भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2024-25 में दिखी नए भारत के नए यूपी की झलक

स्वच्छता में रचा गया इतिहास-लखनऊ बना देश का तीसरा सबसे स्वच्छ शहर, उ0प्र0 कई श्रेणियों में हुआ पुरस्कृत

देश के प्रथम तीन स्वच्छतम बड़े नगरों में पहले एक भी नगर नहीं, लखनऊ पहली बार हुआ शामिल

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के कर-कमलों से तीसरे स्थान के लिए लखनऊ को मिला ‘प्रेसीडेंशियल एवार्ड’

प्रथम दस स्वच्छतम नगरों में पहले एक भी नगर नहीं था, अब दो हैं लखनऊ और आगरा

प्रथम 25 स्वच्छतम नगरों में पहले एक नगर था, अब हैं सात-लखनऊ, आगरा, गाजियाबाद, प्रयाग, कानपुर, वाराणसी, मेरठ

कम जनसंख्या वाले स्वच्छतम नगरों में यूपी के अनेक नगरों ने बनाया स्थान

कूड़ा मुक्त शहर (जीएफसी) की संख्या बढ़कर 43 हुई

पहले एक भी नगर 7 स्टार नहीं था अब लखनऊ हुआ शामिल, 5 स्टार शहरों में 5 गुना वृद्धि

खुले में शौच से मुक्ति का काम हुआ पूरा, साथ ही ओडीएफ++ एवं वाटर+ नगरों की संख्या में लगभग 3 गुना हुई वृद्धि

प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री की प्रेरणा और मार्गदर्शन के लिए नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने जताया आभार

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सादर नमन, यह सम्मान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोद के स्वच्छ भारत अभियान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सतत मार्गदर्शन की परिणति है- ए.के. शर्मा

सफाई मित्रों, नगर कर्मियों, नगरीय नेतृत्व और नागरिकों को हार्दिक धन्यवाद सह बधाई। यह उपलब्धि न केवल लखनऊ की बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की स्वच्छता संबंधी सोच की विजय है-नगर विकास मंत्री

दिल्ली 17 जुलाई, 2025

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश के तीसरे सबसे स्वच्छ शहर का गौरव प्राप्त किया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के अंतर्गत विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने लखनऊ नगर निगम को राष्ट्रीय ‘प्रेसीडेंशियल अवार्ड’ से सम्मानित किया। भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2024-25 में नए भारत के नए उ0प्र0 की झलक दिखाई दी। इस वर्ष उ0प्र0 कई श्रेणियों में पुरस्कृत हुआ। देश के प्रथम तीन स्वच्छतम नगरों में पहले एक भी नगर नहीं था, लखनऊ पहली बार शामिल हुआ। प्रथम 10 स्वच्छतम नगरों में भी पहले एक भी नगर नहीं था, अब इसमें लखनऊ और आगरा भी शामिल हैं। प्रथम 25 स्वच्छतम नगरों में पहले उ0प्र0 का मात्र एक नगर शामिल था, अब इसकी संख्या 07 है-लखनऊ, आगरा, गाजियाबाद, प्रयाग, कानपुर, वाराणसी व मेरठ है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए0के0 शर्मा ने मा0 प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए स्वच्छ भारत मिशन के दूरदर्शी दृष्टिकोण और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिबद्धता व कार्य संस्कृति का प्रतिफल है। उत्तर प्रदेश में नगरीय स्वच्छता को एक जन आंदोलन के रूप में परिवर्तित करने में मुख्यमंत्री का अहम योगदान रहा है जिन्होंने प्रत्येक शहर को साफ सुथरा और सुंदर बनाने की दिशा में स्पष्ट लक्ष्य और संसाधन प्रदान किए।

लखनऊ ने इस वर्ष लंबी छलांग लगाते हुए पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि विशेष रूप से नगर विकास मंत्री श्री ए.के. शर्मा के कुशल नेतृत्व, सशक्त निर्णयों तथा सतत निरीक्षण एवं मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष परिणाम है। श्री शर्मा के कुशल पर्यवेक्षण, सरलता, त्वरित निर्णय शक्ति व दूरदर्शिता के चलते लखनऊ ने विगत वर्ष की रैंकिंग (44 वाँ स्थान) से सीधा शीर्ष तीन में स्थान बनाया। उनके त्वरित निर्णय लेने की शक्ति से लखनऊ ने स्वच्छता के क्षेत्र में न केवल राज्य में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की रैंकिंग में 44वें स्थान पर रहा लखनऊ इस बार चरणबद्ध योजना, तकनीकी नवाचार और जनसहभागिता के माध्यम से सीधे शीर्ष तीन में पहुंचा है। नगर निगम द्वारा कूड़ा प्रबंधन को लेकर अपनाई गई डिजिटल निगरानी प्रणाली, कचरा पृथक्करण एवं शिवरी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट पर किए जा रहे प्रभावी निस्तारण कार्यों को देश-विदेश में सराहा गया है।

ए. के. शर्मा ने इस ऐतिहासिक सफलता पर लखनऊ की जनता, निगम प्रशासन, सफाई कर्मियों एवं स्वच्छता योद्धाओं को बधाई देते हुए कहा-“यह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘स्वच्छ भारत’ संकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित उत्तर प्रदेश की स्वच्छता नीति की बड़ी सफलता है। लखनऊ ने यह सिद्ध कर दिया है कि इच्छाशक्ति, पारदर्शिता और जनसहभागिता से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।’’

यह पुरस्कार कूड़ा प्रबंधन की दिशा में की गई व्यवहारिक पहल, वैज्ञानिक कूड़ा प्रबंधन और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे अभिनव उपाय के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदान किया गया। लखनऊ नगर निगम द्वारा कचरे की विभिन्न श्रेणियां का वैज्ञानिक ढंग से छटाई एवं पृथक्करण तथा शिवरी प्लांट पर जमा २० लाख टन कूड़े का निस्तारण एक अभूतपूर्व कार्य हुआ है। कूड़े से कंचन की बात को चरितार्थ करते हुए यूपी दर्शन नाम का अद्वितीय पार्क बनाया गया है। यूपी में हुए इन कार्यों की चर्चा अन्तर्राष्ट्रीय फलक पर भी हुई है।

शर्मा स्वयं नियमित रूप से निरीक्षण कर स्वच्छता कार्यों एवं प्रोजेक्ट्स की निगरानी करते रहे हैं। उनकी कार्यशैली ने लखनऊ नगर निगम को सजग, उत्तरदायी और तकनीक-संपन्न बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह पुरस्कार केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि लखनऊ के प्रत्येक नागरिक की मेहनत, जागरूकता और प्रतिबद्धता तथा सफ़ाई मित्रों सहित इस कार्य से जुड़े सभी के परिश्रम का परिणाम है। उन्होंन सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि वे इस उपलब्धि को बनाए रखने और अन्य शहरों को भी प्रेरणा देने के लिए इसी उत्साह से सहभागी बनें।

  • स्वच्छ सर्वेक्षण तुलना: एसएस 2023 बनाम एसएस 2024

एसएस 2023

जल+: 2 (प्रयागराज और नोएडा)
ओडीएफ++: 129
कचरा मुक्त शहर:
7 स्टार: 0
5 स्टार: 1 (नोएडा)
3 स्टार: 8
1 स्टार: 56
एसएस 2023 में कुल जीएफसी शहर : 65

एसएस 2024

जल+: 16 (नोएडा सहित)
ओडीएफ++: 337
कचरा मुक्त शहर:
7 स्टार: 1 (लखनऊ)
5 स्टार : 6 (आगरा, गोरखपुर, कानपुर, गाजियाबाद, प्रयागराज और नोएडा)
3 स्टार: 6 (अयोध्या, फिरोजाबाद, झांसी, मथुरा, मुरादाबाद और वाराणसी)
1 स्टार: 70
कुल जीएफसी शहर SS2024: 83

जनसंख्या श्रेणी के अनुसार प्रदर्शन

✅ दस लाख से अधिक आबादी वाले शहर

शीर्ष 3 : 1 शहर (लखनऊ)
शीर्ष 10 : 2 शहर (लखनऊ और आगरा)
शीर्ष 20 : 6 शहर (लखनऊ, आगरा, गाजियाबाद, प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी)

✅ जनसंख्या: 3-10 लाख

शीर्ष 5 : 1 शहर (गोरखपुर)
शीर्ष 10: 2 शहर (गोरखपुर और मुरादाबाद)
शीर्ष 20 : 7 शहर
(गोरखपुर, मुरादाबाद, मथुरा, फिरोजाबाद, सहारनपुर, झांसी और बरेली)

जनसंख्या: 50,000 – 3 लाख

शीर्ष 5: 0 शहरी स्थानीय निकाय
शीर्ष 10: 0 शहरी स्थानीय निकाय
शीर्ष 20: 0 शहरी स्थानीय निकाय
शीर्ष 30: 1 यूएलबी – बिजनौर (रैंक 29)
शीर्ष 40: 2 यूएलबी – *मोदीनगर और बिजनोर (मोदीनगर रैंक 34)
शीर्ष 50 : उपरोक्त के समान

जनसंख्या: 20,000 – 50,000

शीर्ष 5 : 0 यूएलबी
शीर्ष 10 : 0 यूएलबी
शीर्ष 20 : 1 यूएलबी – अनूपशहर (रैंक 13)
शीर्ष 30 : 2 यूएलबी – अनूपशहर और सिधौली
शीर्ष 40 और शीर्ष 50 : ऊपर के समान

जनसंख्या: 20,000 से कम

शीर्ष 100 तक: उत्तर प्रदेश से कोई यूएलबी नहीं।

अनुज कुमार झा, राज्य मिशन निदेशक, एसबीएम शहरी, उत्तर प्रदेश

  • सत्यापित डोर-टू-डोर संग्रहण 48% से बढ़कर 62 प्रतिशत हो गया
  • दृश्यमान स्वच्छता – महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, गोवा आदि से बेहतर
  • अपशिष्ट प्रसंस्करण – 48 प्रतिशत से बढ़कर 85 प्रतिशत से ऊपर
  • कुछ मानकों को छोड़कर, जिनमें हम बराबरी पर हैं, सभी मानकों में राष्ट्रीय मानकों से बेहतर।
  • एक वर्ष में बड़ी प्रगति, मुख्यमंत्री, शहरी विकास मंत्री, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव, शहरी विकास विभाग के नेतृत्व में, हम आने वाले समय में स्वच्छ भारत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।

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