UPCM ने श्रावस्ती जनपद के भ्रमण के दौरान जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा की

उत्तर प्रदेश (श्रावस्ती)।
UPCM ने अपने श्रावस्ती जनपद के भ्रमण के दौरान संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा, प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय, पाण्डेयपुर जरकुशहा एवं एफ.सी.आई द्वारा संचालित धान क्रय केन्द्र लक्ष्मननगर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने संयुक्त जिला चिकित्सालय में सर्वप्रथम पैथोलाॅजी/अल्ट्रासाउण्ड/एक्स-रे कक्ष, प्रसव कक्ष एवं पोषण एवं पुनर्वास केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वाॅर्ड में भर्ती बच्चों के माता-पिता से भी कुशलक्षेम जानी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सरकार द्वारा प्रदत्त सभी सुविधाओं को शासन के मंशानुरूप मरीजों को निःशुल्क मुहैया कराने के निर्देश दिए।

UPCM ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विकास के केन्द्र में गरीब और वंचित वर्ग के लोग हैं। राज्य सरकार विभिन्न विभागों के माध्यम से उनके लिए तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं को संचालित कर रही है। इसलिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वे अपने-अपने विभागों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं/विकास कार्यक्रमों को धरातल पर उतारें, और हर पात्र व्यक्ति को अनिवार्यरूप से लाभान्वित करें। यह भी ध्यान रखें कि कोई भी गरीब, असहाय, बेसहारा व्यक्ति सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
उच्च प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण
UPCM ने उच्च प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान शिक्षकों से विद्यार्थियों को लगन से पढ़ने के साथ-साथ गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। अतः उन पर पूरा ध्यान केन्द्रित किया जाना चाहिए। धान क्रय केन्द्र के निरीक्षण के दौरान लक्ष्य के अनुरूप खरीद की शिथिल गति पाए जाने पर उन्होंने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को इसमें तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों से धान की पूरी खरीद की जाए और उनके खातों में समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विकास कार्यों की समीक्षा बैठक
UPCM ने इसके उपरान्त कलेक्ट्रेट सभागार में एसपिरेशनल डिस्ट्रिक्ट के महत्वपूर्ण बिन्दुओं की समीक्षा और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों का दायित्व है कि वे समय से विकास कार्यों को अंजाम दें। उन्होंने चेताया कि यदि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलिता मिली तो सम्बन्धित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्हें दण्डित किया जायेगा।
साक्षरता पर विचार विमर्श
UPCM ने कहा कि इस जनपद की साक्षरता दर पूरे भारत में आखिरी पायदान पर है, जो चिन्ता का विषय है। पिछड़े जनपदों को विकसित करने की दृष्टि से भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा प्रदेश के 08 जनपदों का चयन किया गया है जिसमें यह जनपद भी शामिल है। यहां पर शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ-साथ अन्य विकास कार्यों हेतु कार्य योजना बनाकर कार्यवाही चल रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इससे निश्चित ही इस जनपद का शीघ्र ही चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा। जनपद का कायाकल्प होगा और यहां के लोगों में खुशहाली आएगी।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा
UPCM ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर अधिक होने पर चिन्ता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसे कम करने के लिए लोगों में जागरूकता लानी होगी। इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा जिला पंचायतराज अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष प्रयास करना होगा, ताकि जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके।

UPCM को समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि जिला चिकित्सालय और CHC पर ई.डी.एल. और जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। जनपद में ‘102’ एम्बुलेन्स की संख्या 18, ‘108’ एम्बुलेन्स की संख्या 12 और ए.एल.एस. एम्बुलेन्स की संख्या 2 है। सभी उपकरण क्रियाशील एवं संचालित हैं। जनपद में कुल 23,542 सम्भावित प्रसव के सापेक्ष 17,251 संस्थागत प्रसव कराये गये हैं, जो लक्ष्य का 73.28 प्रतिशत है। जननी सुरक्षा योजना के तहत 99.87 प्रतिशत लाभार्थियों को भुगतान किया गया है। आशाओं का भुगतान 98.67 प्रतिशत किया जा चुका है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि संस्थागत प्रसव हेतु लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक ऐसे प्रसव हो सकें।
शिक्षा विभाग की समीक्षा
UPCM ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि पूरे भारत में इस जनपद का शिक्षा स्तर बहुत ही कम है, जिस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि शिक्षकों द्वारा बच्चों के पठन-पाठन पर विशेष ध्यान दिया जाए और सभी विद्यालयों में क्रियेटिव लर्निंग सम्बन्धी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। शिक्षक बच्चों की अभिरुचि के अनुसार शिक्षा प्रदान करने पर विशेष ध्यान दें, ताकि उनका भविष्य संवारा जा सके।

UPCM ने बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि अगर जूनियर और प्राथमिक विद्यालय दोनों एक ही कैम्पस में संचालित हो रहे हैं और दोनों में से किसी एक विद्यालय में अध्यापकों की कमी है तो इनमें मौजूद अध्यापकों की सेवाएं सामंजस्य बनाकर ली जायें ताकि बच्चों की शिक्षा अध्यापकों की तैनाती तक बाधित न होने पाए। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी अध्यापक विद्यालय समय के दौरान अध्यापन कार्य छोड़कर कहीं न जाए।
जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश
UPCM ने सभी विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं को गम्भीरता से सुना जाए और समय-सीमा के अन्तर्गत निराकरण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
कृषि विभाग की समीक्षा
UPCM ने कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उप निदेशक कृषि को निर्देश दिए कि जिले के किसानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण प्रत्येक दशा में करा लिया जाए, ताकि सरकार की योजनाओं से किसानों को लाभान्वित किया जा सके। खाद और बीज की उपलब्धता प्रत्येक दशा में सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को कोई दिक्कत न होने पाए। निर्माणाधीन मण्डी का कार्य धन आने के बावजूद प्रारम्भ न करने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा तत्काल मण्डी का अधूरा कार्य प्रारम्भ कराने के निर्देश दिए।

UPCM ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री अटल बीमा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना पर प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर लीड बैंक आॅफिसर को सुधार लाने का निर्देश दिए।
BSNL अधिकारी को नेटवर्किंग व्यवस्था ठीक करने का निर्देश
संचार माध्यम की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि BSNL नेटवर्क का जिले में ढंग से संचालन न हो पाने के कारण बहुत से तकनीकी कार्यों को समय से सम्पन्न होने में बाधा आती है। इस प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए UPCM ने बैठक में उपस्थित BSNL के अधिकारी को नेटवर्किंग व्यवस्था ढंग से करने का निर्देश दिए, ताकि शासकीय कार्यों में बाधा न उत्पन्न हो और उपभोक्ताओं को भी राहत मिले।
सरकार की योजनाओं के प्रति जनता को जागरूक करने का प्रयास
UPCM द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के उपरान्त ग्राम विकास विभाग द्वारा संचालित स्वयंसेवी सहायता समूहों को ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान बेसलाइन सर्वे, निगरानी समितियों के गठन और निर्मित शौचालयों को लोगों द्वारा प्रयोग के लिए जागरूक करने के भी निर्देश दिए।
UPCM ने छात्रवृत्ति वितरण, पेंशन योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, 181 महिला हेल्प लाइन, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, विद्युत विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार, अवैध खनन के विरुद्ध कार्यवाही आदि की भी समीक्षा की और सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करके जिले को विकसित करने के निर्देश दिए।
UPCM ने कहा कि अन्र्तराष्ट्रीय सीमा से जुड़ा होने के कारण यह जनपद संवेदनशील है। इसलिए बाॅर्डर क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि अवैध रूप से कोई भी कारोबार कदापि न होने पाए। महिलाओं एवं छात्राओं की विशेष सुरक्षा के लिए चाक-चैबन्द व्यवस्था रहे, ताकि कोई भी महिला भयमुक्त होकर कहीं भी आ जा सके। छात्राएं भयमुक्त होकर स्कूल जा सकें। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि जिले के सभी थानों में चिन्हित अपराधियों, माफियाओं, समाज के अमन-चैन में खलल डालने वाले व्यक्तियों पर बेझिझक प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। निर्दोष व्यक्ति किसी भी दशा में परेशान न होने पाए इसका भी ध्यान रखा जाए और जनता से मित्रवत व्यवहार किया जाए।








