UPCM ने A.E.S और J.E. की रोकथाम व नियंत्रण के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने ए.ई.एस. और जे.ई. रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए पूरी तैयारी समयबद्ध ढंग से किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जुलाई माह में इन रोगों के विरुद्ध जागरूकता और प्रचार-प्रसार का विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने इंसेफ्लाइटिस से प्रभावित जनपदों विशेषकर गोरखपुर और बस्ती मण्डलों के जनपदों की PHC, CHC और जिला चिकित्सालयों में पीड्रियाट्रिशियन, नर्सेज और पैरामेडिकल स्टाफ की समुचित व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इन रोगों के नियंत्रण में शिथिलता व लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने मंत्रिगण व अधिकारियों को रोग प्रभावित जनपदों का दौरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि वे स्वयं भी जुलाई माह में निरीक्षण करेंगे।
UPCM शास्त्री भवन में ए.ई.एस. एवं जे.ई. की रोकथाम व नियंत्रण के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित किये। उन्होंने सम्बन्धित विभागों से इन रोगों के नियंत्रण व रोकथाम के सम्बन्ध में किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही, उन्होंने नगर विकास, पंचायतीराज, महिला एवं बाल विकास, ग्राम्य विकास, चिकित्सा शिक्षा, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, कृषि, सिंचाई, पशुधन विभाग को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर ए.ई.एस. एवं जे.ई. की रोकथाम व नियंत्रण की कार्यवाही में और तेजी लाए जाने के निर्देश दिए।

UPCM ने कहा कि इन रोगों के उपचार और नियंत्रण के सम्बन्ध में ट्रेनिंग का विशेष प्रोग्राम चलाया जाए। उन्होंने कहा कि बस्ती और गोरखपुर मण्डल के सभी जनपदों में स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाए। पी.आई.सी.यू., एन.आई.सी.यू. पर सुविधाएं बढ़ाई जाएं। ए.ई.एस. एवं जे.ई. के नियंत्रण के लिए आवश्यक उपकरणों एवं स्टाफ की व्यवस्था समयबद्ध ढंग से पूरी तैयारी के साथ उपलब्ध हो।
UPCM ने कहा कि इंसेफ्लाइटिस से प्रभावित जनपदों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। समस्त उपचार केन्द्रों पर औषधियों एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि दवाओं और बेड की व्यवस्था में कमी नहीं होनी चाहिए। रैपिड रेस्पाॅन्स टीम रोग की जानकारी मिलते ही तुरन्त कार्यवाही करे। त्वरित व प्रभावी उपचार के लिए दक्ष कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, एम्बुलेन्सेज की उपलब्धता सुनिश्चिित करते हुए इनके माध्यम से रोगियों को तुरन्त अस्पतालों तक पहुंचाया जाए।
UPCM ने कहा कि ए.ई.एस., जे.ई. का केन्द्र मात्र BRD-मेडिकल काॅलेज न हो, बल्कि इनके उपचार की व्यवस्था CHC, PHC और जिला चिकित्सालयों पर भी सुनिश्चित हो। उन्होंने रैन बसेरों, सड़कों के निर्माण, शौचालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं नवजात शिशु की देखभाल और पोषण के साथ-साथ टीकाकरण की भी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न हो।
UPCM ने कहा कि जे.ई. और ए.ई.एस. वेक्टर जनित रोग हैं, इसलिए इनकी रोकथाम के लिए प्रभावित जनपदों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। मास एवं प्रिण्ट मीडिया, मोबाइल वैन्स के माध्यम से विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। वीडियो और डाॅक्यूमेण्ट्री फिल्मों के माध्यम से इन रोगों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाए। ड्रेनेज की व्यवस्था और शुद्ध पेयजल की भी उपलब्धता सुनिश्चित हो। प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा जिला चिकित्सालयों में इन रोगों के नियंत्रण, उपचार की पूरी तैयारी रहे, जिससे जे.ई. एवं ए.ई.एस. से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत दी जा सके।
UPCM ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों एवं महिलाओं को इन रोगों के सम्बन्ध में जागरूक किया जाए और उनके पोषण की भी व्यवस्था की जाए। शिक्षकों को इनके सम्बन्ध में प्रशिक्षित किया जाए। स्कूली बच्चों को रोग से बचाव व नियंत्रण के विषय में बताया जाए। कूड़े व नाले-नालियों की सफाई का कार्य भी समय रहते सुनिश्चित कर लिया जाए।
इस अवसर पर UPCM के समक्ष उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य नीति-2018 का भी प्रस्तुतिकरण किया गया। UPCM ने कहा कि स्वास्थ्य नीति व्यापक जनहित में होनी चाहिए। उन्होंने इस नीति में सुधार के लिए कुछ जरूरी सुझावों व संशोधनों को बताया।
प्रस्तुतिकरण के दौरान स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन, ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. महेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव राजीव कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा संजय अग्रवाल सहित स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, नगर विकास, पंचायतीराज, महिला एवं बाल विकास, ग्राम्य विकास, चिकित्सा शिक्षा, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, कृषि, सिंचाई व पशुधन विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव उपस्थित रहे।








