उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को प्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जायेगा

लखनऊ (11 सितम्बर, 2020)।
निदेशक पंचायतीराज उत्तर प्रदेश किंजल सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय पंचायत दिवस 24 अप्रैल, 2017 के अवसर पर की गयी घोषणा के क्रम में राष्ट्रीय स्तर पर पंचायत सशक्तीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को दिये जाने वाले ‘‘दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार’’ की भाँति उत्तर प्रदेश में भी उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों का चयन करते हुए प्रत्येक वर्ष प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जायेगा। इस योजना को राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2017-18 में ‘‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना’’ के नाम से संचालित करने का निर्णय लिया गया था।

उन्होंने बताया कि इस योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2019-20 में मूल्यांकन वर्ष 2018-19 में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कुल 346 ग्राम पंचायतों को रू० 17.79 करोड़ की धनराशि से पुरस्कृत किया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में भी इस योजनान्तर्गत रू0 25 करोड़ की धनराशि का आय-व्ययक प्राविधान किया गया है, जिसके क्रम में अपर मुख्य सचिव, पंचायतीराज विभाग के शासनादेश दिनांक 07 सितम्बर, 2020 के द्वारा 15 सितम्बर, 2020 से 25 अक्तूबर, 2020 तक इस पुरस्कार हेतु ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारम्भ की जा रही है। प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतें वित्तीय वर्ष 2019-20 में स्वयं द्वारा किये गये कार्यों के आधार पर अपना स्वःमूल्यांकन कर ऑनलाइन आवेदन हमारी पंचायत पोर्टल पर करते हुए निर्धारित समयसीमा में 25 सितम्बर, 2020 की मध्यरात्रि तक इस पुरस्कार में प्रतिभाग कर सकती है।

निदेशक पंचायतीराज ने बताया कि मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के परिवेक्षण एवं विभिन्न कार्यकलापों की समय सारणी जारी कर दी गयी है। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना हेतु पंचायत राज की बेवसाइट हमारी पंचायत पोर्टल पर उपलब्ध ग्राम पंचायत की 100 अंको वाली प्रश्नावली के प्रश्नों के उत्तर सम्बन्धित जनपद के सचिव ग्राम पंचायत (ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी) और प्रधान द्वारा साक्ष्यों के आधार पर सम्बन्धित सहायक विकास अधिकारी (पं0) की देखरेख में सचिव ग्राम पंचायत द्वारा ऑनलाइन भरकर अग्रसारित किये जाने हेतु 15 सितम्बर से 25 अक्तूबर, 2020 तक निर्धारित, पंचायतों द्वारा फ्रीज की गई प्रश्नावलियों को जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित परफारमेन्स असेसमेन्ट कमेटी द्वारा परीक्षण/अनुमोदन कर जनपद स्तरीय स्थलीय सत्यापन हेतु न्यूनतम दोगुना ग्राम पंचायतों को चयन किये जाने हेतु 02 नवम्बर, 2020 निर्धारित, जनपद स्तरीय समिति द्वारा स्वयं के स्तर से सत्यापन दल गठित कर निदेशक, पंचायतीराज द्वारा निर्धारित प्रक्रियानुसार ग्राम पंचायतों का स्थलीय सत्यापन करना एवं सर्वाधिक अंक वाली ग्राम पंचायतों को राज्य स्तरीय समिति के समक्ष 22 नवम्बर, 2020 तक ऑनलाइन फ्रीज करेगी।

किंजल सिंह ने बताया कि राज्य स्तरीय सत्यापन दल का गठन करना और सत्यापन दल को पंचायतों के स्थलीय सत्यापन की जानकारी हेतु निदेशालय स्तर पर 28 नवम्बर, 2020 तक प्रशिक्षण दिया जाना निर्धारित किया गया है।, राज्य स्तरीय सत्यापन दल द्वारा मण्डलीय उपनिदेशक (पं0) के माध्यम से ग्राम पंचायतों का स्थलीय सत्यापन 28 नवम्बर से 05 दिसम्बर, 2020 तक किया जाना निर्धारित है। राज्य स्तरीय सत्यापन दल द्वारा सत्यापन रिपोर्ट निदेशालय को ऑनलाइन अपनी रिपोर्ट 10 दिसम्बर, 2020 को उपलब्ध कराया जाना निर्धारित है। राज्य परफारमेन्स असेसमेन्ट कमेटी द्वारा चयनित ग्राम पंचायत का प्रस्ताव माह दिसम्बर, 2020 में कृषि उत्पादन आयुक्त, उ0प्र0 शासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित किया गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समिति के अनुमोदनोपरान्त माह दिसम्बर, 2020 मे ही ग्राम पंचायतांे को पुरस्कार की धनराशि का हस्तान्तरण एवं पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न किया जायेगा।

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