UPCM ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी में ‘O.D.O.P’ के कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया

गोरखपुर (14 जनवरी, 2019)।
UPCM ने जनपद गोरखपुर में पं. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित टेराकोटा, पाॅटरी एवं खाद्य प्रसंस्करण थीम पर आधारित ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ समिट में 12 जनपदों के कुल 20,427 उद्यमियों एवं हस्तशिल्पियों को 2,188 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण वितरित कर लाभान्वित किया। उन्होंने 15 हस्तशिल्पियों/उद्यमियों को 349.50 लाख रुपए के प्रतीक चेक प्रदान किये। साथ ही, 38 हस्तशिल्पियों को 10 इलेक्ट्रिक चाक सहित टूलकिट भी वितरित किये।

इस दौरान एमेजाॅन से हुए एम.ओ.यू. के अन्तर्गत 15 हस्तशिल्पियों की विपणन व्यवस्था प्रारम्भ करायी गयी, जिनमें से टोकन के रूप में दो अग्रणी उद्यमियों को UPCM द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किये गये। उन्होंने परिसर में आयोजित ओ.डी.ओ.पी. उत्पादों की प्रदर्शनी का विधिवत अवलोकन किया एवं दस्तकारों से परिचय प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने थीम आधारित ओ.डी.ओ.पी. कैटलाॅग का विमोचन भी किया।

UPCM ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में सूक्ष्म, लघु उद्यमों एवं हस्तशिल्पियों के उत्पादों को बल प्रदान करने हेतु वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना का शुभारम्भ किया गया। इसके अन्तर्गत प्रत्येक जनपद के विशिष्ट एवं परम्परागत उत्पादों का चिन्हांकन किया गया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से चिन्हित उत्पादों को सर्वोन्मुखी विकास हेतु प्रदेश सरकार द्वारा अनेक योजनाएं जैसे ‘एक जनपद एक उत्पाद’ में वित्त पोषण सहायता योजना, सामान्य सुविधा केन्द्र योजना और विपणन सहायता योजना संचालित की गयी है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एवं एम.एस.एम.ई. ऋण योजना द्वारा लाभार्थियों को टूलकिट प्रदान करते हुए लाभान्वित कराया जा रहा है।

UPCM ने कहा कि ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना से जहां जनपद के विशिष्ट उत्पाद का विकास होगा, वहीं उत्पादकों के लिए रोजगार के नये अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि ओ.डी.ओ.पी. समिट के तहत अब तक लखनऊ, मुरादाबाद एवं वाराणसी में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से 57 हजार से अधिक लाभार्थियों को 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है। फलस्वरूप प्रदेश में औद्योगिक परिदृश्य में एक नई उर्जा का संचार हुआ है।

UPCM ने कहा कि उद्यमियों को चाहे उचित दाम पर कच्चा माल उपलब्ध कराना हो या हस्तशिल्पियों/कारीगरों को दक्षता वृद्धि का प्रशिक्षण देना हो या राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय मांग बढ़ाने हेतु उत्पादों की डिजाइन का विकास करना हो या उत्पादकों को विपणन सहायता प्रदान की जानी हो एवं पूंजी उपलब्ध कराना हो, इन सभी सुविधाओं को ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस अवसर पर खादी ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक एवं आर्थिक व्यापकता के कारण उत्तर प्रदेश गैर-कृषि क्षेत्र, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में पूंजी निवेश एवं रोजगार उपलब्ध कराने की अपार सम्भावनाएं रखता है। औद्योगिक विकास की इसी कड़ी में प्रदेश सरकार द्वारा ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ जैसी अभिनव योजना प्रारम्भ की गई है। इसके माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों के चिन्हित उत्पादों के विकास के लिए कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर जनपद निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है, ‘एक जिला-एक उत्पाद’ हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। इसके अन्तर्गत परम्परागत उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आयुक्त एवं निदेशक सूक्ष्म एवं लघु उद्योग के. रवीन्द्र नायक ने आभार ज्ञापित किया।








