UPCM ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की

लखनऊ (13 जून, 2019)।
UPCM ने लोक निर्माण विभाग के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया और विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखे। सड़क निर्माण कार्य जिस एजेंसी को दिया जाए, उससे इसके रख-रखाव का 05 साल का करार भी किया जाए। मरम्मत कार्य पर होने वाले खर्च को कम करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस बचत से नई सड़कों का निर्माण कराया जाए। उन्होंने सड़क निर्माण में नयी तकनीक के प्रयोग पर भी बल दिया।

UPCM ने कहा कि अन्य विभागों द्वारा निर्मित की जा रही सड़कों की गुणवत्ता चेक करने के लिए लोक निर्माण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया जाए। उन्होंने प्रदेश के सभी मार्गों पर स्पष्ट सूचना देने वाले साइनेज स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन पर उल्लिखित सूचना स्पष्ट होनी चाहिए। सड़कों का गुणवत्तापरक रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने 02 लेन वाले गुणवत्तापरक मार्गों पर टोलिंग करने के भी निर्देश दिए।

UPCM ने पुराने सेतुओं का सेफ्टी ऑडिट करने और आवश्यकतानुसार उनकी मरम्मत सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क/पुल निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बिलकुल न की जाए। उन्होंने सड़क निर्माण के मानक निर्धारित करने के भी निर्देश दिए। सड़कों पर दुर्घटनाओं की संख्या कम करने के उद्देश्य से इनका सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों के ब्लैक स्पाॅट चिन्हित कर इसमें आवश्यकतानुसार सुधार किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने रोड साइनेज एवं रोड मार्किंग पर भी विशेष बल दिया।

UPCM ने ग्रामीण मार्गों की चौड़ाई बढ़ाकर 07 मीटर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अच्छी यातायात सुविधाएं देने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग में पिछले 02 वर्ष में ई-टेण्डरिंग के तहत अपनायी गयी प्रक्रिया का ऑडिट करवाने के निर्देश दिए।

UPCM ने प्रदेश में एन.एच.ए.आई. द्वारा बनायी जा रही सड़कों के कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि टूटी हुई सड़कों की शीघ्र मरम्मत की जाए, ताकि आवागमन में जनता को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने मार्गों पर बनाए जाने वाले स्पीड ब्रेकर का एक मानक तय करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्पीड ब्रेकर बिलकुल न बनाए जाएं, जो लोगों के लिए समस्या खड़ी कर दें।

प्रस्तुतिकरण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा UPCM को विभाग की मुख्य योजनाओं/नीतियों के विषय में विस्तार से अवगत कराया गया, जिनमें रोड नेटवर्क, महत्वपूर्ण योजनाएं, बजट, सड़क सुरक्षा, ई-गवर्नेन्स, ई-मेन्टीनेंस, नई तकनीक तथा पाॅलिसी शामिल हैं।

अधिकारियों ने सड़क निर्माण में अपनायी गयी नयी तकनीक के विषय में UPCM को अवगत कराते हुए बताया कि इसके उपयोग से ग्रामीण मार्गों के प्रति कि.मी. निर्माण की लागत में 18 प्रतिशत की कमी आयी है। जबकि ओ.डी.आर./एम.डी.आर./एस.एच. (प्रति कि.मी.) की लागत में साढ़े 19 प्रतिशत की कमी आयी है। इस प्रकार वर्ष 2018-19 में सड़क निर्माण की लागत में लोक निर्माण विभाग द्वारा 942 करोड़ रुपए की बचत की गई है।

इस अवसर पर UP_Dy_CM केशव प्रसाद मौर्य, मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव सूचना और सी.ई.ओ. यूपीडा अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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