UPCM मंत्रिमंडल के सिंचाई मंत्री ने कहा वाण सागर परियोजना किसानों के कल्याण में मील का पत्थर साबित होगी

उत्तर प्रदेश।
UPCM मंत्रिमंडल के सिंचाई मंत्री ने धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से आच्छादित सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक बाणसागर नहर परियोजना वर्ष 1997 में प्रारम्भ की गयी थी जिसे वर्तमान सरकार के शासन काल में गति प्रदान कर पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्य बांध जनपद शहडोल, मध्य प्रदेश में वर्ष 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा उद्घाटन किया गया।
सिंचाई मंत्री ने बताया कि इस परियोजना से उत्तर प्रदेश के जनपद मिर्जापुर में 75,309 हेक्टेयर एवं जनपद इलाहाबाद में 74,823 हेक्टेयर कुल 1,50,132 हे. भूमि सिंचित होगी जिससे 1,70,000 कृषक लाभांवित होंगे और 5.54 लाख टन खाद्यान्न का अतिरिक्त उत्पादन होगा। परियोजना पर कुल लागत रुपये 3420.24 करोड़ आई है और नहरों की कुल लम्बाई 171.80 किमी. है।
सिंचाई मंत्री सिंचाई विभाग मुख्यालय के सभागार में बाणसागर परियोजना के पूर्ण होने पर प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया। उन्होंने बताया कि विशाल विन्ध्याचल पर्वत पर कैमूर की पहाड़ियों की तमाम बाधाओं को पार करते हुए 05 मी. व्यास की, 2.05 किमी. सुरंग और 0.50 किमी. लम्बा पाइप एक्वाडक्ट जो विश्व में बहुत कम परियोजनाओं पर निर्मित है, बनाकर परियोजना को राष्ट्र समर्पण के लिये तैयार किया गया है।
सिंचाई मंत्री ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 15 जुलाई, 2018 को एशिया की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक बाण सागर नहर परियोजना का श्री गणेश किया जायेगा। उन्होंने कहा कि UPCM की सरकार केवल शुभ कार्य की इच्छा नहीं रखती बल्कि निश्चय कर निर्णय लेने वाली सरकार है। सिंचाई मंत्री ने कहा कि किसान के कल्याण में यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी।







