UPCM ने वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की

वाराणसी (22 दिसम्बर, 2018)।
UPCM ने जनपद वाराणसी में अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र का भ्रमण कर आगामी 29 दिसम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

UPCM ने इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र के निरीक्षण के दौरान कृषि वैज्ञानिकों से काला नमक, राजरानी, बादशाह पसंद व ब्लैक राइस आदि प्रजातियों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाए जाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि इससे उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से पूर्वांचल क्षेत्र के किसानों को लाभ मिल सकेगा। इससे जहां एक ओर किसानों की आय में वृद्धि होगी, वहीं दूसरी ओर इसका सकारात्मक प्रभाव प्रदेश की आर्थिक विकास दर पर भी पड़ेगा।

UPCM वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए
UPCM वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए

UPCM ने काला नमक धान प्रजाति का उल्लेख करते हुए इसकी उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने और प्रदेश एवं देश के विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु के अनुसार इसकी पैदावार के सम्बन्ध में कार्य किए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने इरी सेंटर की प्रयोगशालाओं, मीटिंग हॉल आदि को देखा और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों से वार्ता कर चावल अनुसंधान के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

UPCM वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए
UPCM वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए

निरीक्षण के दौरान केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, प्रदेश के विधि-न्याय, युवा कल्याण, खेल एवं सूचना राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, इरी के निदेशक डॉ. अरविंद नाथ सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर साउथ एशिया टी.सी. डोडीयाल एवं अन्य वैज्ञानिक गण आदि उपस्थित रहे।

UPCM आगामी 29 दिसम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए
UPCM आगामी 29 दिसम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए

ज्ञातव्य है कि वाराणसी स्थित इरी सेंटर की मुख्य शाखा फिलीपींस में है। वाराणसी का सेंटर पूरे एशिया व अफ्रीका के लिए कार्य करेगा। इसमें चावल के वैल्यू एडिशन पर रिसर्च होगी। धान की पैदावार बढ़ाने, उसकी गुणवत्ता बढ़ाने, खाने में स्वादिष्ट, खुशबूदार, पौष्टिकतायुक्त आदि बनाने के लिए कार्य किया जाएगा। इसके अलावा उत्तम गुणवत्ता वाले विभिन्न प्रजातियों के धान से अच्छे जीन लेकर नई वैरायटी विकसित करने पर भी कार्य होगा।

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