UPCM ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए

लखनऊ (14 जून, 2019)।
UPCM 
ने नोएडा में आयोजित औद्योगिक विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यमुना एक्सप्रेस-वे विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि स्थानीय युवाओं का विकास भी शहर के विकास का हिस्सा हो। जब हम क्षेत्रों का विकास करें तो हमें कौशल के आधार पर स्थानीय युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए। अगर जरूरत पड़े तो हमें उनके कौशल में सुधार करके और प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगारपरक बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को यहां पर स्थापित औद्योगिक संस्थानों की आवश्यकतानुसार रोजगार मुहैया कराया जाए।

UPCM ने नोएडा के आसपास शहरी विकास परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि स्थानीय युवाओं की आकांक्षाओं की अनदेखी उचित नहीं होगी। क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ प्राधिकरणों को स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार लाने को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेस-वे विकास प्राधिकरण को साथ मिलकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों का विकास करना चाहिए और इसमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि विकास में कोई कमी न रह जाए। उन्होंने नोएडा और ग्रेटर नोएडा को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

UPCM औद्योगिक विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यमुना एक्सप्रेस-वे विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा करते हुए
UPCM औद्योगिक विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यमुना एक्सप्रेस-वे विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा करते हुए

UPCM ने कहा कि जिला प्रशासन को शहरी क्षेत्रों में नौकरी की आवश्यकता के अनुसार युवाओं के कौशल विकास को सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम युवाओं को आवश्यक कौशल प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं और फिर उन्हें रोजगार दे सकते हैं।

UPCM ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे के क्षेत्र में प्रवेश करने वाले लोगों को यहां पर सकारात्मक बदलाव महसूस करना चाहिए। यातायात की बेहतर व्यवस्था, कूड़ा निपटान और सामान्य सुरक्षा में सुधार जल्द से दिखने वाले काम हैं जिन पर तत्काल काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सुंदर, हरे-भरे पार्क, सार्वजनिक जिम शहर के विकास के बारे में लोगों के मन में एक सकारात्मक धारणा बनाते हैं।

UPCM ने तीनों प्राधिकरणों के अनुरोध पर विचार करते हुए कहा कि सरकार प्राधिकरणों में लम्बित रिक्तियों के मामले में कर्मचारियों की भर्ती के लिए हर संभावित समर्थन देने पर विचार करेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि अधिकारियों को भी खर्च की योजना इस तरह बनानी चाहिए, जिससे लोगों का जीवन आरामदायक हो। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को वहीं पैसा खर्च करना चाहिए जिन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को लाभ पहुंचे।

UPCM ने कहा कि अधिकारियों को विकास की ऐसी योजनाएं बनानी चाहिए जो दीर्घकालिक रूप से काम कर सके। उन्होंने कहा कि जेवर हवाई अड्डा अगले कुछ वर्षों में तैयार हो जाएगा, इसलिए हवाई अड्डे के आसपास का विकास उस क्षेत्र की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को देखते हुए किया जाना चाहिए।

बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, आबकारी एवं मद्य निषेध मंत्री जय प्रताप सिंह, औद्योगिक विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा, सांसद डाॅ. महेश शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार मृत्युंजय कुमार सिंह, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आर.के. सिंह, तीनों प्राधिकरणों के अध्यक्ष/मुख्य कार्यपालक अधिकारी, मण्डलायुक्त मेरठ अनीता सी. मेश्राम सहित शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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