UPCM ने C.S.R. के अन्तर्गत स्वच्छ भारत मिशन और अन्य कार्यक्रमों में सहयोग के सम्बन्ध में बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी (C.S.R.) के अन्तर्गत कम्पनियों द्वारा स्वच्छ भारत मिशन व अन्य कार्यक्रमों में सहयोग के सम्बन्ध में बैठक की। उन्होंने कहा कि इसके तहत कम्पनियों द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली धनराशि का उपयोग स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत शौचालय निर्माण के अलावा, जनसुविधाओं के निर्माण और विकास, मार्ग प्रकाश व्यवस्था, सुन्दरीकरण इत्यादि में भी किया जाए।

UPCM ने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश में मौजूद औद्योगिक घरानों की सूची बनाकर उनके साथ C.S.R. के सम्बन्ध में बैठक की जाए। तेल कम्पनियों, इन्श्योरेन्स कम्पनियों के अलावा बैंकों को भी इसमें शामिल किया जाए। बैठक के लिए इन संस्थानों के उच्चाधिकारियों को आमंत्रित किया जाए। इन कम्पनियों के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान उन्हें C.S.R. के तहत शौचालय निर्माण, जनसुविधाओं के निर्माण और विकास, मार्ग प्रकाश व्यवस्था, सुन्दरीकरण इत्यादि पर धनराशि खर्च करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

UPCM ने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश में मौजूद औद्योगिक घरानों की सूची बनाकर उनके साथ C.S.R. के सम्बन्ध में बैठक की जाए
UPCM ने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश में मौजूद औद्योगिक घरानों की सूची बनाकर उनके साथ C.S.R. के सम्बन्ध में बैठक की जाए

UPCM ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में C.S.R. के अन्तर्गत कई विकास कार्य करवाए जा सकते हैं। उन्होंने सी.एस.आर. के तहत कराए जाने वाले विकास कार्यों के विषय में गम्भीरता से कार्य योजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों में आधुनिक तकनीक का सकारात्मक प्रयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने C.S.R. के तहत संस्कृत विद्यालयों के पुनरुद्धार की सम्भावना पर विचार करने के भी निर्देश दिए।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत सी.एस.आर. से कराए जाने वाले कार्यों के विषय में जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव पंचायती राज राजेन्द्र कुमार तिवारी ने UPCM को अवगत कराया कि इसके अन्तर्गत अब तक 3507 शौचालय बनवाए गए हैं, जबकि 5.43 करोड़ रुपए की धनराशि प्राप्त हुई है। C.S.R. की प्रस्तावित कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर मिशन निदेशक के नियंत्रण में स्वच्छ भारत कोष का खाता संचालित है। जबकि जनपद स्तर पर जिलाधिकारी के नियंत्रण यह खाता संचालित होता है।

अपर मुख्य सचिव पंचायती राज ने कहा कि C.S.R. के तहत शौचालयों के निर्माण के लिए प्रायोजक/सहयोगी अपनी इच्छानुसार इकाई/स्तर चयन के लिए स्वतंत्र हैं। मिशन एवं जनपद प्रायोजक की ब्राण्डिंग करेंगे एवं योजना का संचालन सहयोगी के नाम से ही होगा। C.S.R. के तहत निर्मित कराए जा रहे शौचालयों के अनुश्रवण की भी व्यवस्था की गई है। इसके तहत भारत सरकार के वेबसाइट पर लाभार्थीवार निर्मित शौचालय की आॅनलाइन इण्ट्री सुनिश्चित किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा के लिए मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों तथा नगर आयुक्तों की एक बैठक शीघ्र बुलाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान UPCM को अपर मुख्य सचिव पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी ने पर्यटन के क्षेत्र में C.S.R. के तहत प्रदेश के वाराणसी, अयोध्या, मथुरा, विन्ध्याचल, नैमिषारण्य, इलाहाबाद, चित्रकूट, गोरखपुर, देवीपाटन, झांसी क्षेत्रों में प्रस्तावित परियोजनाओं के विषय में अवगत कराया।

UPCM ने इन परियोजनाओं पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि यह कार्य तेजी से करवाए जाएंगे, तो इनका लाभ कुम्भ-2019 में मिलेगा।

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय ने UPCM को अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान 120.34 करोड़ रुपए कम्पनियों द्वारा C.S.R. के तहत खर्च किया गया है। उन्होंने कहा कि C.S.R. के तहत उपलब्ध कराई गई धनराशि का उपयोग स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, विकलांगता, आजीविका, पर्यावरण, ग्रामीण विकास इत्यादि पर किया गया है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव राजीव कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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