UPCM ने ‘द मिलियन फार्मर्स स्कूल 2.0 (किसान पाठशाला)’ का शुभारम्भ किया

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपार सम्भावनाओं वाला प्रदेश है। यहां भूमि उर्वर, जल संसाधन पर्याप्त, किसान मेहनती, युवा प्रतिभावान, महिलाएं बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न हैं। प्रदेश की प्रगति व समृद्धि के लिए इसे नई दिशा देने की आवश्यकता है। ‘द मिलियन फार्मर्स स्कूल’ द्वितीय संस्करण किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकी के प्रति जागरूक करके इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

UPCM ‘द मिलियन फार्मर्स स्कूल 2.0 (किसान पाठशाला)’ का शुभारम्भ करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर उन्होंने ‘द मिलियन फार्मर्स स्कूल 2.0 (किसान पाठशाला)’ की पुस्तिका का विमोचन किया। साथ ही, फार्म मशीनरी बैंक के विभिन्न लाभार्थी स्वयं सहायता समूहों को चयन-पत्र प्रदान किया एवं एग्री जंक्शन योजना के लाभार्थी कृषि स्नातकों सुभाष रावत, दिनेश कुमार, संजीत वर्मा, अरुण कुमार सिंह, धर्मराज यादव को लाभान्वित किया।

UPCM ‘द मिलियन फार्मर्स स्कूल 2.0 (किसान पाठशाला)’ का शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए
UPCM ‘द मिलियन फार्मर्स स्कूल 2.0 (किसान पाठशाला)’ का शुभारम्भ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए

UPCM ने इस मौके पर खेत-तालाब योजना के लाभार्थियों लक्ष्मी, अश्विनी कुमार, राम रतन, नवल किशोर, खड्ग सिंह को लाभान्वित किया एवं सूरज भान सिंह, शोभनाथ, सजीवन लाल, सतीश कुमार को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया। इस अवसर पर कृषि विभाग के उर्वरक, बीज और कृषि रक्षा रसायनों की बिक्री के लिए पारदर्शी लाइसेंसिंग सिस्टम का शुभारम्भ भी UPCM द्वारा किया गया।

UPCM द्वारा एग्री जंक्शन योजना के लाभार्थी कृषि स्नातकों और खेत-तालाब योजना के लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया
UPCM द्वारा एग्री जंक्शन योजना के लाभार्थी कृषि स्नातकों और खेत-तालाब योजना के लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया

UPCM ने कहा कि प्रदेश में ऐसे अनेक किसान हैं, जो आधुनिक कृषि तकनीकों का इस्तेमाल करके अधिक उपज प्राप्त कर लाभ कमा रहे हैं। आधुनिक कृषि तकनीकी को अपनाने के लिए सभी किसानों को प्रेरित करने की आवश्यकता है। प्रदेश में लगभग 2.45 करोड़ किसान हैं। कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा कृषि विकास केन्द्रों को किसानों से जोड़कर उनमें आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता पैदा करके प्रदेश व देश की खुशहाली की राह प्रशस्त की जा सकती है।

UPCM फार्म मशीनरी बैंक के लाभार्थी स्वयं सहायता समूहों को चयन-पत्र प्रदान करते हुए
UPCM फार्म मशीनरी बैंक के लाभार्थी स्वयं सहायता समूहों को चयन-पत्र प्रदान करते हुए

UPCM ने कहा कि वर्तमान समय में मांग के अनुरूप उत्पादन की आवश्यकता है। इससे किसानों को अपनी उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा। इसके लिए कृषि में विविधीकरण की आवश्यकता है। किसानों को पारम्परिक फसलों के अलावा सब्जी, बागवानी, मछली पालन, दुग्ध उत्पादन आदि में भी आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसान पाठशाला के माध्यम से यदि प्रत्येक गांव के एक किसान को भी उन्नत खेती से जोड़ा जा सके तो इसके लाभकारी प्रभावों से कालान्तर में पूरे गांव के किसान इससे जुड़ जाएंगे।

UPCM ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कृषि के क्षेत्र में किये गये प्रयासों के परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का फायदा किसानों को मिला है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड की चर्चा लोगों के लिए नई बात थी। ‘माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्या’ अर्थात धरती माता हमारे पोषण का आधार हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य का ध्यान भी रखा जाना चाहिए। राज्य सरकार ने विगत 14 माह में 1.6 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्डाें का वितरण किया है, जो देश में सर्वाधिक है।

UPCM द्वारा एग्री जंक्शन योजना के लाभार्थी कृषि स्नातकों और खेत-तालाब योजना के लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया
UPCM द्वारा एग्री जंक्शन योजना के लाभार्थी कृषि स्नातकों और खेत-तालाब योजना के लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया

राज्य सरकार द्वारा क्रय केन्द्रों की स्थापना करके विगत वर्ष लगभग 37 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 43 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गयी। इसी प्रकार, इस वर्ष 52 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर भुगतान सीधे किसान के खाते में किया गया है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा पहली बार आलू का समर्थन मूल्य घोषित किया गया। साथ ही, दलहन एवं तिलहन की फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय केन्द्रों के माध्यम से खरीद करायी गयी। इसके अलावा, विगत कई वर्षाें के गन्ना बकाया मूल्य का भुगतान कराये जाने के साथ ही, वर्तमान वर्ष का लगभग 22 हजार करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले सवा साल में प्रदेश की कृषि में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ है। राज्य के खाद्यान्न उत्पादन में 20 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है। देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में राज्य की भागीदारी 35 प्रतिशत हो गयी है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। UPCM को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य में चीनी का रिकाॅर्ड उत्पादन हुआ है।

इस अवसर पर अपने सम्बोधन में नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चन्द्र ने कहा कि कृषि के विकास के तकनीक और मार्केटिंग को बढ़ावा देना जरूरी है। संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद प्रदेश की उत्पादकता कम है। वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में कृषि में तकनीक और मार्केटिंग के क्षेत्र में प्रदेश में काफी प्रगति हुई है।

कार्यक्रम में अपने स्वागत भाषण में प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि ‘द मिलियन फार्मर्स स्कूल’ के द्वितीय संस्करण में 15,000 से अधिक पाठशालाएं लगाकर 10 लाख से अधिक किसानों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। कार्यक्रम के दौरान कृषकों को आधुनिक कृषि तकनीकी, कृषि विविधीकरण तथा अन्य कृषि योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पाठशालाओं के दौरान कृषकों को बीज शोधन, उर्वरक की गुणवत्ता की जांच, अच्छे गुणवत्ता के बीजों की पहचान आदि के बारे में व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से भी अवगत कराया जाएगा। कार्यक्रम के अन्त में कृषि निदेशक श्यौराज सिंह ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर वन मंत्री दारा सिंह चैहान, कृषि राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह (धुन्नी सिंह), मत्स्य राज्य मंत्री जय प्रताप निषाद, कृषि उत्पादन आयुक्त आर.पी. सिंह सहित शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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