UPCM योगी आदित्यनाथ ने #AKTU के प्रथम स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित किया

लखनऊ (26 जुलाई, 2019)। UPCM योगी आदित्यनाथ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश (AKTU) के प्रथम स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन कई तरह से महत्वपूर्ण है। आज विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस तो है ही। साथ ही, आज कारगिल विजय दिवस भी है। उन्होंने कारगिल के युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को नमन करते हुए कहा कि उनके बलिदान को हमें भूलना नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्था में यदि कुशल लोग शुरू से ही मौजूद हैं, तो वह आगे बढ़ेगी और समय के साथ-साथ पुष्पित पल्लवित होगी। आज तकनीक का समय है, अब सभी लोगों को एक साथ सुविधाएं उपलब्ध कराना सम्भव हो सका है। समय के साथ-साथ तकनीक एडवांस होने लगती है। यह लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाते हुए खुशहाली ला सकती है। उन्होंने कहा कि हमें जीवन के हर पहलू में तकनीकी का इस्तेमाल करते हुए व्यापक परिवर्तन लाना होगा।#मुख्यमंत्री ने कहा कि इस #प्राविधिक_विश्वविद्यालय की नींव बहुत मजबूती से रखी गयी है। इसलिए इसके परिणाम भविष्य में अच्छे होंगे। प्रदेश के लोगों को इस विश्वविद्यालय से बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने #प्रयागराज_कुम्भ_2019 के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए कहा कि हमने इसे सफल बनाने में तकनीक का भरपूर उपयोग किया। इस आयोजन में करोड़ों लोगों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी यहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि बहुत की कम अवधि में कुम्भ मेले का सफल आयोजन तकनीक के प्रयोग से सम्भव हो सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज कुम्भ को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास कम समय में किया गया और इसमें तकनीक का भरपूर प्रयोग किया गया। प्रयागराज में ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए इण्टीग्रेटेड ट्रैफिक कण्टोंल सिस्टम की स्थापना कर पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी। कुम्भ में सफाई का विशेष ध्यान रखा गया। तकनीक का प्रयोग करते हुए कुम्भ मेले का सफल प्रबन्धन किया गया। उन्होंने कहा कि ए.के.टी.यू. जैसे संस्थानों को इन आयोजनों के परिप्रेक्ष्य में तकनीक का विकास करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सामाजिक, भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों के मदे॰नजर तकनीक विकसित करनी होगी। AKTU जैसे संस्थान इसमें बड़े पैमाने पर अपना योगदान दे सकते हैं। तकनीक सस्ती, सुलभ और जनोपयोगी होनी चाहिए। उन्होंने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि लाभार्थी तक खाद्यान्न पहुंचाने के उदे॰श्य से राज्य सरकार ने तकनीक का प्रयोग करते हुए अपना कार्य प्रभावी रूप से सम्पादित किया। आज साढ़े तेरह करोड़ लोगों को सफलतापूर्वक खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। इस व्यवस्था के लागू करने के बाद से अब तक 700 करोड़ रुपये की बचत हो सकी है। उन्होंने कहा कि तकनीक इस रूप में व्यवस्था की मदद कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अब तक 24 लाख आवास लाभार्थियों को दिये गये हैं। सभी लाभार्थियों को डी.बी.टी. के माध्यम से धनराशि उनके खातों में पहुंचायी गयी। कार्य हुआ अथवा नहीं इसके लिए जियो टैगिंग का सहारा लिया गया है। इस प्रकार से इस योजना को सफल बनाया गया है। इसमें तकनीक का बहुत बड़ा योगदान रहा है। #मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध नियंत्रण में तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। स्मार्ट सिटीज़ में तकनीक का प्रयोग करते हुए टैंफिक मैनेजमेंट करने की आवश्यकता है। इस पर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट में भी तकनीक के उपयोग पर बल दिया। ऐसी तकनीक की आवश्यकता है, जो वेस्ट को इनर्जी और कम्पोस्ट में परिवर्तित कर सके। स्मार्ट सिटीज़ के विकास के लिए सस्ती और टिकाऊ तकनीक की आवश्यकता है। उन्होंने 24 घण्टे शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए भी तकनीक की आवश्यकता पर बल दिया। जल संरक्षण, ग्राउण्ड वॉटर, जल प्रबन्धन के लिए भी तकनीक के विकास पर बल दिया। उन्होंने वर्षा जल संचयन में तकनीक के उपयोग पर कार्य किये जाने के लिए कहा। तकनीक के प्रयोग से हर घर जल योजना को सफल बनाने की दिशा में कार्य किये जाने पर बल दिया।
#UPCM ने कहा कि संस्थाओं की समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उन्हें समाज से जुड़कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना होगा। इस अवसर पर उन्होंने #AKTU के पूर्व कुलपति डी.एस. चौहान और प्रो. प्रेमव्रत का सम्मान भी किया। उन्होंने पूर्व कुलपति डी.एस. चौहान के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे राष्टंवादी हैं और उन्होंने इस विश्वविद्यालय को शिखर पर पहुंचाने के लिए शुरुआती तौर पर बहुत काम किया है। प्रो. प्रेमव्रत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व कुलपति डी.एस. चौहान के प्रयासों को आगे बढ़ाया और इस विश्वविद्यालय की अलग पहचान विकसित की। इससे पूर्व, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन ने कहा कि किसी भी संस्थान के लिए उसका स्थापना दिवस अत्यन्त महत्वपूर्ण होता है। AKTU आज देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्राविधिक शिक्षा को प्राथमिकता करते हुए प्रदेश के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया। इस संस्थान द्वारा सफल विद्यार्थियों को प्लेसमेंट भी कराया जाता है। विगत दो वर्षां के दौरान इस संस्थान में तकनीकी शिक्षकों की उपलब्धता की समस्या का समाधान किया गया है और अब तक 280 तकनीकी शिक्षकों की भर्ती पूरी पारदर्शिता से की जा चुकी है।
कार्यक्रम समापन पर धन्यवाद ज्ञापन प्राविधिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने किया। इससे पूर्व, समारोह का उदघाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय की ओर से एक प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया गया। उन्होंने स्थापना दिवस स्मारिका का विमोचन किया। विश्वविद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री द्वारा वृक्षारोप ण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में तकनीकी शिक्षण संस्थानों से जुड़े हुए शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
#मुख्यमंत्री ने कहा कि इस #प्राविधिक_विश्वविद्यालय की नींव बहुत मजबूती से रखी गयी है। इसलिए इसके परिणाम भविष्य में अच्छे होंगे। प्रदेश के लोगों को इस विश्वविद्यालय से बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने #प्रयागराज_कुम्भ_2019 के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए कहा कि हमने इसे सफल बनाने में तकनीक का भरपूर उपयोग किया। इस आयोजन में करोड़ों लोगों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी यहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि बहुत की कम अवधि में कुम्भ मेले का सफल आयोजन तकनीक के प्रयोग से सम्भव हो सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज कुम्भ को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास कम समय में किया गया और इसमें तकनीक का भरपूर प्रयोग किया गया। प्रयागराज में ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए इण्टीग्रेटेड ट्रैफिक कण्टोंल सिस्टम की स्थापना कर पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी। कुम्भ में सफाई का विशेष ध्यान रखा गया। तकनीक का प्रयोग करते हुए कुम्भ मेले का सफल प्रबन्धन किया गया। उन्होंने कहा कि ए.के.टी.यू. जैसे संस्थानों को इन आयोजनों के परिप्रेक्ष्य में तकनीक का विकास करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सामाजिक, भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों के मदे॰नजर तकनीक विकसित करनी होगी। AKTU जैसे संस्थान इसमें बड़े पैमाने पर अपना योगदान दे सकते हैं। तकनीक सस्ती, सुलभ और जनोपयोगी होनी चाहिए। उन्होंने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि लाभार्थी तक खाद्यान्न पहुंचाने के उदे॰श्य से राज्य सरकार ने तकनीक का प्रयोग करते हुए अपना कार्य प्रभावी रूप से सम्पादित किया। आज साढ़े तेरह करोड़ लोगों को सफलतापूर्वक खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। इस व्यवस्था के लागू करने के बाद से अब तक 700 करोड़ रुपये की बचत हो सकी है। उन्होंने कहा कि तकनीक इस रूप में व्यवस्था की मदद कर सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अब तक 24 लाख आवास लाभार्थियों को दिये गये हैं। सभी लाभार्थियों को डी.बी.टी. के माध्यम से धनराशि उनके खातों में पहुंचायी गयी। कार्य हुआ अथवा नहीं इसके लिए जियो टैगिंग का सहारा लिया गया है। इस प्रकार से इस योजना को सफल बनाया गया है। इसमें तकनीक का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
#मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध नियंत्रण में तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। स्मार्ट सिटीज़ में तकनीक का प्रयोग करते हुए टैंफिक मैनेजमेंट करने की आवश्यकता है। इस पर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने सॉलिड और लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट में भी तकनीक के उपयोग पर बल दिया। ऐसी तकनीक की आवश्यकता है, जो वेस्ट को इनर्जी और कम्पोस्ट में परिवर्तित कर सके। स्मार्ट सिटीज़ के विकास के लिए सस्ती और टिकाऊ तकनीक की आवश्यकता है। उन्होंने 24 घण्टे शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए भी तकनीक की आवश्यकता पर बल दिया। जल संरक्षण, ग्राउण्ड वॉटर, जल प्रबन्धन के लिए भी तकनीक के विकास पर बल दिया। उन्होंने वर्षा जल संचयन में तकनीक के उपयोग पर कार्य किये जाने के लिए कहा। तकनीक के प्रयोग से हर घर जल योजना को सफल बनाने की दिशा में कार्य किये जाने पर बल दिया।
#UPCM ने कहा कि संस्थाओं की समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उन्हें समाज से जुड़कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना होगा। इस अवसर पर उन्होंने #AKTU के पूर्व कुलपति डी.एस. चौहान और प्रो. प्रेमव्रत का सम्मान भी किया। उन्होंने पूर्व कुलपति डी.एस. चौहान के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे राष्टंवादी हैं और उन्होंने इस विश्वविद्यालय को शिखर पर पहुंचाने के लिए शुरुआती तौर पर बहुत काम किया है। प्रो. प्रेमव्रत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व कुलपति डी.एस. चौहान के प्रयासों को आगे बढ़ाया और इस विश्वविद्यालय की अलग पहचान विकसित की।
इससे पूर्व, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन ने कहा कि किसी भी संस्थान के लिए उसका स्थापना दिवस अत्यन्त महत्वपूर्ण होता है। AKTU आज देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्राविधिक शिक्षा को प्राथमिकता करते हुए प्रदेश के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापरक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया। इस संस्थान द्वारा सफल विद्यार्थियों को प्लेसमेंट भी कराया जाता है। विगत दो वर्षां के दौरान इस संस्थान में तकनीकी शिक्षकों की उपलब्धता की समस्या का समाधान किया गया है और अब तक 280 तकनीकी शिक्षकों की भर्ती पूरी पारदर्शिता से की जा चुकी है।
कार्यक्रम समापन पर धन्यवाद ज्ञापन प्राविधिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने किया।
इससे पूर्व, समारोह का उदघाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय की ओर से एक प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया गया। उन्होंने स्थापना दिवस स्मारिका का विमोचन किया। विश्वविद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री द्वारा वृक्षारोप ण भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में तकनीकी शिक्षण संस्थानों से जुड़े हुए शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।







