मुख्यमंत्री ने अयोध्या आए श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद अयोध्या में श्रीरामलला के बालरूप विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान के अगले दिन बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।

इसके पश्चात्, मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ दर्शन के लिए उमड़ रहे अपार जनसमुद्र के प्रबन्धन, दर्शन-पूजन व्यवस्था को और व्यवस्थित करने पर चर्चा की। इस बीच, मुख्यमंत्री ने देश के हर कोने से आ रहे श्रद्धालुओं से संयम और सहयोग की अपील की है। आस्थावानों की भावना का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि अयोध्या में उमड़े जनसमुद्र के बीच सबको रामलला के दर्शन हों, इसके लिए संयम बनाए रखें। अत्यधिक भीड़ से दर्शनार्थियों को असुविधा होगी। ऐसे में सभी लोग श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, स्थानीय पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों का सहयोग करें। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और प्रशासन प्रत्येक रामभक्त को सुविधापूर्वक दर्शन कराने का प्रयास कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि अयोध्या में मंगलवार को वही हुआ जो अवश्यम्भावी था। सदियों की प्रतीक्षा के बाद श्रीरामलला सोमवार को अपने नव्य, भव्य, दिव्य मन्दिर में विराजमान हुए तो मंगलवार को पौ फटने से पहले ही उनके दर्शन को आतुर लाखों-लाख श्रद्धालु उमड़ पड़े। हाड़ कंपाने वाली ठंड के बावजूद अयोध्या की सड़कों पर आस्था का हुजूम उमड़ पड़ा। धर्मपथ, राम पथ और श्रीराम जन्मभूमि पथ के मार्गों पर तिल रखने की जगह नहीं दिख रही थी। भीड़ के चलते रामलला के कपाट एक घण्टे पहले खोले गए।

रात 03 बजे से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों में मन्दिर के अंदर जाने के लिए होड़ मची। ऐसे में मन्दिर के अंदर खचाखच भीड़ के बीच ए0टी0एस0 और आर0ए0एफ0 कमाण्डो दाखिल हुए। मन्दिर के कपाट तो सुबह सात बजे खुले, लेकिन रात के दूसरे पहर से ही दर्शनार्थी श्रद्धालुओं की अपरिमित कतार लग गई। हालांकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन व पुलिस की टीमें पूरी तरह मुस्तैद थीं। उधर सुबह मन्दिर के कपाट खुलने के बाद श्रीरामलला के दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ तो आस्थावानों की संख्या बढ़ने लगी। दोपहर होते-होते करीब तीन लाख श्रद्धालु प्रभु का बाल रूप निहार कर निहाल हो चुके थे और करीब इतनी ही संख्या प्रतीक्षारत श्रद्धालुओं की थी।

लखनऊ में मौजूद मुख्यमंत्री सुबह से ही अयोध्या की मॉनीटरिंग कर रहे थे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई भी चूक न हो जाए, किसी को कोई भी असुविधा न हो इसके लिए उन्होंने प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद और पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। दोनों वरिष्ठ अधिकारी अयोध्या पहुंचे और मंदिर के गर्भगृह में लोगों के सुगम दर्शन की व्यवस्था में लगे। अधिकारियों को मौके पर भेजने के कुछ देर बाद मुख्यमंत्री स्वयं भी अयोध्या पहुंच गए और पूरी कमान खुद अपने हाथों में ले ली।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले रामकथा कुंज में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ दर्शन की सभी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने हेलीकॉप्टर से प्रमुख सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक के साथ अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि और रामपथ का हवाई सर्वेक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि हर श्रद्धालु सुरक्षित है और किसी को कोई दिक्कत नहीं है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखकर दर्शन का समय भी बढ़ाया गया।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए आठ स्थानों पर मजिस्ट्रेट तैनात कर दिए। इन मजिस्ट्रेट को शांति, सुरक्षा, यातायात व लोक व्यवस्था के प्रबन्धन के लिए लगाया गया है। श्रद्धालुओं के सुगम व सुरक्षित दर्शन हेतु अयोध्या पुलिस द्वारा सभी ड्यूटी प्वाइण्ट्स पर पुलिस बल तैनात कर सतर्कता बरती जा रही है। जनपद के सभी अन्तरजनपदीय बॉर्डर, बैरियर, चेक प्वाइण्ट पर पुलिस बल की ड्यूटी लगाकर जनपद मे आने वाले सभी संदिग्ध वाहनों, व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही है। साथ ही, सभी महत्वपूर्ण स्थानों, होटल, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर संदिग्ध वाहनों, व्यक्तियों की जांच की जा रही है। किसी भी तरह की अफवाह को रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सतर्क नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने भीड़ के बीच लगातार आवश्यक सूचनाओं की उद्घोषणा करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा है कि नगर में स्वच्छता की स्थिति बनाए रखी जाए।

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