परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अशोक कटारिया ने परिवहन निगम के समस्त अधिकारियों के साथ परिवहन निगम मुख्यालय के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक की एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉफ्रेन्सिंग द्वारा समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रमुख सचिव, परिवहन राजेश कुमार सिंह, उ0प्र0 परिवहन निगम के प्रबन्ध निदेशक, नवदीप रिणवा, विशेष सचिव, परिवहन अखिलेश मिश्रा, परिवहन निगम की अपर प्रबन्ध निदेशक, सरनीत कौर ब्रोका एवं परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अशोक कटारिया ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण परिवहन निगम आय में कमी आयी है। महामारी अब नियंत्रण मेें है। निगम की आय को बढ़ाने के लिए जितने तौर-तरीके हैं उनकों अपनाया जाय। उन्होंने कहा कि घाटे में चल रहे डिपो की प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा होनी चाहिए। बसों एवं बस स्टेशनों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाय।
परिवहन मंत्री ने परिवहन निगम कार्यालय में निगम के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी क्षेत्रीय प्रबन्धकों को यह निर्देश दिये कि कम से कम 50 प्रतिशत से अधिक लोडफैक्टर पर ही बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाय। बसों के साफ-सफाई की जिम्मेदारी चालक को दी जाय और इसके लिए चालकों को अलग से इंसेंटिव देने का प्राविधान किया जाय। उन्होंने पायलेट प्रोजेक्ट के तौर यह कार्यक्रम तत्काल शुरू करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य राज्यों में परिवहन निगम की जाने वाली बसों की बीच-बीच में चेकिंग दल द्वारा चेकिंग की जाय। साथ ही निगम के वर्कशाप की लगातार मनॉटिरिंग की जाय और यह सुनिश्चित किया जाय कि जो बसें वर्कशाप/कार्याशाल में आ रही हैं, उन्हें समयबद्ध ठीक किया जाय।
मंत्री ने कहा कि कम आय देने वाले क्षेत्रीय प्रबन्धकों/सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धकों को तत्काल बदला जाय तथा लाभ देने वाले क्षेत्रीय प्रबन्धक/सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धकों को प्रोत्साहित किया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि परिवहन निगम की बसें प्रत्येक दशा में बस अड्डे से ही होकर जायें। ऐसा न करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाही की जाय। उन्होंने कहा कि सूचना क्रांति के दौर में निगम को पीछे नहीं रहना चाहिए। सोशल मीडिया पर लोगों की जिज्ञासाओं का तत्काल समाधान किया जाय और हेल्पलाइन पर आने वाले शिकायतों का त्वरित निस्तारण भी कराया जाय। उन्होंने कहा कि निगम के स्वामित्व वाली भूमि जिसपर अतिक्रमण है, उसको तत्काल मुक्त कराया जाय। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक प्रत्येक कार्य की समयावधि निर्धारित नहीं होगी, तब तक परिणाम भी अच्छे नहीं आयेंगे। इसलिए हर कार्य को समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाय।








