UPCM ने अवैध रूप से संचालित पशु वधशालाओं के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश (05 दिसम्बर, 2018)।
UPCM ने गोवध, गोवंश के अवैध व्यापार और अवैध रूप से संचालित पशु वधशालाओं के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में कोई शिथिलता पाए जाने पर सम्बन्धित जिले के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक व्यक्तिगत तौर पर उत्तरदायी होंगे। इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय द्वारा योजना भवन में एक विशेष वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को UPCM के निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को इस सम्बन्ध में की जा रही कार्रवाई की संयुक्त आख्या प्रत्येक सप्ताह मुख्य सचिव कार्यालय और पुलिस महानिदेशक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मण्डलायुक्तों और फील्ड में तैनात पुलिस DIG, IG एवं ADG को निर्देशित किया है कि सम्बन्धित जनपद के भ्रमण के दौरान वे इन निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा करें।
अधिकारियों को निर्देशित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि थाना स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए सम्बन्धित थानाध्यक्ष को व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार नामित किया जाए। गौकशी के सम्बन्ध में कोई शिकायत अथवा मीडिया में प्रकाशित/प्रसारित खबरों को गम्भीरता से लेते हुए इसकी जांच करायी जाए। इसके लिए राजस्व विभाग के तंत्र को सक्रिय किया जाए। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और लेखपाल को इस सम्बन्ध में संवेदनशील रहने के लिए निर्देशित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि असामाजिक तत्व इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देकर अमन-चैन के माहौल को बिगाड़ने का प्रयास करते हैं। इसलिए इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए ग्राम चैकीदार, बीट काॅन्सटेबल और लेखपाल के अभिसूचना तंत्र को सुदृढ़ बनाया जाए। जहां कहीं भी गोवध की सूचना प्राप्त हो, वहां वास्तविक अभियुक्तों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे 107/16 की कार्रवाई पर ध्यान देते हुए इसमें तेजी लाएं। पूरी जांच के पश्चात ही शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत किए जाएं। सभी जिलाधिकारी आकस्मिक तौर पर जेल का निरीक्षण अवश्य करें। फील्ड में तैनात प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी अपने मुख्यालय पर ही रहें ताकि प्रभावी पर्यवेक्षण किया जा सके। उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों एवं महत्वपूर्ण आयोजनों के दृष्टिगत पूरी सतर्कता बरती जाए।
वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव ने बुलन्दशहर, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा, फतेहपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर तथा गाजियाबाद आदि जनपदों के अधिकारियों से गोवध, गोवंश के अवैध व्यापार और अवैध बूचड़खानों के संचालन में संलिप्त तत्वों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी प्राप्त की।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








