UPCM ने निराश्रित गोवंश की समुचित देखभाल के लिए तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिए

उत्तर प्रदेश (24 दिसम्बर, 2018)।
UPCM ने निराश्रित गोवंश की समुचित देखभाल के लिए तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इस सम्बन्ध में आहूत एक बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि यह व्यवस्था ग्रामीण और शहरी इलाकों में सुनिश्चित की जाए।

UPCM ने प्रदेश की जिला पंचायतों में पूर्व में स्थापित लगभग 750 कांजी हाउस को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। पशुओं के बीमार होने की स्थिति में स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी से इलाज आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। कांजी हाउस में चरही, शेड, भूसा हेतु स्थान आदि तथा पशुओं के लिए चारा, भूसा एवं पीने हेतु पानी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर निराश्रित गोवंश के लिए व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए हैं।

UPCM ने कहा कि प्रदेश में 16 नगर निगमों को निराश्रित गोवंश के लिए आश्रय स्थल हेतु 10-10 करोड़ रुपए की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, गौशाला के लिए प्रत्येक जनपद को 1.2 करोड़ रुपए दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 69 नागर निकायों को धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। इनके सापेक्ष धनराशि निर्गत भी की गई है। लखनऊ व बरेली नगर निगमों में आश्रय स्थल का कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 67 नगर निकायों में शीघ्र ही कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं गौचर पर अतिक्रमण हो, तो उसे तुरन्त हटाते हुए सम्बन्धित भू-माफिया के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपद में इन समस्त कार्यों का पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

UPCM ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में निराश्रित गोवंश के आश्रय सम्बन्धी कार्यवाही का प्रमुख सचिव नगर विकास तथा ग्रामीण इलाकों के लिए अपर मुख्य सचिव पंचायती राज अनुश्रवण करें। UPCM ने मुख्य सचिव को निर्देशित किया कि वे कार्यवाही के लिए एक समिति गठित करते हुए इसकी संस्तुतियां एक सप्ताह में प्रस्तुत करें।

बैठक में मुख्य सचिव डाॅ. अनूप चन्द्र पाण्डेय, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज राजेन्द्र कुमार तिवारी और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल उपस्थित रहे।

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