UPCM योगी ने गोरखपुर और बस्ती मण्डल के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की

गोरखपुर (22 जून, 2019)। UPCM योगी आदित्यनाथ ने BRD मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर के सभागार में गोरखपुर एवं बस्ती मण्डल के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए यह निर्देश दिये। इस अवसर पर उन्होंने अभियान की तैयारियों की जनपदवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपनी तैनाती स्थल पर उपस्थित रहें। सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और साफ-सफाई आदि बेहतर होनी चाहिए। स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हों और ‘108’ एम्बुलेंस सेवा काॅल करने पर रिस्पांस टाइम से पहले पहुंचे। यदि एम्बुलेंस की लापरवाही के कारण किसी भी मरीज की मृत्यु होती है, तो दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 01 जुलाई से 31 जुलाई, 2019 तक संचालित होने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करने हेतु सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की बेहतरी में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए, अन्यथा सम्बन्धित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों की तैनाती एवं प्रशिक्षित स्टाफ होने चाहिए। चिकित्सालय चिकित्सक विहीन नहीं होने चाहिए। विषाणु जनित बीमारियों की रोकथाम की समुचित व्यवस्था सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर होनी चाहिए, क्योंकि बीमार व्यक्ति सबसे पहले नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचता है।मुख्यमंत्री ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शत-प्रतिशत सफलता हेतु बेसिक शिक्षा अधिकारी/जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिये है कि वे सभी प्रधानाचार्यों के साथ बैठक करें, इस अभियान में सभी का सहयोग आवश्यक है। कार्यक्रम को एक अभियान के रूप में लिया जाये। संचारी रोग नियंत्रण अभियान/दस्तक अभियान की सफलता में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिलनी चाहिए। कार्यक्रम की निरन्तर निगरानी रखी जाये। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान में 12 विभागों को सम्मिलित किया गया है और स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पीकू/मिनी पीकू पर तैनात मेडिकल ऑफिसर/स्टाफ नर्स प्रशिक्षित हों। हर ग्राम पंचायत को अन्टाइड फन्ड से दी गयी धनराशि के उपयोग की मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रति माह समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाटिस के प्रति निरन्तर सजगता बनाये रखने की आवश्यकता है। यदि इसमें किसी भी स्तर पर उदासीनता पायी गयी तो सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी। मुख्यमंत्री जी ने गोरखपुर के गोला में एम्बुलेस न मिलने पर मरीज की मौत का संज्ञान लेते हुए CMO को निर्देश दिये कि वे सम्बन्धित एम्बुलेस के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जे.ई./ए.ई.एस. प्रभावित गांवों में बीमारी को न्यून करने हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। अपर निदेशक स्वास्थ्य, मण्डल के सभी CHC/PHC और जिला चिकित्सालयों का निरीक्षण करें और जहां जो कमियां हों तत्काल ठीक करायें। चिकित्सालय परिसर साफ-सुथरा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि BRD मेडिकल काॅलेज में मरीज के साथ केवल एक ही अटन्डेंट रहे। चिकित्सक की अनुमति पर ही दो अटेन्डेंट रह सकते हैं। अधिक संख्या में अटेन्डेन्ट होने से मरीज एवं चिकित्सक, दोनों को ही असुविधा होती है। मुख्यमंत्री ने मेडिकल काॅलेज परिसर की सफाई बेहतर बनाये रखने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जो भी सफाई कर्मी अपने दायित्व के प्रति लापरवाही बरते, उसकी जबावदेही तय की जाय, मरीजों के प्रति संवेदना होनी चाहिए। इलाज/दवा के अभाव में किसी मरीज की मृत्यु नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मेडिकल काॅलेज के निर्माणाधीन भवनों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष बल देने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिये। समीक्षा बैठक के दौरान सांसद रवि किशन, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशान्त त्रिवेदी, मण्डलायुक्त जयन्त नार्लीकर, जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पांडियन, प्राचार्य मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर एवं बस्ती मण्डलों के अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शत-प्रतिशत सफलता हेतु बेसिक शिक्षा अधिकारी/जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिये है कि वे सभी प्रधानाचार्यों के साथ बैठक करें, इस अभियान में सभी का सहयोग आवश्यक है। कार्यक्रम को एक अभियान के रूप में लिया जाये। संचारी रोग नियंत्रण अभियान/दस्तक अभियान की सफलता में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिलनी चाहिए। कार्यक्रम की निरन्तर निगरानी रखी जाये।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान में 12 विभागों को सम्मिलित किया गया है और स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पीकू/मिनी पीकू पर तैनात मेडिकल ऑफिसर/स्टाफ नर्स प्रशिक्षित हों। हर ग्राम पंचायत को अन्टाइड फन्ड से दी गयी धनराशि के उपयोग की मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रति माह समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाटिस के प्रति निरन्तर सजगता बनाये रखने की आवश्यकता है। यदि इसमें किसी भी स्तर पर उदासीनता पायी गयी तो सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी।
मुख्यमंत्री जी ने गोरखपुर के गोला में एम्बुलेस न मिलने पर मरीज की मौत का संज्ञान लेते हुए CMO को निर्देश दिये कि वे सम्बन्धित एम्बुलेस के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जे.ई./ए.ई.एस. प्रभावित गांवों में बीमारी को न्यून करने हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। अपर निदेशक स्वास्थ्य, मण्डल के सभी CHC/PHC और जिला चिकित्सालयों का निरीक्षण करें और जहां जो कमियां हों तत्काल ठीक करायें। चिकित्सालय परिसर साफ-सुथरा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि BRD मेडिकल काॅलेज में मरीज के साथ केवल एक ही अटन्डेंट रहे। चिकित्सक की अनुमति पर ही दो अटेन्डेंट रह सकते हैं। अधिक संख्या में अटेन्डेन्ट होने से मरीज एवं चिकित्सक, दोनों को ही असुविधा होती है।
मुख्यमंत्री ने मेडिकल काॅलेज परिसर की सफाई बेहतर बनाये रखने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जो भी सफाई कर्मी अपने दायित्व के प्रति लापरवाही बरते, उसकी जबावदेही तय की जाय, मरीजों के प्रति संवेदना होनी चाहिए। इलाज/दवा के अभाव में किसी मरीज की मृत्यु नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मेडिकल काॅलेज के निर्माणाधीन भवनों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष बल देने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिये।
समीक्षा बैठक के दौरान सांसद रवि किशन, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशान्त त्रिवेदी, मण्डलायुक्त जयन्त नार्लीकर, जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पांडियन, प्राचार्य मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर एवं बस्ती मण्डलों के अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।







