UPCM ने कार्मिक एवं नियुक्ति विभाग के कार्याें की समीक्षा बैठक की

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने कार्मिक एवं नियुक्ति विभाग के कार्याें की समीक्षा बैठक करते हुए निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पूरे प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में पदोन्नतियां ‘आॅटो मोड’ में हो जाएं और उनमें किसी प्रकार की कोई रुकावट न आए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी D.P.C. लम्बित न रखी जाए। इस क्रम में उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी उच्चाधिकारी, विभागाध्यक्ष, जिलाधिकारीगण अपने अधीनस्थों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (ACR) तत्काल भेजें, ताकि इनके चलते कार्मिक की पदोन्नति में कोई अड़चन न आए और उनका समय से प्रमोशन हो जाए। उन्होंने सभी कार्मिकों की वार्षिक वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेण्ट) समयबद्धता के साथ देने के भी निर्देश दिए।
UPCM ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के सभी देयों का भुगतान तत्काल कर दिया जाए। उनकी पेंशन का निर्धारण शीघ्रता से करते हुए उन्हें जल्द पेंशन उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने सभी सरकारी विभागों में तैनात कार्मिकों की सम्पूर्ण जानकारी आॅनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य को शीघ्रता के साथ किया जाए। उन्होंने कार्मिक द्वारा लिए गए समस्त अवकाशों और L.T.C. इत्यादि का विवरण आॅनलाइन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों में अधिकारियों, कर्मचारियों की तैनाती, रिक्तियों इत्यादि की अद्यतन जानकारी आॅनलाइन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त हो चुके कार्मिकों के नाम सूची से तत्काल हटा दिए जाएं, ताकि किसी प्रकार के भ्रम की स्थिति न रहे और मौजूद कार्मिकों की अद्यतन स्थिति सदैव ज्ञात रहे।

UPCM ने कहा कि सरकार की मंशा सभी सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को उनके सभी सेवा सम्बन्धी लाभ जैसे – पदोन्नति, वेतन वृद्धि, इत्यादि समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराने की है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कार्मिक विभाग के समक्ष लम्बित मामलों को शीघ्रता से निपटाने के भी निर्देश दिए।
UPCM ने वरिष्ठ अधिकारियों की विभागीय पदोन्नतियों के लम्बित प्रकरणों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानान्तरण का अनुपालन सुनिश्चित करने से सम्बन्धित मामलों को भी शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। विभागीय जांचों की स्थिति की समीक्षा करते हुए UPCM ने इन्हें भी शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान UPCM को अपर मुख्य सचिव कार्मिक एवं नियुक्ति विभाग मुकुल सिंघल ने विभागीय कार्याें के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने UPCM को अवगत कराया कि कार्मिक विभाग परिवीक्षा, अर्हकारी सेवा, स्थायीकरण, ज्येष्ठता, पदोन्नति, विनियमितीकरण, सन्तोषजनक सेवा निर्धारण, सेवानिवृत्ति/त्याग-पत्र, पद सृजन, अनुशासनिक कार्यवाही, कर्मचारी आचरण नियमावली और सेवाओं का वर्गीकरण एवं उन्हें राजपत्रित प्रतिष्ठा प्रदान किए जाने सम्बन्धी कार्य करता है। इसके अलावा, पदोन्नति से सम्बन्धित नियम/शासनादेश के साथ-साथ विभागाध्यक्ष एवं अपर विभागाध्यक्ष के पदों पर चयन भी करता है।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि लोक सेवाओं एवं पदों पर आरक्षण, मृतक आश्रित की अनुकम्पा नियुक्ति, वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों से सम्बन्धित नियम/आदेश, समूह-‘ग’ एवं ‘घ’ के पदों पर भर्ती/विनियमितीकरण हेतु नियमावली बनाने का कार्य भी कार्मिक विभाग द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अकादमी से सम्बन्धित नीति विषयक एवं अधिष्ठान कार्य व अन्य कार्य भी कार्मिक विभाग करता है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश का अधिष्ठान व अन्य कार्य भी कार्मिक विभाग के कार्यदायित्व में आता है। उन्होंने बताया कि वार्षिक स्थानान्तरण नीति, विभिन्न सेवा संघों से सम्बन्धित कार्य, उर्दू अनुवादक-सह-कनिष्ठ लिपिकों की नियुक्ति/पदोन्नति, प्रशिक्षण सम्बन्धी नीति बनाने का कार्य भी कार्मिक विभाग द्वारा किया जाता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद-309 के परन्तुक के अधीन विभिन्न विभागों द्वारा बनायी जाने वाली सेवा नियमावलियों/संशोधन सेवा नियमावलियों के विधीक्षण का कार्य कार्मिक नियमावली प्रकोष्ठ द्वारा किया जाता है।
अपर मुख्य सचिव ने UPCM को विभागीय डी.पी.सी. कराने के प्रस्ताव, पदोन्नति में अर्हकारी सेवा में शिथिलता, मंत्रिपरिषद प्रस्तावों पर अभिमत उपलब्ध कराने के प्रस्तावों, उच्चतम न्यायालय में चल रहे प्रकरण जिनमें प्रति शपथ-पत्र दाखिल नहीं हुआ, उच्च न्यायालय में चल रहे प्रकरण जिनमें प्रति शपथ-पत्र दाखिल नहीं हुआ, ट्रिब्यूनल में चल रहे प्रकरण जिनमें प्रति शपथ-पत्र दाखिल नहीं हुआ, कर्मचारी नियमावलियों के निर्माण/संशोधन के प्रकरणों, सेवा संघों के लम्बित मांगों के प्रकरणों और विभागों से प्राप्त प्रकीर्ण सन्दर्भाें की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के विषय में भी UPCM को अवगत कराया।
अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंघल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा, प्रान्तीय सिविल सेवा और उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा के अधिकारियों के सेवा सम्बन्धी मामलों के समन्वय के लिए कार्यरत नियुक्ति विभाग के कार्याें के विषय में भी मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया। मुख्यमंत्री जी को लखनऊ के अलीगंज के सेक्टर-डी में स्थित उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबन्धन अकादमी के कार्याें के विषय में भी अवगत कराया गया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्र एस.पी. गोयल सहित कार्मिक एवं नियुक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








