UPCM ने बाढ़ के मद्देनजर सभी #DM और SSP/SP को चौकसी बरतने के निर्देश दिए

लखनऊ (16 सितम्बर, 2019)। UPCM योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ के मद्देनजर सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को चौकसी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में मौजूद बन्धों का निरीक्षण करते हुए उन पर लगातार निगरानी के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने बाढ़ चैकियों को भी एक्टिवेट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पहले से तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाएं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से जनहानि और पशुहानि को हर हाल में रोका जाए। बाढ़ की स्थिति में इससे प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर कैम्पों में रखा जाए और उनकी हर सम्भव मदद की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में ही सभी जिलाधिकारियों को बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारी के सम्बन्ध में निर्देश दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को भी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में अपने बन्धों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग सभी बन्धों का लगातार निरीक्षण सुनिश्चित करे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मुख्यमंत्री ने जनपद बलिया के जिलाधिकारी को बाढ़ की स्थिति के मददेनजर सभी आवश्यक कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को जनपद में मौजूद तटबन्धों की स्वयं निगरानी करने के निर्देश दिए और कहा कि कटान होने पर वे फौरन इनकी मरम्मत सुनिश्चित करें। साथ ही, संवेदनशील स्थानों पर बाढ़ चैकियां स्थापित की जाएं। जनपद में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रभाव से प्रारंभ किए जाएं। बाढ़ग्रस्त लोगों को राहत शिविरों में पहुँचाया जाय और उन्हें आवश्यक राहत सामग्री फौरन उपलब्ध कराई जाय। लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा भी मुहैया करायी जाए, ताकि उन्हें कोई भी असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों में सर्पदंश एवं अतिवृष्टि से हुई 11 लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इन आपदाओं में दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त की हैं। उन्होंने सम्बन्धित जिलाधिकारियों को दैवीय आपदाओं में दिवंगत लोगों के परिजनों को 04-04 लाख रुपए की राहत राशि तत्काल वितरित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ितों के साथ है और उनकी हर सम्भव मदद के लिए तत्पर है। आज प्राप्त सूचना के अनुसार आकाशीय बिजली गिरने से सर्पदंश से जनपद खीरी, कुशीनगर, गोण्डा, रायबरेली, कौशाम्बी, अमेठी व गाजीपुर में 01-01 और फतेहपुर में 03 और अतिवृष्टि से जनपद अमेठी में 01 व्यक्ति की मृृत्यु हुई है। इस प्रकार कुल 11 लोगों की मृत्यु हुई है।

मुख्यमंत्री ने जनपद बलिया के जिलाधिकारी को बाढ़ की स्थिति के मददेनजर सभी आवश्यक कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को जनपद में मौजूद तटबन्धों की स्वयं निगरानी करने के निर्देश दिए और कहा कि कटान होने पर वे फौरन इनकी मरम्मत सुनिश्चित करें। साथ ही, संवेदनशील स्थानों पर बाढ़ चैकियां स्थापित की जाएं। जनपद में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रभाव से प्रारंभ किए जाएं। बाढ़ग्रस्त लोगों को राहत शिविरों में पहुँचाया जाय और उन्हें आवश्यक राहत सामग्री फौरन उपलब्ध कराई जाय। लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा भी मुहैया करायी जाए, ताकि उन्हें कोई भी असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों में सर्पदंश एवं अतिवृष्टि से हुई 11 लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इन आपदाओं में दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त की हैं। उन्होंने सम्बन्धित जिलाधिकारियों को दैवीय आपदाओं में दिवंगत लोगों के परिजनों को 04-04 लाख रुपए की राहत राशि तत्काल वितरित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ितों के साथ है और उनकी हर सम्भव मदद के लिए तत्पर है।
आज प्राप्त सूचना के अनुसार आकाशीय बिजली गिरने से सर्पदंश से जनपद खीरी, कुशीनगर, गोण्डा, रायबरेली, कौशाम्बी, अमेठी व गाजीपुर में 01-01 और फतेहपुर में 03 और अतिवृष्टि से जनपद अमेठी में 01 व्यक्ति की मृृत्यु हुई है। इस प्रकार कुल 11 लोगों की मृत्यु हुई है।








