UP_Dy_CM ने जयपुरिया माडल यूनाइटेड नेशन्स के छठे वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ किया

उत्तर प्रदेश।
UP_Dy_CM डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि आज विश्व का दृष्टिकोण भारत के बारे में बदला है एक बार फिर से विश्व समुदाय, वैश्विक समस्याओं के समाधान हेतु भारत की ओर देख रहा है और भारत के साथ मिलकर समस्या के समाधान का प्रयास कर रहा है। भारतीय छात्रों ने अपनी विद्वता के बल पर वैश्विक संस्थाओं में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि हमे जल, जंगल एवं जमीन से संतुलन बनाकर रखना होगा। वर्तमान की समस्याओं का समाधान करने में युवाओं की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार युवाओं पर केन्द्रित स्टार्ट-अप, स्टैंड-अप, मुद्रा, कौशल विकास आदि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार नवोन्मेष को बढ़ावा दे रही है। यह विचार प्रदेश के UP_Dy_CM ने सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, विनीतखण्ड, गोमती नगर में आयोजित जयपुरिया माडल यूनाइटेड नेशन्स के छठे वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ करने के बाद व्यक्त किये।

UP_Dy_CM ने जयपुरिया माडल यूनाइटेड नेशन्स के छठे वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए
UP_Dy_CM ने जयपुरिया माडल यूनाइटेड नेशन्स के छठे वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए

UP_Dy_CM डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि भारत की संस्कृति इतनी पुरानी है कि जब विश्व के विभिन्न देशों एवं सभ्यताओं का उदय तक नहीं हुआ था। भारत को सेाने की चिड़िया एवं विश्व गुरु की उपाधि से संबोधित किया जाता था। आज की मार्डन तकनीकी के बारे में जानकारी भारतीयों को पहले से ही था। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप उस देश के छात्र है जो साहित्य, विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में प्राचीन काल से ख्याति प्राप्त है।

जयपुरिया माडल यूनाइटेड नेशन्स के छठे वार्षिक सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हेतु कुल 9 समितियां बनाई गई हैं। JMNU-2018 में कुछ पारम्परिक समितियां भी हैं। जैसे यूनाइटेड नेशन्स, सामान्य पूर्ण सभा, यूनाइटेड नेशन्स सुरक्षा समिति, यूनाइटेड नेशन्स मानवाधिकार समिति इत्यादि। ये सभी समितियां विभिन्न विषयों पर बहस और वाद-विवाद आयोजित करेंगी। इस सम्मेलन में कुछ विशेष विषयों पर चर्चा के लिए कुछ विशेष समितियां भी गठित की गई हैं। ये समितियों यूनाइटेड नेशन्स के विदेश नीति और यूनाइटेड नेशन्स रेड समिट-2022 के एजेण्डे को लागू करेंगी। इन समितियों की कार्य सूची में मार्स पर भविष्य की कार्य योजना की रुप रेखा प्रस्तुत करना भी शामिल है। साथ ही भारत से संबंधित विषयों की भी कुछ समितियां हैं जो संविधान की धाराओं के अंतर्गत हाशिए का समाज विषय पर केन्द्रित थी।

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