UPCM ने चीनी मिलों को शीघ्र पेराई कार्य प्रारम्भ करने हेतु निर्देश दिये

उत्तर प्रदेश।
UPCM ने उत्तर प्रदेश के गन्ना क्षेत्रफल में गत वर्ष के सापेक्ष वृद्धि की सम्भावनाओं को देखते हुए चीनी मिलों को शीघ्र पेराई कार्य प्रारम्भ करने हेतु निर्देश दिये हैं ताकि गन्ना किसान समय से गन्ना आपूर्ति कर गेहूॅ की बुआई सुगमता पूर्वक कर सकें। इस क्रम में गन्ना मंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर विभाग ने चीनी मिलों के गन्ना सुरक्षण आदेश जारी करने की तैयारियाॅ प्रारम्भ कर दी हैं। गन्ना आयुक्त ने समस्त चीनी मिलों, सहकारी गन्ना विकास समितियों और विभागीय अधिकारियों से चीनी मिलवार गन्ने की आवश्यकता के आंकड़े 31 जुलाई तक और गन्ना सुरक्षण प्रस्ताव 20 अगस्त, 2018 तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।
यह जानकारी देते हुए आयुक्त गन्ना एवं चीनी संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि गन्ना किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए गन्ना विभाग इस वर्ष चीनी मिलों से शीघ्र पेराई प्रारंभ कराने हेतु तत्पर है। इसी क्रम में चीनी मिलों के लिए गन्ना सुरक्षण आदेश समय से जारी कराये जाने हेतु प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है। समय से सुरक्षण आदेश जारी हो जाने से चीनी मिलें शीघ्र पेराई सत्र का शुभारंभ कर सकेंगी। जिससे किसान अपना पेड़ी गन्ना चीनी मिल को शीघ्र आपूर्ति कर खाली खेत में रबी की फसलों की बुवाई कर सकेगा, जिससे उसे अतिरिक्त आय प्राप्त होगी और उसे गन्ना मूल्य भी शीघ्र प्राप्त हो जाने से रबी में बुवाई हेतु धन भी उपलब्ध हो सकेगा।
आयुक्त गन्ना एवं चीनी भूसरेड्डी ने यह भी बताया कि इस वर्ष गन्ना सुरक्षण आदेश जारी करते समय चीनी मिल की आवश्यकता के साथ-साथ चीनी मिल द्वारा गत वर्ष किये गये गन्ना मूल्य व समिति योगदान के भुगतान, क्षेत्र में कराये गये विकास कार्य गत वर्ष के सत्र के संचालन में उनकी कुशलता और चीनी मिल के प्रति गन्ना किसानों की राय को भी प्रमुखता दी जायेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार गन्ना किसानों के हितों के प्रति अत्यन्त तत्पर, सजग एवं सतर्क है और उनकी आय में वृद्धि हेतु हर संभावित उपाय करने को तैयार है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष प्रदेश में गन्ना उत्पादन व गन्ना पेराई के नये कीर्तिमान स्थापित हुए हैं, जिसके फलस्वरूप कतिपय चीनी मिलों को जून 2018 तक गन्ना पेराई करनी पड़ी है।







