UPCM मंत्रिमंडल के सिंचाई मंत्री ने की बाढ़ से पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक

उत्तर प्रदेश।
UPCM मंत्रिमंडल के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों एवं राज्यमंत्री के साथ प्रदेश में हो रही भारी वर्षा को देखते हुए आने वाली सम्भावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।

सिंचाई मंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी जिलों का चुनाव कर ले कि किसे किस जिले में निरीक्षण करना है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभाति क्षेत्रों में जाकर जनता को बाढ़ से संबंधित जानकारी दें। सिंचाई मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग से समन्वय स्थापित कर बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का मानचित्र बनवायें ताकि उनकी नुकसान का आकलन किया जा सके। सिंचाई मंत्री ने कहा कि राहत सामाग्री बांटने में भी उनका आवश्यक सहयोग करें।

सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ से सम्भावित जिलों में जाकर जिलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि UPCM ने पिछले सालों की अपेक्षा इस साल चार गुना अधिक बजट दिया है। सिंचाई मंत्री ने कहा कि 385 करोड़ की धनराशि बाढ़ सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को आवंटित कर दिया है।

सिंचाई मंत्री ने विशेष सचिव सारिका मोहन को निर्देश दिये कि सभी 40 जिलों के जिलाधिकारियों से लगातार बात करती रहें और जो भी आवश्यकता हो उसकी उपलब्धता तत्काल सुनिश्चित की जायें। उन्होंने कहा प्रतिदिन बात करके बाढ़ की स्थिति पर नजर रखें। सिंचाई मंत्री ने कहा कि जहां भी विभागीय अधिकारी लापरवाही दिखायें उनके विरुद्ध तत्काल कड़े कदम उठाये तथा हमें भी अवगत कराया जाये।

सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि नदियों की वर्तमान स्थिति तथा कटान से संबंधित जानकारी प्राप्त कर लें ताकि समय रहते ही सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवसथा की जा सके। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी बाढ़ की स्थिति हो वहां के तटबंधों का विशेष ध्यान रखें। तटबंधों के निरीक्षण लगातार करते रहें और एक आदमी विभाग का लगातार वहां पर उपस्थित रहे। सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाढ़ आने से पहले ही प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विस्थापित करने के लिए स्थान चिन्हित कर लिये जायें।

सिंचाई मंत्री को विभाग के अधिकारियों ने अवगत कराया कि सभी जिलों में बाढ़ चैकियां स्थापित कर दी गयी हैं। जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में स्टेरिंग कमेटी गठित दी गयी है। सभी लोग सक्रिय हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभी कहीं भी बाढ़ की स्थिति नहीं है। सभी जिलों में नोडल अधिकारी बना दिया गया है जो लगातार जिलाधिकारी से सम्पर्क स्थापित करते रहते हैं। अभी कहीं से किसी भी प्रकार की जनहानि, पशुहानि अथवा फसलों की हानि की सूचना नहीं आयी है।

बैठक में बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह, राज्यमंत्री सिंचाई (यांत्रिक) बलदेव सिंह औलख, सचिव सिंचाई राजमणि यादव, विशेष सचिव सारिका मोहन, प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष कुणाल कुलश्रेष्ठ, प्रमुख अभियन्ता श्री ए.के. सिंह और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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