UPCM और केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने पेट्रोलियम एवं कौशल विकास सम्बन्धी विषयों पर संयुक्त समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM और केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शास्त्री भवन में पेट्रोलियम एवं कौशल विकास सम्बन्धी विषयों पर संयुक्त समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय ने पेट्रोलियम क्षेत्र से सम्बन्धित राज्य के विभिन्न मुद्दों के विषय में जानकारी दी। उनके द्वारा जनपद गोरखपुर में एथेनाॅल प्लाण्ट तथा सीतापुर में बायोमास प्लाण्ट स्थापित किए जाने के सम्बन्ध जानकारी दी गई।
केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार राज्य के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस से सम्बन्धित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक कार्यवाही करेगी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में एथेनाॅल की मिक्सिंग करने से गन्ना किसानों को लाभ होगा। इससे ऊर्जा खपत को पूरा करने में सहायता मिलेगी। भविष्य में एथेनाॅल का इस्तेमाल और बढ़ेगा। उन्होंने सुझाव दिया राज्य के सम्बन्धित विभाग इसे ईंधन के रूप में लें। उन्होंने कहा कि इससे सम्बन्धित टैक्स और एक्साइज के मुद्दों को सुलझाने के लिए सम्बन्धित विभाग/स्टेक होल्डर्स एक वर्किंग गु्रप बनाए।
बैठक के दौरान कौशल विकास सचिव भुवनेश कुमार ने प्रदेश में कौशल विकास के सम्बन्ध में कराए जा रहे कार्यों के विषय में प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि वर्तमान में राजकीय आई.टी.आई. की संख्या 286 है, जिसमें से 12 महिला ITI हैं। इसी प्रकार निजी क्षेत्र में 2715 ITI हैं। राज्य में ITI कुल प्रशिक्षण सीटें 05 लाख से अधिक हैं। इस प्रकार ITI प्रशिक्षण सीटों के मामले में उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र के बाद दूसरे नम्बर पर है।
सचिव कौशल विकास ने बताया कि प्रदेश की असेवित तहसीलों/विकास खण्डों में 79 नए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को स्थापित किया गया है। प्रवेश प्रक्रिया को युक्तिसंगत बनाते हुए ब्लाॅकवार, तहसीलवार व जिलेवार आरक्षण को लागू करते हुए उसे जनोपयोगी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि 32 पुराने ITI का जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण कराया गया है। इसके अलावा, 146 ITI में IT-लैब को स्थापित कर संचालित किया गया है। 229 ITI में स्मार्ट क्लास संचालित किए जा रहे हैं। सभी ITI की विद्युत आवश्यकता को पूर्ण करने की दृष्टि से 30 ITI में 40 किलोवाॅट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराकर क्रियाशील कराए गए हैं।
भुवनेश कुमार ने बताया कि सभी ITI का आधुनिकीकरण भी कराया जा रहा है। इसके तहत आधुनिक तकनीकी से युक्त मशीनों एवं उपकरण जैसे वेल्डिंग सिमुलेटर, लाॅकजिक एनालाइजर, CNG आदि पर प्रशिक्षण, समस्त ITI में बुक-बैंक के अन्तर्गत निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराया जाना और निःशुल्क डांगरी/वर्दी वितरित कराया जाना सुनिश्चित कराया जा रहा है।
सचिव कौशल विकास ने कहा कि प्रशिक्षण में गुणवत्ता और निरन्तरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 203 राजकीय आई0टी0आई0 में बायोमीट्रिक मशीनों का संचालन किया जा रहा है। साथ ही, 135 राजकीय ITI का आई.एस.ओ. 29990 प्रमाणीकरण कराया जा चुका है। अवशेष में कार्य प्रगति पर है। उन्होंने भारत सरकार से अवशेष वित्तीय सहयोग (80 प्रतिशत) शीघ्र उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया। इसके अलावा, 06 राजकीय ITI में उद्योगों की सहभागिता से ड्यूल सिस्टम आॅफ ट्रेनिंग प्रारम्भ करा दी गई है। इसकी संख्या में वृद्धि से प्रयास किए जा रहे हैं।
एन.सी.वी.टी. के मानकों के अनुसार निदेशालय स्तर पर उच्च अधिकारियों तथा मण्डल एवं जनपद स्तर पर अधिकारियों के 169 पदों को स्वीकृत कर भरा गया है। व्यावसायिक शिक्षा को महत्वाकांक्षी बनाए जाने के उद्देश्य से समकक्षता, कौशल प्रतियोगिता, दीक्षान्त समारोह, मेरिट बेस्ड प्रवेश प्रक्रिया और निजी ITI की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समकक्षता के तहत प्रदेश सरकार द्वारा 8वीं 02 वर्षीय ITI को हाईस्कूल और 10वीं 02 वर्षीय ITI को इण्टरमीडिएट की समकक्षता प्रदान किए जाने का शासनादेश जारी किया गया है। इसके तहत अभ्यर्थी मात्र भाषा का प्रश्न-पत्र उत्तीर्ण करना होगा।
इसी प्रकार, प्रशिक्षार्थियों को प्रतियोगी बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2016 से ITI के प्रशिक्षार्थियों हेतु नियमित रूप से राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता आयोजित कराई जा रही है। वर्ष 2016 से ITI के प्रशिक्षार्थियों हेतु नियमित रूप से दीक्षान्त समारोह आयोजित कराए जा रहे हैं। राजकीय ITI में आॅनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्रदान कराया जा रहा है। वर्ष 2018 से निजी ITI के प्रवेश शासकीय प्रक्रिया द्वारा किए जाने का निर्णय लिया गया है। भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश के 1199 निजी ITI की जांच कराई जा रही है, जिनमें से 500 की रिपोर्ट भारत सरकार को उपलब्ध हो गई है।
कौशल के महत्व से युवाओं को अवगत कराने के उद्देश्य से सम्पूर्ण प्रदेश में ‘ITI चलो अभियान’ कार्यक्रम संचालित कराया गया है। अभियान के तहत अब तक 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों द्वारा ITI में प्रवेश हेतु आवेदन किया गया है। ITI में प्रशिक्षणरत प्रशिक्षार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए हिन्दी व अंग्रेजी भाषा की पढ़ाई को आगामी प्रशिक्षण सत्र से नियमित कराया जा रहा है। ITI में एस.सी.वी.टी. के अन्तर्गत संचालित पाठ्यक्रमों हेतु सितम्बर, 2018 से परीक्षाएं आॅनलाइन मोड में कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए माॅक टेस्ट की व्यवस्था की गई है, जिसे जुलाई, 2018 से प्रारम्भ किया जाएगा।
प्रदेश के कुल 134 ITI में उद्योगों द्वारा संस्थान प्रबन्धन समिति (आई.एम.सी.) की अध्यक्षता में प्रशिक्षण के उच्चीकरण में सहयोग प्रदान कराया जा रहा है। भारत इलेक्ट्राॅनिक्स लि0, गाजियाबाद द्वारा नोएडा के ITI को आधुनिक मशीनें और उपकरण प्रदान किए गए हैं। टाटा मोटर्स द्वारा लखनऊ व बाराबंकी के ITI में आॅटोमोबाइल की कार्यशालाओं का उच्चीकरण किया गया है। मारुति सुजुकी इण्डिया लि. द्वारा गोरखपुर व मेरठ के ITI में आॅटोमोबाइल की आधुनिक मशीनें और उपकरण प्रदान किए गए हैं। एन.टी.पी.सी. द्वारा जनपद सोनभद्र के नकटू बीजपुर में एक ITI को निर्मित कर विभाग को दिया गया है।
नार्दर्न कोलफील्ड्स लि. द्वारा जनपद सोनभद्र के खड़िया-शक्तिनगर क्षेत्र में एक ITI को निर्मित कर विभाग को प्रदान करने का निर्णय लिया गया है, जिस पर विभाग द्वारा सहमति प्रदान कर दी गई है। राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय उद्योगों जैसे रिलायन्स पावर, राॅयल एनफील्ड्स, टोयोटा मोटर्स, महिन्द्रा लि., मेजा ऊर्जा आदि के साथ संस्थान स्तर पर अनुबन्ध हस्ताक्षरित कर क्रियान्वित किए गए हैं। ITI में उद्योगों की मांग के अनुरूप आधुनिक कौशलों में प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतिष्ठित उद्योगों जैसे सैमसंग इलेक्ट्राॅनिक्स लि. और इण्डिया-यामाहा मोटर्स लि0 से प्रदेश स्तर से MOU हस्ताक्षरित किए गए हैं।
राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत प्रदेश को 9.50 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हुई है, जिसका उपभोग किया जा रहा है। वोकेशनल टेªनिंग इम्प्रूवमेण्ट प्रोजेक्ट के अन्तर्गत 16 ITI में सम्पूर्ण कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। पी0पी0पी0 प्रोजेक्ट के अन्तर्गत प्रदेश के चयनित 115 ITI में उच्चीकरण के समस्त कार्य पूर्ण हो गए हैं। कुल प्राप्त धनराशि 287.50 करोड़ रुपए के सापेक्ष 258.13 करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की गई है। लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म योजना के तहत जनपद सोनभद्र की घोरावल तहसील में एक ITI के निर्माण को केन्द्रीय सहायता से पूर्ण कराया गया है। मशीनों व उपकरणों की स्थापना राज्य के संसाधनों से की गई है। 02 स्किल डेवलेपमेण्ट सेण्टर भी स्थापित कराए गए हैं। माॅडल ITI परियोजना के अन्तर्गत प्रदेश के 02 राजकीय ITI साकेत, मेरठ तथा करौंदी, वाराणसी का उच्चीकरण किया जा रहा है।
सचिव कौशल विकास ने भारत सरकार के अधिकारियों से 50 हजार सीटों की एन.सी.वी.टी. से सम्बद्धता, प्रदेश के असेवित क्षेत्रों में केन्द्र के सहयोग से नए राजकीय ITI की स्थापना हेतु वित्तीय सहायता, राजकीय ITI के उच्चीकरण हेतु नवीन केन्द्र पोषित योजना के संचालन, केन्द्र के वित्तीय सहयोग से प्रदेश में 05 नए राजकीय आई.टी.ओ.टी. की स्थापना, प्रदेश के अवशेष समस्त 2658 (105 राजकीय व 2553 निजी) ITI के आई.एस.ओ. 29990 प्रमाणन हेतु वित्तीय सहयोग, जियो टैग बायोमीट्रिक मशीन की स्थापना हेतु वित्तीय सहयोग तथा संकल्प परियोजना के संचालन हेतु केन्द्रांश अतिशीघ्र जारी करने का अनुरोध किया है।
इस अवसर पर केन्द्रीय अधिकारियों की टीम ने कौशल विकास के लिए राज्य में कराए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सभी आवश्यक अनुरोध पर सकारात्मक विचार किया जाएगा और कौशल विकास के लिए हर सम्भव सहायता केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने सेवा क्षेत्र में कौशल विकास की प्रबल सम्भावनाओं के मद्देनजर इस क्षेत्र में कार्य करने का सुझाव दिया।
UPCM ने बैठक के दौरान जिन विषयों पर चर्चा की गई, उनके सम्बन्ध में केन्द्रीय और राज्य के अधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए तीव्र गति से कार्यवाही करने के निर्देश दिए।








