UPCM ने गोरखपुर के रामदत्तपुर में महाराणा प्रताप कन्या इंटर काॅलेज का लोकार्पण किया

उत्तर प्रदेश (गोरखपुर)।
UPCM ने गोरखपुर के रामदत्तपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद द्वारा स्थापित महाराणा प्रताप कन्या इंटर काॅलेज का लोकार्पण करते हुए कहा कि शिक्षा परिषद शैक्षिक जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वर्ष 1932 से लगातार यह संस्था शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में सक्रिय है। विश्वविद्यालय की स्थापना में भी महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद का विशेष योगदान रहा है।

UPCM ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए व्यापक कार्य किये गये है। सभी परीक्षाओं को नकल विहीन कराया गया है। प्रदेश के विकास के लिए शिक्षण संस्थाओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के लिए कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने यह भी कहा कि माध्यमिक शिक्षा में भी काफी परिवर्तन किये जा रहे है। प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिगत कक्षा 9 एवं 11 में NCERT के पाठ्यक्रम को लागू किया गया है, जिससे UP-बोर्ड के बच्चे भी अन्य बोर्डों के विद्यार्थियों के समान शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज एंव राष्ट्र की आधारशिला है जितनी अच्छी शिक्षा होगी उतना ही देश एवं प्रदेश का विकास होगा। शिक्षा समाज के लिए महत्वपूर्ण है, यदि कोई व्यक्ति निरक्षर रहता है तो यह एक अच्छी बात नही है। निरक्षरता को दूर करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
UPCM ने कहा कि सभी संस्थाओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने शिक्षण संस्थाओं से अपील की कि जनपद में शिक्षा के लिए अच्छे संस्थान खोले और छात्र-छात्राओं के स्किल डेवलपमेन्ट के लिए भी कार्य करें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है, हमारे प्रदेश के युवा ऊर्जावान है, उस ऊर्जा का लाभ देश को मिले इसके लिए सभी को जिम्मेदारी लेनी होगी। प्रधानमंत्री स्किल डेवलपमेन्ट योजना के अन्तर्गत विगत एक वर्ष में तहसील स्तर पर कौशल विकास केन्द्र स्थापित किये गये हैं। इनमें 6 लाख से अधिक युवाओं ने नामांकन कराया, 4 लाख से अधिक लोगों ने कौशल विकास सम्बन्धी प्रशिक्षण प्राप्त किया एवं लगभग ढाई लाख लोगों को रोजगार मिला।

UPCM ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक एवं भौगोलिक आवश्यकताओं के दृष्टिगत पाठ्यक्रम बनाकर युवाओं की ऊर्जा का अच्छा प्रयोग किया जा सकता है। शिक्षण संस्थानों की प्रयोगशालाओं को और सुदृढ़ करके मृदा परीक्षण का भी कार्य किया जा सकता है। इससे प्रदेश सरकार के कार्य को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा तथा किसानों को मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों को आपदा एवं बाढ़ के समय प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए भी कार्य करना चाहिए। इस अवसर उन्होंने विद्यालय निर्माण कार्य से जुड़े इंजीनियर सत्येन्द्र चैधरी एवं करुणेश श्रीवास्तव की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला, महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष यू.पी. सिंह, विधायक डाॅ. राधामोहन दास अग्रवाल, विपिन सिंह, विधायक शीतल पाण्डेय, विद्यालय की प्राचार्या वन्दना त्रिपाठी, महापौर सीताराम जायसवाल आदि उपस्थित रहे।









