बिल के भुगतान के लम्बित होने पर विद्युत कनेक्शन काटना समाधान नहीं: #CMYogi

लखनऊ 25 अप्रैल 2022,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की सर्वाधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में रोस्टर के अनुसार अबाधित विद्युत आपूर्ति होनी चाहिए। उन्होंने ऊर्जा विभाग को रोस्टर के अनुसार निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए जरूरी व्यवस्था अविलम्ब की जाए। राज्य सरकार प्रदेश में 24×7 अबाधित बिजली आपूर्ति के लिए संकल्पित हैं।

Disconnection of electricity connection pending payment of bill is not a solution: #CMYogi

मुख्यमंत्री कई क्षेत्रों में रोस्टर के अनुरूप बिजली आपूर्ति न होने की शिकायतों के दृष्टिगत लोक भवन में आहूत ऊर्जा विभाग की बैठक को सम्बोधित किया। विद्युत की अबाधित आपूर्ति के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जाए। ट्रांसफॉर्मर के खराब होने अथवा तार आदि के टूटने की स्थिति में बिना विलम्ब समस्या का समाधान किया जाए। ऊर्जा विभाग व पावर कॉर्पाेरेशन यह सुनिश्चित करें कि पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुरूप सभी क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति हो। इसके लिए जो भी व्यवस्था करनी जरूरी हो, अविलम्ब की जाए। व्यापक जनहित के इस विषय में यू0पी0पी0सी0एल0 की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विद्युत की अबाधित आपूर्ति बनाए रखने के लिए बिल का भुगतान प्राप्त किया जाना आवश्यक है। बिजली का उपभोग करने वाले उपभोक्ता की भी जिम्मेदारी है कि समय से विद्युत बिल का भुगतान करें। एक साथ कई माह का बिल प्राप्त होने पर भुगतान करना कठिन होता है। ऊर्जा विभाग को विद्युत उपभोक्ता को प्रतिमाह विद्युत बिल उपलब्ध कराना चाहिए। इससे उपभोक्ता को भुगतान करने में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिल के भुगतान के लम्बित होने पर विद्युत कनेक्शन काटना समाधान नहीं है। विद्युत बिलों के भुगतान के लिए विभाग को उपभोक्ता के साथ संवाद बनाकर उसे भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्युत बिलों के कलेक्शन के लिए बेहतर और प्रभावी व्यवस्था बनायी जानी चाहिए। विद्युत बिलों का भुगतान प्राप्त करने के लिए गांवों में बिजली कलेक्शन सेण्टर बनाए जाने पर विचार किया जाए। विद्युत बिल कलेक्शन के लिए बी0सी0 सखी, महिला स्वयं सहायता समूह आदि को इससे जोड़ने के सम्बन्ध में विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत बिलों का भुगतान प्राप्त करने के लिए एकमुश्त समाधान योजना लाए जाने तथा बड़ी धनराशि के विद्युत बिलों का भुगतान किस्तों में प्राप्त करने पर भी विचार किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग के कार्य को बेहतर और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए। नगरीय क्षेत्रों में समयबद्ध ढंग से स्मार्ट मीटर लगाए जाने का कार्य किया जाए। विद्युतीकरण से छूटे पुरवे और मजरों के विद्युतीकरण का कार्य पूरा किया जाए। जिन घरों में अब भी बिजली कनेक्शन नहीं हैं, उन्हें पात्रता के अनुसार सौभाग्य योजना के अन्तर्गत कनेक्शन प्रदान किया जाए। बिजली चोरी करने वालों के विरुद्ध पूरी सख्ती से नियमानुकूल कार्यवाही की जाए। लाइन लॉस को न्यूनतम रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बिजली उत्पादन के लिए कोयले की उपलब्धता सतत् बनाए रखी जाए। अभी हमारे पास कोयले की कमी नहीं है, किन्तु मांग के अनुरूप कोयले की आपूर्ति सुगम बनी रहे, इसके लिए भारत सरकार से सतत् संवाद बनाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि बिजली के झूलते-लटकते तारों का संजाल न केवल शहर की सुन्दरता खराब करते हैं। इनसे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि बिजली तारों के भूमिगत किए जाने के कार्य को चरणबद्ध ढंग से तेजी से आगे बढ़ाया जाए।

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव ऊर्जा आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, यू0पी0पी0सी0एल0 के चेयरमैन एम0 देवराज, उ0प्र0 राज्य विद्युत उत्पादन निगम एवं पारेषण निगम के प्रबन्ध निदेशक पी0 गुरुप्रसाद, अपर सूचना निदेशक अंशुमान राम त्रिपाठी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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