UPCM सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष्मान भारत हेल्थ केयर शिखर सम्मेलन को सम्बोधित किया

उत्तर प्रदेश।
UPCM मंत्रिमडल के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना देश के लोगों के लिए चिकित्सा स्वास्थ्य की दृष्टि से वरदान साबित होगी। एक स्वस्थ भारत के निर्माण सम्बन्धी हमारे संकल्पों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज एजेण्डा के अनुसार लोगों तक चिकित्सा स्वास्थ्य सम्बन्धी सेवाओं को सुगमता से पहुंचाने के लिए सरकार निरन्तर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सेवाएं ऐसी होनी चाहिए जिनसे इनका उपयोग करने वाले लोगों के समक्ष कोई वित्तीय कठिनाई न आयेे। आयुष्मान भारत योजना वैश्विक एजेण्डा की दिशा में अत्यन्त महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। साथ ही देश के इतिहास में चिकित्सा स्वास्थ्य की दृष्टि से मील का पत्थर होगी।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के तहत आयोजित आयुष्मान भारत हेल्थ केयर शिखर सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा इस योजना की सफलता व्यापक रूप से केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के आपसी समन्वय पर निर्भर करती है। साथ ही इसकी सफलता के लिए बीमा कम्पनियों की प्रतिबद्धता तथा सार्वजनिक एवं निजी अस्पतालों की ओर से कुशल, सुव्यवस्थित एवं सहयोगी होना आवश्यक है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केन्द्र और राज्य के मध्य सुचारू समन्वय होना इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि इस योजना के तहत प्रीमियम लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को वहन करना पड़ेगा। इस दृष्टि से वित्तीय प्रतिबद्धता तथा समय से भुगतान करने पर इस योजना की सफलता निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि सुशासन के जरिये इस योजना के उद्देश्यों को हासिल किया जा सकेगा। इस योजना के तहत बेहतर चिकित्सा सुविधाओं एवं चिकित्सकों की व्यवस्था की गयी है जिसके फलस्वरूप देश के ग्रामीण अंचलों में स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जो समस्याएं देखने को मिल रही है उनका समाधान किया जायेगा।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, इसके सफल संचालन के लिए एक समग्र दृष्टिकोण तथा उपयुक्त स्वास्थ्य वित्त पोषण की पुर्नसंरचना, बेहतर स्वास्थ्य कार्मिकों, चिकित्सीय उत्पाद, स्वास्थ्य संबंधी सूचनाएं तथा जन केन्द्रित, एकीकृत एवं उत्तरदायी चिकित्सा व्यवस्था की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकारों को एक उत्तरदायी एवं कारगर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को विकसित एवं सुदृढ़ करना होगा।

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