UPCM NEWS, राज्यपाल की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय आयोजन समिति की प्रथम बैठक सम्पन्न

उत्तर प्रदेश।
UPCM NEWS, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती का भव्य रूप में स्मरणोत्सव मनाए जाने हेतु गठित राज्य स्तरीय आयोजन समिति की प्रथम बैठक उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक की अध्यक्षता में शास्त्री भवन में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर गांधी की 150वीं जयन्ती के आयोजन को प्रदेश में स्मरणीय और वर्तमान एवं भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी बनाने के लिए समिति के सदस्यों द्वारा अपने-अपने सुझाव दिए गए।
बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि गांधी केवल भारत राष्ट्र के ही नहीं, संसार की महान विभूति थे। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर बड़े साहस एवं संयम के साथ उन्होंने स्वतंत्रता आन्दोलन का नेतृत्व किया और देश को स्वाधीन कराया। गांधी जी व्यक्ति नहीं संस्था थे। उनके विचार, उनके समय से अधिक वर्तमान में प्रासंगिक हैं। भविष्य में सम्भवतः यह और भी अधिक प्रासंगिक होंगे। रोजगार एवं विश्व शान्ति के सम्बन्ध में बापू का दर्शन विश्व के चिन्तन का विषय है।

राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती के आयोजन हेतु भारत सरकार द्वारा 02 वर्ष के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। इसी के अनुरूप प्रदेश सरकार द्वारा भी 02 वर्ष के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार किए जाने हेतु राज्य स्तरीय आयोजन समिति का गठन किया गया है। यह जिसकी पहली बैठक है। इस समिति से प्राप्त सुझावों व प्रस्तावों पर कार्यवाही हेतु UPCM की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति का गठन भी किया गया है।
बैठक में उपस्थित सदस्यों के सुझाव आमंत्रित करते हुए राज्यपाल ने अपेक्षा की कि आयोजन समिति विचार-विमर्श से जो कार्यक्रम तय करेगी, उसका व्यावहारिक आयोजन पूरे देश में प्रदेश की प्रतिष्ठा बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की अध्यक्षता में गठित 124 सदस्यों की राष्ट्रीय आयोजन समिति का कार्यवृत्त, राज्यपालों के सम्मेलन में इस विषय पर चर्चा आदि के बिन्दु हमारे सम्मुख हैं। इस समिति के सदस्यों के सुझावों को सम्मिलित करते हुए उपयुक्त सुझावों को लागू किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर राज्यपाल ने सुझाव देते हुए कहा कि महात्मा गांधी जी का दृष्टिकोण रामराज्य स्थापित करने के साथ ही, समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए कार्य करना था। समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति से भी नीचे कुष्ठ पीड़ितों का स्थान है। उन्होंने सुझाव दिया कि कुष्ठ पीड़ितों की स्थिति एवं समस्याओं को देखते हुए केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के सभी कुष्ठ रोगियों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
राज्यपाल ने यह सुझाव भी दिया कि गांधी जी की 150वीं जयन्ती पर राज्य विधान मण्डल का संयुक्त अधिवेशन आहूत किया जाए। इस अधिवेशन में महात्मा गांधी जी को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ आजादी के बाद से अब तक के कार्यों का सिंहालोकन किया जाए। साथ ही, गांधी जी के विचारों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की रूपरेखा पर भी विचार किया जाए।
विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति, धर्म, दर्शन के सम्बन्ध में महात्मा गांधी जी के विचारों पर विश्वविद्यालयों एवं अन्य उपयुक्त स्थानों पर गोष्ठियां आयोजित की जाएं। उन्होंने गांधी जी की पुस्तक ‘हिन्द स्वराज’ और गांधी द्वारा प्रकाशित समाचार पत्र ‘इण्डियन ओपिनियन’ में भारतीय संस्कृति, धर्म, दर्शन में व्यक्त विचारों पर आधारित पुस्तक का सूचना विभाग से प्रकाशन कराने का सुझाव दिया।
बैठक में राज्यपाल सहित सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए UPCM ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती के अवसर पर कार्यक्रमों का आयोजन वर्ष 2018 से 2020 तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन में इस सम्बन्ध में राष्ट्रपति जी की अध्यक्षता में एक बैठक सम्पन्न हुई थी। बैठक में उन्होंने सुराज स्थापना के लिए गांधी द्वारा देश के विभिन्न स्थानों पर जो कार्य किए गए, वहां पर विशेष आयोजन का सुझाव दिया था। इसके अलावा, स्वच्छता से गांधी जी के विशेष लगाव को देखते हुए गांधी जयन्ती पर इसका विशेष अभियान संचालित करने, स्वदेशी व खादी का प्रचार करने, गांधी दर्शन और वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ भारत की भूमिका पर चर्चा, जेलों को यातना गृह के बजाय सुधार गृह बनाने और लम्बे समय से निरुद्ध कैदियों की रिहाई आदि के सम्बन्ध में भी सुझाव दिए गए।
UPCM ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती के आयोजन के लिए प्रदेश के स्कूलों में इस सम्बन्ध में कार्यक्रमों का आयोजन, ग्राम स्वराज के लिए कार्यक्रमों का आयोजन और गांधी जी के चरखे को प्रोत्साहन देने के लिए सोलर चरखे को अपनाने के सम्बन्ध में कार्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी की 150वीं जयन्ती के आयोजन में उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पक्षों, उनके दर्शन और उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व एवं कृतित्व को इस प्रकार प्रस्तुत किया जाना चाहिए, जिससे वर्तमान और भावी पीढ़ी प्रेरित और प्रभावित हो।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.बी. भोसले का प्रतिनिधित्व करते हुए वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने जेलों में 14 वर्ष से अधिक समय से निरुद्ध 60 वर्ष से अधिक उम्र के कैदियों की रिहाई के सम्बन्ध में विधिसम्मत कार्यवाही का सुझाव दिया।
बैठक में कांग्रेस पार्टी के नेता एवं सांसद प्रमोद तिवारी ने पार्टी की तरफ से पूरा सहयोग का आश्वासन देते हुए कार्यक्रमों के प्रभावी आयोजन के लिए कैबिनेट सब कमेटी बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने गांधी जी के नाम पर ग्राम्य विकास को समर्पित कार्यक्रम संचालित करने का सुझाव दिया।
बैठक में नीरज अरोड़ा ने महात्मा गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गांधी पुस्तक मेलों और चित्र प्रदर्शनी का आयोजन का सुझाव दिया। गांधी विचार मंच के निदेशक बी.के. राय ने चिकित्सा के क्षेत्र में जल एवं आयुर्वेद चिकित्सा को पुनर्जीवित करने और चरखे के लैब बनाने, राजनाथ सिंह सूर्य ने खादी के वस्त्रों का इस्तेमाल बढ़ाने और स्कूलों में चित्र पुस्तिका के माध्यम से गांधी जी के विचारों के प्रचार-प्रसार का सुझाव दिया।
कबीर मठ वाराणसी के विवेक दास ने भक्ति संगीत समारोहों के आयोजन, अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध विद्या शोध संस्थान के अध्यक्ष ने दलित के स्थान पर वंचित शब्द के प्रयोग तथा खादी के वस्त्रों को बढ़ावा दिए जाने की बात कही। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी की गांधी अध्ययन पीठ के निदेशक प्रो. राम प्रकाश द्विवेदी ने एन.एस.एस. के वाॅलन्टियर्स को आयोजन से जोड़ने, गांधी जी से सम्बन्धित नारायण भाई देसाई के संगीत काव्य को आयोजन के दौरान प्रयोग करने और गोपाल कृष्ण गांधी के नाटक ‘दर्दे दिल’ एवं पपेट शो ‘मोहन से महात्मा’ को मंचित किए जाने का सुझाव दिया।
डाॅ. मसूद अहमद ने राज्य स्तरीय कमेटी की भांति जनपद एवं मण्डल स्तर पर भी गांधी जी की 150वीं जयन्ती के आयोजन के लिए समिति गठन का सुझाव दिया। संस्कार भारती के अयोध्या प्रसाद गुप्त ने आयोजन अवधि में स्वच्छ भारत अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए आल्हा, बिरहा, कजरी, नौटंकी, मदारी का खेल, कठपुतली, नुक्कड़ नाटक आदि लोक कला माध्यमों के प्रयोग का सुझाव दिया। सिटी माॅण्टेसरी स्कूल के संस्थापक डाॅ. जगदीश गांधी ने अपने संस्थान की प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी दी। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद मथुरा के उपाध्यक्ष शैलजा कान्त मिश्रा ने सड़क पर घूमने वाले मानसिक मंदित व्यक्तियों का इलाज कराकर, उनके घर पहुंचाने के प्रयास का सुझाव दिया।
हिन्दी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. सदानन्द गुप्त ने कहा कि साहित्य पर गांधी जी का अत्यधिक प्रभाव है। हिन्दी संस्थान इस परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालयों के समन्वय से कार्यक्रम आयोजित करेगा। बैठक के दौरान मंजीत सिंह, योगेश प्रवीन, रामसरन वर्मा, मुजफ्फर अली, सूर्य प्रसाद दीक्षित ने भी अपने सुझाव दिए।
बैठक का संचालन UP_Dy_CM डाॅ. दिनेश शर्मा ने किया। बैठक के अन्त में UP_Dy_CM केशव प्रसाद मौर्य ने राज्यपाल और अन्य सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, संस्कृति मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी, समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, स्टाम्प और न्यायालय शुल्क, पंजीयन मंत्री नन्द कुमार नन्दी, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जैसवाल, पंचायतीराज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भूपेन्द्र सिंह चौधरी, ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ. महेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








