊ की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए कार्ययोजना बनाकर उसे समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यातायात प्रबन्धन के लिए वेन्डिंग जोन का निर्धारण, पार्किंग प्रबन्धन योजना और चैराहों व तिराहों के विकास का कार्य प्राथमिकता के स्तर पर किया जाए। इनके अतिरिक्त ट्रैफिक सिग्नल की प्रभावी व्यवस्था, वन-वे ट्रैफिक प्लान और शहर के बाहर रोडवेज़ बस स्टैण्डों का चिन्हीकरण भी किया जाए। साथ ही, यातायात के सुगम प्रवाह के लिए ट्रैफिक सम्बन्धी जागरूकता व ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
UPCM शास्त्री भवन में लखनऊ ट्रैफिक व्यवस्था के सम्बन्ध में किए गए प्रस्तुतिकरण के दौरान अधिकारियों को सम्बोधित किये। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों के सड़क पर आवागमन के दौरान सुरक्षित एवं सुगम यात्रा हेतु ‘उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस वेबसाइट’ तथा ‘उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस एप’ का शुभारम्भ भी किया।
UPCM ने ट्रैफिक व्यवस्था के सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के कार्यों की विभागवार अद्यतन स्थिति से अवगत होते हुए लोक निर्माण विभाग, एल.डी.ए., एन.एच.ए.आई., नगर निगम, परिवहन विभाग, सिंचाई विभाग तथा लखनऊ मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन के अधिकारियों से अपने-अपने विभागों से सम्बन्धित लम्बित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। इन कार्यों में नो-इण्ट्री बोर्ड का लगाया जाना, जेब्रा लाइन/स्टाॅप लाइन का बनाना, चैराहों का आवश्यकता के अनुसार निर्माण, डिवाइडर, लेफ्ट टर्न, यू-टर्न, सड़क चैड़ीकरण, कट बंद किया जाना, अण्डरपास का विकास, सड़क की लेवलिंग, ट्रैफिक सिग्नल, लेन निर्माण/लेन पृथक्करण और सड़क की मरम्मत व पेण्टिंग सम्बन्धी कार्य शामिल हैं।

UPCM ने कहा कि फेरी नीति का प्रभावी कार्यान्वयन किया जाए। पटरी दुकानदारों, सड़क किनारे बाजारों एवं लखनऊ में साप्ताहिक बाजारों के मद्देनजर वेन्डिंग जोन का निर्धारण किया जाए। सुगम यातायात के लिए व्यापारियों व व्यापारिक संगठनों तथा दुकानदारों से वार्ता कर अतिक्रमण को रोका जाए। पूरे नगर में स्वच्छता के लिए अभियान चलाया जाए। वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, क्योंकि अनाधिकृत रूप से सड़क किनारे या अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहन सुगम यातायात में अवरोध पैदा करते हैं। इसके लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पार्किंग की आवश्यकतानुसार व्यवस्था की जाए।
UPCM ने कहा कि स्कूलों व शैक्षणिक संस्थाओं के खुलने व बंद होने के समय पर स्थानीय प्रशासन विभिन्न स्कूलों के सहयोग से वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करे। चैराहों व तिराहों के विकास के साथ-साथ फुटपाथ की व्यवस्था, पैदल यात्रियों के लिए सिग्नल, डिवाइडर की व्यवस्था, सड़क चिन्ह, फुटपाथ चिन्ह व संकेतों की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
UPCM ने वन-वे ट्रैफिक प्लान को प्रभावी रूप से लागू किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि बस स्टैण्डों का स्थान सुनिश्चित किया जाए। यात्री शेडों का निर्माण हो। आवश्यकतानुसार नये बस टर्मिनल विकसित किए जाएं। शहर में भारी यातायात को कम करने के लिए बाहरी रिंग रोड की मरम्मत व विकास कार्य किया जाए। इनमें कानपुर रोड से रायबरेली रोड, रायबरेली रोड से सीतापुर रोड, सीतापुर रोड से फैजाबाद रोड, फैजाबाद रोड से सीतापुर वाया देवा रोड, सीतापुर रोड से कानपुर रिंग रोड शामिल हैं। उन्होंने टैªफिक के सम्बन्ध में जागरूकता लाए जाने पर जोर देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का अभियान चलाया जाए।
ADG लखनऊ जोन (यातायात) ने प्रस्तुतिकरण के दौरान UPCM को लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था के सुधार के सम्बन्ध में निष्पादित किए गए कार्यों का विभागवार विवरण देते हुए लम्बित कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जागरूकता व प्रशिक्षण के 318 कार्यक्रम चलाए गए हैं। 125 स्थानों पर अतिक्रमण के सम्बन्ध में अभियान चलाया गया। सड़क सुरक्षा अभियान के तहत 45,549 वाहनों का चालान हुआ। ट्रैफिक आरक्षियों की संख्या में 284 की वृद्धि हुई। 16 एकल दिशा मार्ग का पुनर्निर्धारण किया गया। 18 सड़क मार्गों पर गति सीमा का निर्धारण व गति सूचक बोर्ड लगाए गए। 28 चैराहों पर सतत् माॅनीटरिंग के फलस्वरूप यातायात में सुधार आया। साथ ही, यात्रा समय में भी सुधार हुआ है। निरन्तर हेलमेट व सीट बेल्ट न प्रयोग करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्रवार प्रशासनिक व्यवस्था व जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।
ज्ञातव्य है कि UPCM द्वारा इस अवसर पर लाॅन्च किया गया ‘उत्तर प्रदेश ट्रैफिक पुलिस एप’ एन्ड्राॅयड एवं एप्पल स्टोर पर उपलब्ध है, जिसे नागरिक आसानी से अपने मोबाइल पर इन्स्टाॅल कर सकते हैं। इस एप के माध्यम से यातायात जाम और दुर्घटनाओं के सम्बन्ध में आपात स्थिति के लिए स्थल सेवाएं प्रदान की जाएंगी। यातायात एप के साथ पंजीकृत होने पर उत्तर प्रदेश राज्य के अंदर लोकेशन के अनुसार मोबाइल पर सम्बन्धित जनपद की यातायात चेतावनी, परामर्श और नियमन से अधिसूचित किया जाएगा। इस एप के माध्यम से नागरिक अपनी किसी तरह की यातायात सम्बन्धी समस्या, ट्रैफिक जाम या अपने सुझाव इत्यादि भेज सकते हैं। इसे प्रथम चरण में लखनऊ जोन के 11 जनपदों में लाॅन्च किया गया है। इस एप से यातायात सम्बन्धी गतिविधियों को तेजी से जनमानस तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार, DGP ओम प्रकाश सिंह सहित लोक निर्माण विभाग, आवास एवं शहरी नियोजन, परिवहन, सिंचाई, नगर विकास, ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव, मुख्य परियोजना प्रबन्धक राष्ट्रीय राज्यमार्ग प्राधिकरण, उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण, प्रबन्ध निदेशक लखनऊ मेट्रो रेल काॅर्पोरेशन, नगर आयुक्त लखनऊ नगर निगम एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








