UPCM ने प्रदेश में अनाधिकृत काॅलोनियों के सम्बन्ध में व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में अनाधिकृत काॅलोनियों के विनियमितीकरण की गाइडलाइन्स में संशोधन के प्रस्तुतिकरण के अवसर पर यह निर्देश दिए।
UPCM ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में हो चुके अवैध निर्माणों में बड़े पैमाने पर निवासियों द्वारा निजी पूंजी निवेश किया गया है, उसके बावजूद अभी तक वहां के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं जैसे-बिजली, सड़क, सीवर, पेयजल आदि उपलब्ध नहीं हैं। नगरीय क्षेत्रों के निवासियों को ये सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों द्वारा इन अनाधिकृत काॅलोनियों के उत्तरदायी निर्माणकर्ताओं से इन सुविधाओं को उपलब्ध कराए जाने पर जोर दिया जाए। मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना हम सही मायने में आवास उपलब्ध कराने और शहरी नियोजन की योजनाओं को सफल नहीं बना सकते।
UPCM ने प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में अनाधिकृत काॅलोनियों के सम्बन्ध में व्यापक सर्वे किए जाने के निर्देश देते हुए कहा है कि इन काॅलोनियों के अवैध निर्माणकर्ताओं को चिन्ह्ति करते हुए इनकी सूची बनाई जाए। साथ ही, इन निर्माणकर्ताओं से सम्बन्धित अनाधिकृत काॅलोनियों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। यदि वे इनमें असफल होते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

UPCM ने कहा कि एक लम्बे अरसे से इन काॅलोनियों को विकसित होने दिया गया और मूलभूत सुविधाएं वहां के निवासियों को उपलब्ध नहीं कराई गईं। इसके लिए अवैध निर्माणकर्ताओं को चिन्ह्ति करते हुए समाधान निकालना होगा। उन्होंने कहा कि कार्रवाई इस प्रकार की जाए कि भविष्य में अनाधिकृत काॅलोनियों के निर्माण को रोका जा सके।
UPCM ने अनाधिकृत काॅलोनियों के विनियमितीकरण की गाइडलाइन्स में संशोधन के प्रस्तुतिकरण के अवलोकन के बाद सुझाव देते हुए कहा कि इस पर अभी और कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इसकी कमियों को दूर करते हुए आवश्यक फेरबदल के उपरान्त इसे और प्रभावी बनाया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








