UPCM: प्रदेश के समग्र विकास के लिए केन्द्र सरकार द्वारा हर सम्भव सहायता मिल रही

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 में बजट प्राविधान के सापेक्ष शासन द्वारा जारी स्वीकृतियों/विभागाध्यक्ष द्वारा आवंटित धनराशि/व्यय तथा भारत सरकार से लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्त धनराशि की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। विभागवार समीक्षा के उपरान्त मुख्यमंत्री ने व्यापक जनहित के विकास कार्यों में तेजी लाने, परियोजनाओं की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने के दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही समाप्त हो चुकी है। सभी विभागों द्वारा वर्तमान बजट में प्राविधानित धनराशि का यथोचित व्यय सुनिश्चित किया जाए। आवंटन और व्यय में तेजी लायी जाए। विभाग स्तर पर भी खर्च की समीक्षा की जाए। सम्बन्धित मंत्रीगण अपनी विभागीय स्थिति की समीक्षा करें। मुख्य सचिव द्वारा विभागीय आवंटन और व्यय की स्थिति की मासिक समीक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश के समग्र विकास के लिए केन्द्र सरकार द्वारा हर सम्भव सहायता मिल रही है। केन्द्र से सामंजस्य स्थापित कर अवशेष धनराशि प्राप्त की जाए। विभागीय मंत्रियों द्वारा स्वयं भारत सरकार के मंत्रीगणों से संवाद किया जाए। केन्द्रांश के अभाव में परियोजना बाधित न होने पाए। नियमानुसार राज्यांश निर्गत कर कार्य जारी रखा जाए। सभी विभाग शत-प्रतिशत उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर भेजना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, लोक निर्माण, खाद्य एवं रसद, नगर विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सिंचाई एवं जल संसाधन जैसे विभागों की योजनाएं सीधे तौर पर आम जनता को प्रभावित करने वाली हैं। इनमें तेजी की आवश्यकता है। विभागीय प्रमुख की यह जिम्मेदारी है कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं के सुगम क्रियान्वयन के लिए समय से धनराशि का आवंटन सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजनाएं समय पर प्रारम्भ हों, इसके लिए ई0पी0सी0 की प्रक्रिया को और तेज करने की आवश्यकता है। निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाए। ग्राम पंचायतों और नगरीय वॉर्डों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना महत्वपूर्ण है। बेसिक शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग के साथ समन्वय बनाते हुए उच्च शिक्षा विभाग इसे तेजी से क्रियान्वित कराए।

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