UPCM ने कहा UP Govt. व केन्द्र सरकार अयोध्या के सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्पित

उत्तर प्रदेश (अयोध्या)।
UPCM ने कहा कि राज्य सरकार व केन्द्र सरकार प्राचीन व आध्यात्मिक नगरी अयोध्या के सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्पित हैं। अयोध्या को वैश्विक स्वरूप व पहचान देने के साथ-साथ भव्य तथा सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
UPCM ने अयोध्या में महन्त नृत्य गोपालदास महाराज के 80वें जन्म महोत्सव के उपलक्ष्य में मणिरामदास छावनी में आयोजित दो दिवसीय विराट संत सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए व्यक्त करते हुए कहा कि गत वर्ष जब वे महन्त जी के जन्मोत्सव पर आए थे, तो यहां बिजली के लटकते तार, खम्भे, राम की पैड़ी, घाटों व अन्य स्थानों की गन्दगी देखकर और अयोध्या में दीपावली की विस्मृति से हैरान रह गए थे।

UPCM ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गत वर्ष अयोध्या में छोटी दीपावली के दिन भव्य दीपोत्सव का आयोजन कर अयोध्या को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास किया। राम-सीता और लक्ष्मण के स्वरूप जब पुष्पक विमान से रामकथा पार्क पर उतरे, तो प्राचीनतम चित्र लोगों के नेत्रों में सजीव हो गया। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया का अयोध्या से 2 हजार साल पुराना सम्बन्ध रहा है। यहां की राजकुमारी का विवाह वहां के राजकुमार से हुआ था। अयोध्या की वैश्विक पहचान को और बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान श्रीराम व रघुवंश की परम्परा से अयोध्या को जोड़ने के लिए इस वर्ष आयोजित होने वाले दीपोत्सव में दक्षिण कोरिया के राष्ट्राध्यक्ष को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने की बात कही है।
UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री ने योग के माध्यम से दुनिया के 192 देशों से सांस्कृतिक सम्बन्ध स्थापित किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कुम्भ को वैश्विक मान्यता मिले इसके लिए यूनेस्को के मानचित्र पर प्रयागराज को स्थापित किया है। वर्तमान सरकार ने वनवासी, दलितों, वंचितों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया है और उन्हें प्रदेश व केन्द्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अयोध्या नगरी का विकास प्रारम्भ हुआ है। 5, 14, व 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के विकास के साथ यहां के प्रति लोगों की आस्था से समाज को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2019 में दिव्य कुम्भ के आयोजन में 192 देशों के लोगों सहित 6 लाख गांवों के लोग आएंगे।

UPCM ने कहा कि गत वर्ष दीपोत्सव पर्व में 6 देशों श्रीलंका, थाईलैण्ड, इण्डोशिया, कम्बोडिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया की रामलीला के दल अयोध्या आए थे। उन्होंने इण्डोनेशिया के रामलीला दल को अपने आवास पर आमंत्रित कर वार्ता भी की थी। अयोध्या के सर्वांगीण विकास के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा रही कुछ तैयार है और कुछ पर कार्य चल रहा है। राम की पैड़ी का विकास हो सरयू मैय्या का स्वच्छ निर्मल, अविरल व पवित्र जल सभी घाटों पर रहे इसकी वृहद कार्य योजना तैयार है। सभी नालों को सरयू में गिरने से रोकने के बाद नालों का पानी एस.टी.पी. पर डालने की योजना है।
UPCM ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अयोध्या की निरन्तर रामलीला, सरयू आरती, चित्रकूट में कीर्तन आदि सभी परम्पराओं को पुनर्जीवित किया है। अयोध्या के समग्र विकास का कार्य हो रहा है, साफ-सफाई, बिजली के तारों को अण्डरग्राउण्ड करना, अयोध्या को नगर निगम का दर्जा देने का कार्य राज्य सरकार द्वारा किया गया। इस प्रयास का उद्देश्य देश व प्रदेश के धार्मिक व आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।
UPCM ने कार्यक्रम के अन्त में सभी सन्तजनों के आर्शीवाद के साथ महन्त नृत्य गोपालदास के शतायु होने की कामना की।
विराट सन्त सम्मेलन में दिगम्बर अखाड़ा के महन्त सुरेश दास, स्वामी परमानन्द श्याम दास, वासु देवाचार्य, कृपाल महाराज, राम गोपालदास, पूर्व सांसद रामविलास वेदान्ती, कृष्ण दास, कन्हैया दास, जनप्रतिनिधिगण आदि उपस्थित रहे।








