अगर वॉर रूम नगर निगम की रीढ़ की हड्डी है तो सुबोध सिंह वॉर रूम की रीढ़ की हड्डी
लखनऊ नगर निगम अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने वॉर रूम में की समीक्षा बैठक की और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

अधिकारी तो आते हैं और निरीक्षण करके चले जाते हैं. लेकिन ये कोई नहीं जानना चाहता कि वॉर रूम/कंट्रोल रूम की सराहनीय भूमिका के पीछे किस संविदाकर्मी का योगदान है.
आपको बता दें कि “वॉर रूम नगर निगम का ऐसा महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां आमजन की शिकायतें सीधे पहुंचती हैं। इन शिकायतों का समय से समाधान करना हम सभी की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है।” खास बात है कि जनता का सीधा संपर्क जिससे होता है वो कोई और नहीं नगर निगम कंट्रोल रूम के टीम लीडर सुबोध सिंह से होता है इसके लिए सुपरमैन सुबोध सिंह को बधाई देना चाहिए।
लगभग 18,000 रूपये की मासिक वेतन पाने वाले सुबोध सिंह प्रतिदिन हजारों शिकायतों को सुनते है और उनका समाधान करते करवाते हैं. …सुबोध सिंह ने अपना आधा जीवन नगर निगम को समर्पण कर दिया है। अगर लखनऊ सुबोध सिंह वॉर रूम छोड़ दे तो शयद अधिकारी अपनी थूं थूं करवाते लखनऊ में नगर आएंगे।
जानकरी मुताबिक लखनऊ को 3 पायदान पर लाने में जितना श्रेय नगर निगम में बैठे अधिकारियों को जाता है तो उससे ज्यादा श्रेय इस संविदाकर्मी को जाता है क्योंकि स्वच्छ सर्वेक्षण में कंट्रोल रूम को 100 में 100 नंबर मिले है जिसकी वजह से आज लखनऊ सम्मानित हुआ है.








