UPCM ने भारत रत्न पूर्व PM अटल बिहारी वापजेयी की 95वीं जयन्ती पर विचार गोष्ठी ‘महानायक अटल’ को सम्बोधित किया

उत्तर प्रदेश (25 दिसम्बर, 2018)।
UPCM, राज्यपाल राम नाईक, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित और केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोक भवन में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वापजेयी की 95वीं जयन्ती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए विचार गोष्ठी ‘महानायक अटल’ को भी सम्बोधित किया।

UPCM ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि श्रद्धेय अटल जी का प्रदेश से नजदीकी व अटूट सम्बन्ध रहा है। अपने सार्वजनिक जीवन में वे सर्वाधिक बार लखनऊ से ही देश की सर्वोच्च पंचायत के लिए चुने गए। उन्होंने संसदीय लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में सदैव शुचिता का पालन किया। उनका सार्वजनिक जीवन प्रत्येक जनप्रतिनिधि के लिए अनुकरणीय है। उनका मानना था कि सिद्धान्तविहीन राजनीति मौत का फंदा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अच्छी बात कहना आसान है, लेकिन उसे आचरण में उतारने का काम अटल जी ने किया।

UPCM ने इस अवसर पर लोक भवन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 25 फीट ऊंची एक प्रतिमा लगाने की घोषणा की।
UPCM ने कहा कि डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय से अटल जी ने राजनीति के संस्कार ग्रहण किए तथा उन्हीं के बल पर सुशासन की आधारशिला रखी। अटल जी ने सदैव गरीबों के कल्याण व देश के विकास के लिए कार्य किया। उन्होंने गरीबों के कल्याण के लिए अन्त्योदय व अन्नपूर्णा जैसी योजनाएं चलायीं, जिससे देश में कोई भी गरीब भूख से काल कवलित न हो। उन्होंने कहा कि अटल जी ने प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, विपक्ष के नेता व सांसद के रूप में एक अटल छाप छोड़ी है।
UPCM ने कहा कि अटल जी के सम्मान में उनकी जयन्ती पूरे देश व प्रदेश में सुशासन दिवस के रूप में मनायी जा रही है। इसके दृष्टिगत आज सुशासन दिवस के अवसर पर जनहित से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसके माध्यम से पात्र लोगों को विभिन्न जनहितकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। वृद्धावस्था, निराश्रित विधवा और दिव्यांग पेंशन के सम्बन्ध में विकास खण्ड व नगर निकाय स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से राशन कार्ड वितरण और आयुष्मान भारत योजना के लिए चयनित लाभार्थियों को कार्ड भी वितरित किये जाएंगे। आज ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और जिला चिकित्सालय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं के शिविर भी आयोजित किये जा रहे हैं।

UPCM ने कहा कि अटल उस व्यक्तित्व का नाम है, जिसने कभी अपने सिद्धान्तों और आदर्शों से समझौता नहीं किया। उनका मानना था कि ‘न भीतो मरणादस्मि केवलं दुषितो यशः’ अर्थात ‘मैं मृत्यु से नहीं डरता, अगर डरता हूं तो बदनामी से डरता हूं।’
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल जी राजनीति के ही विलक्षण व्यक्ति नहीं थे, बल्कि उनका व्यक्तित्व ही विलक्षण था। अटल जी के सान्निध्य में आने से ही सुखद अनुभूति होती थी। उनकी नाराजगी में भी स्नेहिल एहसास होता था। कारगिल युद्ध का जिक्र करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी ने न केवल युद्ध में बल्कि कूटनीति के मैदान में भी विजय प्राप्त की।
अटल जी के व्यक्तित्व को बहुआयामी और प्रेरक बताते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि वे लोकप्रिय और सर्वमान्य नेता थे, जिनका सभी सम्मान करते थे। भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में अटल जी जैसा विराट व्यक्तित्व मिलना कठिन है। उनका 06 दशक का निष्कलंक राजनैतिक जीवन हमेशा याद किया जाएगा। अटल जी ने राजनीति को मूल्यों और सिद्धान्तों से जोड़कर देश में सुशासन की आधारशिला रखी थी।
इस अवसर पर UP_Dy_CM डाॅ. दिनेश शर्मा, राज्य सरकार के मंत्रीगण, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, सूचना निदेशक शिशिर और लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.पी. सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।








