UPCM ने ‘प्रयाग कुम्भ-2019’ मेले में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि गंगा में गिरने वाले सभी नालों इत्यादि का 15 दिसम्बर, 2018 से पूर्व समाधान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि इस तिथि के उपरान्त गंगा में किसी भी प्रकार की गन्दगी नहीं गिरेगी। उन्होंने कहा कि सीवेज और अन्य प्रदूषणकारी उत्प्रवाह के ट्रीटमेन्ट के लिए स्थापित किए जा रहे एसटीपी समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं, ताकि नदियों में सीवर का प्रदूषण न पहुंचे। यह सुनिश्चित किया जाए कि 15 दिसम्बर, 2018 के बाद से गंगा में निर्मल धारा अच्छे जल स्तर और प्रवाह के साथ उपलब्ध हो। प्रयाग कुम्भ-2019 के मद्देनजर गंगा जी की स्वच्छता एवं निर्मलता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

UPCM ने प्रयाग कुम्भ-2019 के दौरान मेले में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि मेले में होने वाली गन्दगी का तुरन्त निस्तारण किया जाए। उन्होंने STP निर्माण इत्यादि से सम्बन्धित परियोजनाओं की साप्ताहिक माॅनीटरिंग के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदियों को स्वच्छ और अविरल बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि ये जल के अलावा अन्य सम्पदा की भी स्रोत हैं। साथ ही, ये हमारे जीवन का आधार भी हैं और हमारे पर्यावरण के लिए अत्यन्त आवश्यक भी हैं।

बैठक के दौरान को प्रमुख सचिव नगर विकास ने मई, 2018 में इस सम्बन्ध में सम्पन्न बैठक में UPCM द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन के विषय में बताया कि सी.ई.टी.पी. जाजमऊ के आॅपरेशन एवं मेन्टीनेन्स के लिए टैनरी इकाइयों को कन्सेण्टेड क्षमता के अनुसार उनकी देनदारी के आधार पर बिल भेजे जाने के सम्बन्ध में 256 टैनरी इकाइयों को उत्पादन क्षमता के अनुसार बिल भेजे गये हैं। कानपुर नगर निगम द्वारा 24 जुलाई, 2018 तक 05 करोड़ रुपये और टैनरी इकाइयों द्वारा 01 करोड़ रुपये का भुगतान जुलाई, 2018 में किया गया है।

बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने जाजमऊ सी.ई.टी.पी. एवं उसके कन्वेन्स चैनल की मरम्मत इत्यादि की प्रगति के विषय में भी अवगत कराया। उन्होंने प्रयाग कुम्भ-2019 के दृष्टिगत 15 दिसम्बर, 2018 से 15 मार्च, 2019 तक गढ़मुक्तेश्वर से काशी तक घरेलू सीवेज एवं औद्योगिक उत्प्रवाह का निस्तारण गंगा नदी में न किये जाने के सम्बन्ध में की गई कार्रवाई के सम्बन्ध में भी अवगत कराया।

UPCM को बैठक के दौरान जाजमऊ में टैनरियों के क्षमता विस्तार को रोकने और नई टैनरियों और वर्तमान इकाइयों के विस्तारीकरण की अनुमति नये लेदर क्लस्टर में दिए जाने के विषय में भी अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जाजमऊ में टैनरियों की क्षमता विस्तार हेतु और नई इकाई की स्थापना हेतु अब अनापत्ति प्रमाण नहीं दिए जा रहे हैं। उन्हें जनपद उन्नाव में टैनरी उद्योग के स्टेटस के विषय में भी अवगत कराया गया।

UPCM ने निर्देश दिए कि गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाने की दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि 15 दिसम्बर, 2018 के बाद से प्रयाग कुम्भ-2019 के लिए गंगा की स्वच्छ एवं निर्मल धारा स्नानार्थियों के लिए उपलब्ध रहे।

बैठक में मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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