UPCM योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में ‘इनोवेटिव फार्मर्स मीट’ में किसानों को सम्बोधित किया

गोरखपुर (22 जून, 2019)।
UPCM योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्राविधिक विश्वविद्यालय में ‘इनोवेटिव फार्मर्स मीट’ में किसानों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद उनके द्वारा किसानों के लिए स्वायल हेल्थ कार्ड योजना चलाई गयी, जिससे प्रत्येक किसान को अपने खेत के बारे में जानकारी मिल सके। इसके बहुत अच्छे परिणाम सबके सामने आए हैं। प्रदेश में लगभग साढ़े तीन करोड़ किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड दिया गया, जिसका लाभ उन्हें उनकी खेती में मिल रहा है। किसानों को खेत में किस उर्वरक/तत्व की आवश्यकता है, इसकी जानकारी मिलने से उनकी आय में वृद्धि करने में सहायता मिलेगी होगी।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि किसानों को नई तकनीक और पारम्परिक खेती के साथ पशुपालन, सब्जी उत्पादन एवं अन्य कृषि सम्बन्धी कार्यों के लिए जागरूक करना होगा। कृषि के क्षेत्र में नए-नए नवाचार की आवश्यकता है। किसान उसे अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। नवीन तकनीकी की जानकारी के अभाव में किसानों को कठिनाइयों एवं चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कृषि अपशिष्ट से व्यापार करने के लिए कमलेश पाण्डेय, कृषि में अधिक आय के लिए  वीरेन्द्र चौरसिया, नवीन कृषि तकनीक का प्रयोग करने के लिए सत्य प्रकाश दुबे को सम्मानित किया।



मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है, किसानों को समय से खाद व बीज मिले, इसके लिए कृषि विभाग एवं सभी सम्बन्धित मिलकर कार्य करें। खेत में जिस तत्व की आवश्यकता है, उसे ही डालें और उर्वरक तत्वों के डालने से लागत कम होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य है। यदि सी.आई.आई.सी. एवं अन्य लोगों को साथ मिलता रहा, तो किसानों की आय दोगुनी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के प्रथम वर्ष में 37 लाख मी.टन और दूसरे वर्ष 52 लाख मी.टन गेहूं की खरीद हुई थी। इस वर्ष अभी तक यह खरीद चल रही है। किसानों को उनकी फसल का मूल्य 1860 रुपए प्रति कु. के हिसाब से सीधे उनके खाते में भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना किसानों के लगभग 70 हजार करोड़ रुपए का भुगतान चीनी मिलों द्वारा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाण सागर परियोजना पूर्ण कराकर 1.5 लाख हे. क्षेत्र को सिंचित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेती के साथ-साथ किसानों को पशुपालन के लिए आगे आना होगा। सरकार द्वारा गांव-गांव में दुग्ध समितियां खोली जा रही हैं, जो किसानों से दूध लेकर डेयरी तक पहुंचाएंगी और इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में चीनी मिल संचालित की गई है। यह ऐसी चीनी मिल है, जहां जितनी चीनी की आवश्यकता होगी बनाने के बाद शेष गन्ने से एथेनाॅल बनाया जाएगा। इस चीनी मिल की क्षमता 50 हजार कु. प्रतिदिन है।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, गोरखपुर के मण्डलायुक्त जयन्त नार्लीकर, जिलाधिकारी के. विजयेन्द्र पाण्डियन सहित सी.आई.आई. के अधिकारी एवं कृषकगण उपस्थित रहे।

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