मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की
साप्ताहिक चौपालों में राजस्व वाद, घरेलू हिंसा, अवैध वसूली तथा स्थानीय स्तर पर दर्ज न होने वाली पुलिस शिकायतों जैसी आमजन से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा : मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता की विभिन्न शिकायतों के समाधान के लिए विकास खण्ड स्तर पर साप्ताहिक चौपाल लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इन चौपालों में राजस्व वाद, घरेलू हिंसा, अवैध वसूली तथा स्थानीय स्तर पर दर्ज न होने वाली पुलिस शिकायतों जैसी आमजन से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा। साथ ही, सरकारी लाभार्थीपरक योजनाओं से वंचित पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ भी इन चौपालों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन चौपालों के संचालन के लिए शासन स्तर से विस्तृत निर्देश जारी किए जाएंगे। उन्होंने प्रत्येक आवेदन और शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इन चौपालों में जनपदस्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।
मुख्यमंत्री ने आई0जी0आर0एस0 और सी0एम0 हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि हर शिकायत को पूरी गम्भीरता से लिया जाए। केवल औपचारिक निस्तारण नहीं, बल्कि पीड़ित को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आगामी गंगा दशहरा और बकरीद पर्व को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि बकरीद के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। प्रतिबन्धित पशुओं की कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा। कुर्बानी केवल पूर्व निर्धारित स्थलों पर ही की जाएगी और किसी भी नई परम्परा को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नमाज केवल परम्परागत स्थलों पर ही अदा की जाए तथा सड़क मार्ग अवरुद्ध कर नमाज की अनुमति किसी भी स्थिति में न दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में कुर्बानी के बाद अपशिष्ट निस्तारण की सुनियोजित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खुले में मांस विक्रय प्रतिबन्धित रहे तथा अवैध स्लॉटर हाउस किसी भी दशा में संचालित न हों। वैध स्लॉटर हाउस में भी निर्धारित क्षमता से अधिक पशु न रखे जाएं।
मुख्यमंत्री ने पर्वों के दौरान बिजली आपूर्ति, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में पर्व से पूर्व फ्लैग मार्च किया जाए तथा धार्मिक स्थलों के आसपास पुलिस बल की सतत पैदल गश्त सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने अलीगढ़, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर और सम्भल सहित संवेदनशील जनपदों के जिलाधिकारियों और पुलिस प्रमुखों से संवाद करते हुए कहा कि विगत वर्षों की घटनाओं का अध्ययन कर सम्भावित अराजक तत्वों की सूची तैयार की जाए तथा आवश्यकतानुसार निषेधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। सभी थाना, तहसील और जनपद स्तर पर पीस कमेटियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने गंगा दशहरा पर्व की तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़, मुजफ्फरनगर और अमरोहा सहित विभिन्न जनपदों में घाटों की साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, एम्बुलेंस तैनाती, छायादार व्यवस्था तथा पार्किंग प्रबन्धन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा और अवैध खनन पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बिना नम्बर प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाने तथा अवैध खनन के खिलाफ टास्क फोर्स गठित कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। किसी भी दबाव या सिफारिश में आए बिना जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जाए, लेकिन जाँच के नाम पर आम नागरिकों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने भू-माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई को और तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का वैध अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तैनाती नहीं है, वहाँ तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अन्तर्गत प्रदेश में अब तक 12 लाख पाण्डुलिपियों के चिन्हांकन की जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक ने आगामी पर्वों और परीक्षाओं को लेकर पुलिस की तैयारियों से अवगत कराया।








