UPCM ने अयोध्या में 26वीं क्षेत्रीय कृषि विज्ञान केंद्रों की वार्षिक कार्यशाला को सम्बोधित किया

अयोध्या (08 जुलाई, 2019)।
UPCM योगी आदित्यनाथ ने नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या में 26वीं क्षेत्रीय कृषि विज्ञान केंद्रों की वार्षिक कार्यशाला को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि देश में पिछले 5 वर्ष कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने स्वाॅलय हेल्थ कार्ड, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि योजनाओं के माध्यम से कृषि के विकास की जो नींव रखी थी, अब उसके परिणाम सामने आने लगे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि देश में आज दलहन का पर्याप्त उत्पादन हो रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर पहुंचाने के संकल्प को सफल बनाने में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। प्रधानमंत्री के आह्वान को पूर्ण करने में प्रदेश का योगदान तभी माना जायेगा जब हम अपनी अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा सकें। राज्य का कृषि क्षेत्र इसमें बड़ी भूमिका निभा सकता है। प्रदेश में उत्तम जलवायु, भौगोलिक परिस्थितियों व प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता है। राज्य द्वारा यदि अपनी उर्वरा भूमि, जल संसाधनों आदि का सही उपयोग कर लिया जाए, तो यहां का किसान पूरी दुनिया का पेट भर सकता है। प्रदेश की कृषि विकास की सम्भावनाओं को कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से साकार किया जा सकता है। राज्य की कृषि और किसानों के उत्थान में कृषि विज्ञान केन्द्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

UPCM ने अयोध्या में 26वीं क्षेत्रीय कृषि विज्ञान केंद्रों की वार्षिक कार्यशाला को सम्बोधित किया

मुख्यमंत्री ने कृषि विज्ञान केंद्रों और विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों का आह्वान करते हुए कहा कि हमें प्रदेश के हर जनपद से एक कृषि उत्पाद की विशिष्ट पहचान बनानी होगी। काला नमक चावल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हम इसका बेहतर व्यावसायिक उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक ऐसा जनपद है जहां गुड़ की 127 किस्में उत्पादित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने आयात किये जाने वाली फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि जब वर्ष 2022 में देश आजादी के 75 वर्ष पूर्ण करेगा, उसके लिए अपने को तैयार करना होगा। उन्होंने सघन खेती, कृषि विविधीकरण जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। गो-आश्रय स्थलों के गोबर को कम्पोस्ट खाद में बदलने की योजना से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां किसानों ने निराश्रित गोवंश के लिए बने आश्रय स्थलों को चारा उपलब्ध कराया और स्थिति बदल गयी। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के बेहतर तालमेल से कृषि विकास के अच्छे परिणाम लाये जा सकते हैं। उन्होंने प्रदेश के 9 एग्रो क्लाइमेटिक जोन में बेहतर कार्य करने वाले 2 कृषि विज्ञान केंद्रों को सेंटर फॉर एक्सीलेंस घोषित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को दिसम्बर, 2019 तक पूरा करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा दशकों से लम्बित अधूरी बाण सागर सिंचाई परियोजना महज एक वर्ष में पूरी की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालयों में प्रकाशित होने वाले साहित्य को पूरे प्रदेश में प्रसारित करने का सुझाव दिया। उन्होंने नवोन्मेषी किसानों के अनुभवों को साहित्य के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करने पर बल दिया। उन्होंने नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय द्वारा शोध के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों को आगे ले जाने का आह्वान किया। अपने सम्बोधन के दौरान मुख्यमंत्री जी ने आगरा बस हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए मृतकों के परिजनों को शासन से हर सम्भव सहयोग करने व हादसे की जांच कराने की भी घोषणा की।



इससे पूर्व, विश्वविद्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने आचार्य नरेंद्र देव की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यशाला का उद्घाटन करने से पूर्व उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के वित्तपोषण से विश्वविद्यालय में निर्मित होने वाले 100 शैय्याओं के छात्रावास का शिलान्यास और विश्वविद्यालय में स्थाापित 750 किलोवाॅट क्षमता के ग्रिड कनेक्टेड रूफटाॅप सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रसार निदेशालय द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका पूर्वांचल खेती के विशेषांक समेत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, अटारी कानपुर द्वारा प्रकाशित वार्षिक प्रतिवेदन व अन्य साहित्य का विमोचन किया।

UPCM ने अयोध्या में 26वीं क्षेत्रीय कृषि विज्ञान केंद्रों की वार्षिक कार्यशाला को सम्बोधित किया

कार्यक्रम को प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह (धुन्नी सिंह), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक (कृषि प्रसार) डॉ. ए.के. सिंह ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम के अन्त में नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय अयोध्या के कुलपति प्रो. जे.एस. संधू ने अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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