UPCM ने कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरे जाने के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण देखा

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने शास्त्री भवन में प्रदेश के कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में स्वीकृत पदों के सापेक्ष रिक्त पदों को भरे जाने के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण देखा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन विश्वविद्यालयों की मौजूदा रिक्तियों पर मेरिट के आधार पर अच्छे और सक्षम अभ्यर्थियों की ही नियुक्ति की जाए, ताकि वे इन विश्वविद्यालयों के लिए फायदेमंद साबित हों और इनका स्तर ऊँचा हो।

UPCM ने कहा कि कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में अच्छी और सक्षम फैकल्टी मौजूद होने से पठन-पाठन का स्तर ऊँचा होगा। इससे कृषि के नये प्रयोगों में भी तेजी आयेगी। नतीजतन हमें कृषि के सभी पक्षों की गहन जानकारी रखने वाले छात्र मिल सकेंगे। इससे किसानों तक कृषि की बेहतर जानकारी पहुंचाने के साथ-साथ इसके विविधीकरण के विषय में भी मदद मिलेगी। साथ ही, किसानों का मार्गदर्शन भी किया जा सकेगा, जिससे उनकी आय दोगुनी हो सके।

UPCM प्रदेश में कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरे जाने के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण देखते हुए
UPCM प्रदेश में कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरे जाने के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण देखते हुए

UPCM ने प्रस्तुतिकरण के दौरान मौजूद कानपुर के चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज (फैजाबाद) के नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ के सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय और बांदा के कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपतियों से अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद कृषि विज्ञान केन्द्रों को पूरी तरह से सक्रिय करते हुए उन्हें किसानों के लिए पूर्णतया उपयोगी बनाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि इन केन्द्रों की स्थापना कृषि के विकास के लिए की गयी है। इनके माध्यम से किसानों को खेती की नई तकनीकों के साथ-साथ नई पद्धतियों के विषय में जानकारी उपलब्ध करायी जाए, ताकि वे इनके उपयोग से अपनी आय दोगुनी कर सकें।

UPCM ने कहा कि इन विश्वविद्यालयों को जो भी बजट उपलब्ध कराया जा रहा है, उसका उपयोग कृषि शिक्षा के साथ-साथ कृषि के उच्चीकरण और संवर्धन के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि के छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए खेतों पर किसानों के साथ काम करने के लिए भेजा जाए, ताकि वे कृषि की बारीकियों को समझ सकें। उन्होंने कहा कि कृषि की प्रैक्टिकल नाॅलेज के बगैर कोर्स पूरा करने का कोई मतलब नहीं है।

UPCM प्रदेश में कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरे जाने के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण देखते हुए
UPCM प्रदेश में कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरे जाने के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण देखते हुए

UPCM ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों को विविधीकरण के माध्यम से किसानों की आय को दोगुना करने के सम्बन्ध में अपने छात्रों को पूरी जानकारी देना चाहिए, ताकि किसानों को लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने जल की कमी वाले बुन्देलखण्ड, विंध्य क्षेत्र और आगरा मण्डल के जल की कमी वाले जनपदों में मोटे अनाजों जैसे कोदों, रागी इत्यादि की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिये।

इस अवसर पर प्रस्तुतिकरण देते हुए प्रमुख सचिव कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान अमित मोहन प्रसाद ने चारों विश्वविद्यालयों में वर्तमान में मौजूद रिक्तियों की स्थिति के बारे में विस्तार से UPCM को अवगत कराया। UPCM द्वारा अभ्यर्थियों की भर्ती में मेरिट पर विशेष बल दिये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कृषि शिक्षा से जुड़े स्टाफ के उद्देश्यपरक उपयोग पर विशेष बल दिया और कहा कि इनके कौशल और अनुभव का उपयोग कृषि के संवर्धन के साथ-साथ किसानों की बेहतरी के लिए किया जाए।

प्रस्तुतिकरण के दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह (धुन्नी सिंह) और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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