LDA अपर सचिव के बाद LDA सचिव के PA पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप, पत्र वायरल

रिपोर्ट : ऋषि कुमार शर्मा।
इन दिनों लखनऊ विकास प्राधिकरण में भ्रष्टाचार के आरोप किसी न किसी अधिकारी के ऊपर लग रहे हैं। लेकिन इसका असर किसी भी अधिकारी को नहीं पड़ता है क्योंकि उच्च अधिकारी होने के कारण मामला जस का तस निपट जाता है.
हाल ही के बीते दिनों एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा पर MLC रवि शंकर ने भ्रष्टाचार के आरोप में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की थी। जिसके बाद प्रमुख सचिव ने जांच के आदेश दिए.
ताजा मामला लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव पवन गंगवार के निजी सचिव (PA) का है। जिसमें लखनऊ हाई कोर्ट के अधिवक्ता उपेंद्र शुक्ला ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव पवन गंगवार के निजी सचिव (PA) राम कुमार वर्मा द्वारा आवंटियों की पत्रावलियों में कोई न कोई आपत्ति लगाकर मोटी रकम वसूलने के सम्बंध में आरोप लगाया है। आरोप लगा हुआ यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग के आलाधिकारियों में हड़कम्प मच गया है।
अधिवक्ता उपेंद्र शुक्ला के आरोप पत्र में जानिए क्या है लिखा:-
अधिवक्ता उपेंद्र शुक्ला का कहना है कि लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव के पी.ए. राजकुमार वर्मा पूर्व में पी.ए. के पद पर कार्य करके कई अनियमिताओं में लिप्त पाए गए थे और एलडीए की गोपनीयता को भंग करने की साजिश में लखनऊ डीएम/वीसी एलडीए लखनऊ के समय में अनियमित कार्यों व गोपनीयता भंग करने की लिप्तता में पी.ए. राजकुमार वर्मा के विरुद्ध कार्यवाही करके पद से हटा दिया गया था। यह इस पद पर लगभग 15 वर्षों से कार्य कर रहे हैं। जिसका पता सर्विस पत्रावली की जांच से लगाया जा सकता है।
अधिवक्ता उपेंद्र शुक्ला का आरोप है कि काफी जुगाड़ लगाकर राजकुमार वर्मा फिर से सचिव के निजी सचिव/पी.ए. के पद पर कार्य कर रहे हैं। पत्र में लिखा है कि राजकुमार वर्मा पूर्व की भांति फिर से मौजूदा समय में अपनी प्रक्रिया अपनाए हुए हैं। यदि जांच करके तत्काल प्रभाव से पी.ए. के पद से हटाया या स्थानांतरण किया जाता है तो लखनऊ विकास प्राधिकरण को करोड़ों रुपये का राजस्व का लाभ प्राप्त हो सकेगा।









