UPCM ने बेसिक शिक्षा विभाग की आॅनलाइन अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण प्रणाली का शुभारम्भ किया

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने आज शास्त्री भवन में बेसिक शिक्षा विभाग की आॅनलाइन अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण प्रणाली का शुभारम्भ किया। इस मौके पर UPCM ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षकों के स्थानान्तरण की कार्रवाई प्रत्येक दशा में 30 जून, 2018 तक पूरी कर ली जाए। जून माह के बाद कोई भी ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होनी चाहिए।

 

UPCM ने यह भी निर्देश दिया कि बेसिक शिक्षा परिषद के सभी विद्यार्थियों को जुलाई के प्रथम सप्ताह में पुस्तकें, यूनिफाॅर्म, जूते-मोज़े आदि उपलब्ध करा दिये जाएं। गर्मियों की छुट्टियों के पश्चात, स्कूल खुलने से पूर्व, ग्राम पंचायत एवं ग्राम प्रधान के साथ समन्वय कर स्वच्छता अभियान चलाकर पूरे स्कूल की साफ-सफाई सुनिश्चित करा ली जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए तथा टाॅयलेट आदि की भी साफ-सफाई करवा ली जाए।

UPCM ने कहा कि बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में पूरी तैयारी पहले से ही कर ली जाए। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि छुट्टी, ट्रांसफर पोस्टिंग आदि के लिए शिक्षकों का धनादोहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी शिकायतें प्राप्त होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञातव्य है कि शासनादेश दिनांक 13.06.2017, शासनादेश दिनांक 20.09.2017 एवं शासनादेश दिनांक 05.02.2018 द्वारा परिषदीय अध्यापकों के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण की प्रक्रिया दिनांक 16.01.2018 से प्रारम्भ हुई, जिसमें इस हेतु इच्छुक अध्यापकों द्वारा दिनांक 15.02.2018 तक आॅनलाइन आवेदन किये गये। प्राप्त आवेदन पत्रों पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा काउन्सिलिंग का आयोजन करते हुए सत्यापन की कार्यवाही की गयी। 37,396 अध्यापकों द्वारा आॅनलाइन आवेदन किया गया था, जिसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा सत्यापनोपरान्त 31,513 आवेदन पत्र सही पाये गये।

शासनादेश में दी गयी व्यवस्थानुरूप दिव्यांग/असाध्य/गम्भीर बीमारी/ महिला अध्यापकों एवं उनकी सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष हेतु वेटेज अंक प्रदान किये गये। सत्यापनोपरान्त शासनादेश में निहित व्यवस्था के अनुरूप अंक निर्धारण करते हुए अध्यापकों की सूची को सार्वजनिक किया गया, जिससे यदि किसी अध्यापक को आपत्ति हो तो वो अपनी आपत्ति ई-मेल के माध्यम से दर्ज कराये। प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण गठित समिति द्वारा किया गया।

अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण हेतु प्राथमिक विद्यालय के 40,766 सहायक अध्यापकों तथा 6,719 प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय एवं सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय के पद उपलब्ध थे।

ऐसे जनपद (प्राथमिक विद्यालय – भदोही, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, इटावा, सुल्तानपुर) तथा (उच्च प्राथमिक विद्यालय – चन्दौली, मुजफ्फरनगर, सम्भल, रायबरेली, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, औरैया, सीतापुर, पीलीभीत, हरदोई, कुशीनगर, बदायूं, श्रावस्ती, कासगंज, गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर, सोनभद्र, शाहजहांपुर एवं लखीमपुर खीरी) जहां शिक्षकों की रिक्ति स्वीकृत पदों के सापेक्ष 15 प्रतिशत से अधिक है, वहां से तथा भारत सरकार द्वारा चिन्हित प्रदेश के आठ एस्पिरेशनल जनपदों-सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बहराइच, सोनभद्र, चन्दौली, फतेहपुर, चित्रकूट, बलरामपुर से भी किसी अध्यापक को अन्य जनपद में स्थानान्तरित नहीं किये जाने, परन्तु इन जनपदों में जाने वाले इच्छुक अध्यापकों का स्थानान्तरण किये जाने का निर्णय लिया गया।

पहली बार यह व्यवस्था की गयी है कि स्थानान्तरण आदेश फत् कोड के साथ उपलब्ध होगा, जिससे किसी प्रकार की कूटरचना की संभावना न रहे। अवलोकन आवेदनकर्ता अध्यापक के फनमतल द्वारा पैन संख्या तथा बैंक खाता संख्या का प्रयोग करते हुए स्वयं ही देखा जा सकेगा तथा स्थानान्तरित अध्यापक द्वारा अपने स्थानान्तरण आदेश की प्रति डाउनलोड की जा सकेगी।

इस प्रक्रिया में स्थानान्तरित अध्यापकों की संख्या- सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय- 8,918 और प्र.अ. प्राथमिक विद्यालय और सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय-3,045 है।

यद्यपि स्थानान्तरण प्रक्रिया कुछ पहले ही सम्पन्न हो जाती, परन्तु मध्य सत्र में स्थानान्तरण आदेश निर्गत किये जाने से शिक्षण कार्य प्रभावित होता। अतः स्थानान्तरण प्रक्रिया को ग्रीष्मावकाश के दौरान जब शिक्षण कार्य बन्द है, पूर्ण करते हुए स्थानान्तरण आदेश निर्गत किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा आर.पी. सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button
btnimage