UPCM ने डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर और बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर उन्होंने डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर के नाॅलेज पार्टनर IIT-BHU व IIT-कानपुर को तकनीक व कौशल विकास के सम्बन्ध में जानकारी व सहयोग देने के लिए उनके प्रस्ताव के अनुसार 15-15 करोड़ रुपये का फण्ड उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, भारत इलेक्ट्रनिक्स लिमिटेड के अनुरोध पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निकट भूमि उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए।
UPCM ने कहा है कि डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर की स्थापना के लिए अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर एवं जालौन में भूमि चिन्हित कर लैण्ड बैंक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर में स्थापित होने वाले उद्योगों को कौशल विकास से जोड़ने के लिए समन्वित ढंग से कार्य किया जाए, जिससे उद्योगों को दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा और प्रदेश के नौजवानों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी प्राप्त होगा। इससे डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर में रोजगार की असीम सम्भावनाएं पैदा होंगी।

UPCM ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रचुर मात्रा में संसाधन उपलब्ध हैं। भूमि भी उपलब्ध है, पर्याप्त टेस्टिंग रेंज है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे व बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के माध्यम से आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रदेश की आॅर्डिनेंस फैक्ट्रियों का विस्तार किया जा रहा है। डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर के निर्माण से बुन्देलखण्ड विकास की नई गाथा लिखेगा। राज्य सरकार डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर की शीघ्र स्थापना के लिए तेजी से कार्रवाई कर रही है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि लैण्ड बैंक सहित डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग का क्षेत्र औद्योगिक विकास में उपयोगी भूमिका निभा सकता है। उत्तर प्रदेश में 1100 ऐसी औद्योगिक इकाइयां हैं, जिनको 6 क्लस्टर्स में बांटकर माह दिसम्बर तक सम्बन्धित कार्य को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग 6 नोड्स के लिए विशेष उद्योगों की स्थापना और उनके लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, डिफेन्स काॅरिडोर की स्थापना के लिए एन्सिलरी यूनिट्स को विकसित किया जाए, जिससे रक्षा क्षेत्र के विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के उत्पादन की भूमिका प्रदेश के विकास के लिए सुनिश्चित हो सके।

डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर की नोडल एजेन्सी यूपीडा के CEO एवं अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने UPCM को अवगत कराया कि डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर स्थापना सम्बन्धी कार्याें के लिए भूमि चिन्हित कर उन्हें उपलब्ध कराने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। भारत सरकार की रक्षा नीति के अनुसार स्पेशल पर्पज़ वेहिकिल की स्थापना सम्बन्धी कार्याें को अंजाम दिया जा रहा है। झांसी, चित्रकूट, जालौन, अलीगढ़, आगरा व कानपुर में लगभग 5,125 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर ली गई है, जिन्हें निवेशकों को उपलब्ध कराने का कार्य चरणबद्ध ढंग से किया जाएगा। भूमि चिन्हीकरण के दौरान कनेक्टिविटी और अवस्थापना सम्बन्धी सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। यूपीडा ने नाॅलेज पार्टनर के रूप में सोसाइटी आॅफ इण्डियन डिफेन्स मैन्युफैक्चरर (SIDM), एसोचैम, पी.एच.डी.सी.सी.आई., एफ.आई.सी.सी.आई., आई.आई.ए. आदि को भी चिन्हित किया है। डिफेन्स इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर में निवेशकों को आकर्षित करने की योजनाएं लागू की जा रही हैं।
UPCM ने इस अवसर पर बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना की भी समीक्षा की। उन्होंने 30 नवम्बर, 2018 तक इसके सम्बन्ध में DPR प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने PPP मोड में भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की बात कही। साथ ही, यह निर्देश भी दिए कि सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के कार्याें में तेजी लाते हुए प्रति सप्ताह इसकी समीक्षा करें।

इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, औद्योगिक विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल, रक्षा मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार राजीव कुमार सेन, IIT-BHU व IIT-कानपुर के निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








